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अस्पताल के बेसमेंट में आग, खौफ में बीते डेढ़ घंटे, ऐसा था महिला डॉक्टरों का रिएक्शन

रांदेर रोड पर नवयुग कॉलेज के पास स्थित चार मंजिला रैना आर्केड में शनिवार सुबह आग लग गई।

Danik Bhaskar | Mar 25, 2018, 06:08 AM IST
पांच मंजिला अस्पताल की बिल्डिंग के बेसमेंट में आग लगने से अफरा- तफरी का माहौल हो गया। पांच मंजिला अस्पताल की बिल्डिंग के बेसमेंट में आग लगने से अफरा- तफरी का माहौल हो गया।

सूरत. शहर में एक पांच मंजिला अस्पताल की बिल्डिंग के बेसमेंट में आग लगने से अफरा- तफरी का माहौल हो गया। इस हादसे में 21 बाइक आग में जलकर खाक हो गई वहीं एक साइकल भी इसकी चपेट में आ गई। यह अच्छी खबर है कि इस हादसे में किसी की मौत नहीं हुई। 150 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। वहीं मरीजों को बाहर निकालने के बाद आंख के अस्पताल के 18 कर्मी टेरेस पर चढ़ गए थे। डेढ़ घंटे तक वे खौफ में रहे। आग बुझाने के बाद फायर ब्रिगेड के जवानों ने इन अस्पताल कर्मियों को सुरक्षित बाहर निकाला। सुरक्षित निकलने के बाद भी अस्पताल कर्मियों के चेहरे पर भय के भाव थे। खौफ के 3 घंटे...

- रांदेर रोड पर नवयुग कॉलेज के पास चार मंजिला रैना आर्केड में शनिवार सुबह आग लग गई। इस हादसे में धुएं से आई क्यू देसाई सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के 18 स्टाफ की तबीयत खराब हो गई।

- इन्हें अडाजण के शेल्बी अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इनमें से चार डॉक्टर हैं, जिनमें से तीन को आईसीयू में भर्ती कराया गया है। आग में 21 बाइक और एक साइकिल भी जल गईं।

- फायर ब्रिगेड ने बताया कि आग बेसमेंट में लगे मीटर बॉक्स में शार्ट सर्किट से लगी और वहां खड़ी मोटरसाइकिलों को अपनी चपेट में ले लिया।

- अडाजण, मोरा भागल और पालनपुर से फायर स्टेशन से छह फायर इंजन आग बुझाने में लगे थे। लगभग एक घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। किसी भी तरह की जनहानी की खबर नहीं है।

- इस घटना से पूरे कॉम्प्लेक्स में अफरातफरी मच गई। धुआं ग्राउंड और पहली मंजिल पर स्थित विजय सेल्स और तीसरी और चौथी मंजिल पर अस्पताल में भर गया।

- अस्पताल में भर्ती लगभग 100 मरीज और 50 परिवार के लोगों के साथ 30 स्टाफ के लोग इस धुएं से घिर गए। अस्पताल के डॉक्टर और स्टाफ ने मिलकर मरीजों और उनके परिजनों को तो सुरक्षित निकाल दिया, लेकिन 18 लोग वहीं फंस गए।

- इनमें चौथी मंजिल पर ऑपरेशन की तैयारी कर रहे डॉक्टर और स्टाफ के साथ वे लोग भी थे। बिल्डिंग में इतना धुअां भर गया था कि फंसे हुए लोगों को बाहर निकलने का रास्ता नहीं मिला। ये लोग अपनी जान बचाने के लिए टेरेस पर चढ़ गए।

डॉक्टर को किया डिस्चार्ज

- करीब एक घंटे में आग बुझा दी गई, तो फंसे हुए लोगों को बाहर निकाला गया। लोगों के निकालने में लगभग डेढ़ घंटे लग गए। इन सभी को अडाजण के शेल्बी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

- डॉ. जय शाह, डॉ. अमित पांडेय, डॉ. जिगर सोनी की हालत ज्यादा खराब थी, इसलिए उन्हें आईसीयू में रखा गया। अन्य 15 लोगों को जनरल वार्ड में रखा गया। शेल्बी अस्पताल के प्रबंधन ने बताया कि डॉ. परेश वैद्य को डिस्चार्ज कर दिया गया है।

12 ऑपरेशन की चल रही थी तैयारी
- धुएं में फंसे आई हॉस्पिटल के आर्टिकल सेल्स मैनेजर दर्शन ने बताया कि ओपीडी का समय था। किसी मरीज ने आग लगने की बात को लेकर शोर मचाया।

- इसके बाद हॉस्पिटल में अफरा-तफरी मच गई। अस्पताल में 10 से 12 आंख के मरीजों के ऑपरेशन की तैयारी की जा रही थी, जिसे रोक दिया।

कई को बचाया, पर खुद वहीं रह गए
- अडाजण पुलिस स्टेशन में कार्यरत पुलिसकर्मी हेमंत शिंदे रांदेर रोड से कहीं जा रहे थे। उन्होंने आग लगी देखी तो लोगों की मदद करने चले गए।

- हेमंत ने कई लोगों को तो बचा लिया, लेकिन खुद फंस गए। बाद में उन्हें सुरक्षित निकाल लिया गया। अडाजण पुलिस ने उन्हें 108 से अस्पताल पहुंचाया।

महिला डॉक्टरों के चेहरे पर मौत भय साफ नजर आ रहा था । महिला डॉक्टरों के चेहरे पर मौत भय साफ नजर आ रहा था ।
आग में फंसे 18 डॉक्टरों का रेस्क्यू करते लोग. आग में फंसे 18 डॉक्टरों का रेस्क्यू करते लोग.
धुआं ग्राउंड और पहली मंजिल पर स्थित विजय सेल्स और तीसरी और चौथी मंजिल पर अस्पताल में भर गया। धुआं ग्राउंड और पहली मंजिल पर स्थित विजय सेल्स और तीसरी और चौथी मंजिल पर अस्पताल में भर गया।
फायर स्टेशन से छह फायर इंजन आग बुझाने में लगे थे। फायर स्टेशन से छह फायर इंजन आग बुझाने में लगे थे।
दूर कुछ इस तरह नजर आ रही थी आग। दूर कुछ इस तरह नजर आ रही थी आग।