सूरत

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माधवपुर महोत्सव से चीन को जवाब: रुक्मिणी के मायके की ओर से आए अरुणाचल के सीएम खांडू

भगवान कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की याद में 500 साल से लगता है लोक मेला

Danik Bhaskar

Mar 28, 2018, 02:34 AM IST
हम कन्यापक्ष से, वर पक्ष गुजरात : पेमा खांडू हम कन्यापक्ष से, वर पक्ष गुजरात : पेमा खांडू

पोरबंदर. माधवपुर महोत्सव में पहुंचे अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने कहा कि- वह कन्यापक्ष से हैं और गुजरात वर पक्ष है। गुजरात के मुख्यमंत्री रूपाणी ने कहा कि- हमारा देश विविधता में एकता वाला देश है। पुराने उत्सव-महोत्सव इस बात को स्थापित करते हैं। माधवपुर लोक मेले का आयोजन 500 साल से होता है। पहली बार सरकार के सहयोग से राष्ट्रीय महत्व के महोत्सव के रूप में ये पांच दिनी आयोजन हुआ है। रामनवमी से आरंभ हुए महोत्सव का मंगलवार को पांचवां दिन था। इसमें 500 से अधिक कलाकार प्रस्तुति दे रहे हैं।

यह है मान्यता

रुक्मिणी विदर्भ देश की थीं- जो अब अरुणाचल प्रदेश कहलाता। भगवान कृष्ण रुक्मिणी का अपहरण करके माधवपुर पहुंचे और यहां विवाह किया था। भगवान कृष्ण-रुक्मिणी विवाह की याद में 500 साल से माधवपुर घेड़ में लोक मेला लगता है। माधवपुर महोत्सव के मंच से अरुणाचल प्रदेश के भारत का अभिन्न अंग होने की बात स्थापित करते हुए संदेश दिया गया है।

ये रहे मौजूद

गुजरात के माधवपुर महोत्सव में मंगलवार को अरुणाचल के मुख्यमंत्री पेमा खांडू, अरुणाचल के राज्यपाल ब्रिगेडियर बीडी मिश्रा, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बिरने सिंह और केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री किरन रिजीजू -महेश शर्मा मौजूद थे। पेमा खांडू ने यहां खुद को कन्यापक्ष का प्रतिनिधि बताया। भगवान कृष्ण-रुक्मिणी के विवाह के उपलक्ष्य में माधवपुर घेड़ में पांच दिनी महोत्सव चल रहा है।

सदियों से नाता है, हमें इसका गर्व: अथुलो मेन्जोय

सदियों से अरूणाचल भारत से जुड़ा है। ये जुड़ाव सांस्कृतिक और धार्मिक भी है। इससे अरूणाचलवासियों को गर्व है। हम माधवपुर में कन्यापक्ष के परिवारजनों के रूप में आए हैं। रुक्मिणीजी को भगवान माधवरायजी ने जो प्रेमसंबंध दिया-उसका अरूणाचल के हर नागरिक को कोटि-कोटि गौरव है।

पहली बार राष्ट्रीय स्तर पर
माधवपुर लोक मेले को केन्द्र सरकार ने इस साल से राष्ट्रीय त्योहार के रूप में मान्यता दी है। विविध राज्यों के कलाकार मंच पर प्रस्तुति देने आए हैं।

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