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डीजल सब्सिडी में कटौती का असर, मछली उद्योग से जुड़े 25 हजार परिवार हुए बेरोजगार

मछली पकड़ने के लिए जाने वाली 1700 से अधिक नावें समुद्र के किनारे आकर खड़ी हो गई हैं।

Dainik Bhaskar

Mar 26, 2018, 04:29 AM IST
fishers Families unemployed who linked to fish industry

पोरबंदर. डीजल की सब्सिडी में कटौती करने से मछुआरों की हालत खराब हो गई है। दो महीने पहले एक परिवार में एक बोट को डीजल देने के राज्य सरकार के निर्णय से पोरबंदर में मछली पकड़ने के लिए जाने वाली 1700 से अधिक नावें समुद्र के किनारे आकर खड़ी हो गई हैं। इससे मत्स्य उद्योग से जुड़े 25,000 परिवार बेरोजगार हो गए हैं। पोरबंदर में करीबन 2500 नाव हैं। अधिकांश मालिकों के पास एक से अधिक नाव हैं। पोरबंदर बोट एसोसिएशन ने मछुआरों के हित में डीजल की सब्सिडी बढ़ाने की मांग की है।

दीव के मछुआरों को लाभ, गुजरात को नहीं

बोट एसोसिएशन के अध्यक्ष भरतभाई मोदी ने बताया कि केंद्र सरकार ने मत्स्योद्योग को बढ़ावा देने के लिए वैट मुक्ति की घोषणा की है। जो दीव सहित दूसरे राज्यों को मिल रहा है पर गुजरात के मछुआरों को नहीं।

एक कार्ड पर सालाना 21,000 लीटर डीजल

नए नियम के अनुसार डीजल कार्ड धारक बोट मालिक को एक बोट के लिए सालभर में 21,000 लीटर डीजल मिलेगा। अब फिशरीज आॅफिस में डीजल का बिल नहीं स्वीकारा जा रहा है। इससे मछुआरों को वैट रिफंड के लिए मुश्किलें हो रही हैं।

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