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GST से टैक्स टेरेरिज्म आया, सूरत में डॉ. सिंह का मोदी पर प्रहार

टेक्सटाइल से जुड़े बड़े एसोसिएशन के अलावा टेक्सटाइल नेताओं और सूरत के व्यापारियों को उनके आने की जानकारी नहीं थी।

Dainik Bhaskar

Dec 02, 2017, 04:37 PM IST
पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह का उद्योगपतियों, व्यापारियों से संवाद। पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह का उद्योगपतियों, व्यापारियों से संवाद।

सूरत। शनिवार को पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह सूरत आए। यहां उन्होंने चुनिंदा उद्योगपतियों से संवाद किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि जीएसटी से टैक्स टेररिज्म आया है। इसके बाद होटल ताज गेटवे पर उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी पर प्रहार करते हुए उन्होंने कहा कि जीएसटी बहुत ही अच्छा आइडिया है। कांग्रेस इसका सपोर्ट करती है। पर जीएसटी को उचित तरीके से लागू नहीं किया गया है। और क्या कहा मनमोहन सिंह ने…

-आपके द्वारा खड़े किए गए प्रश्न नहीं थे, इसके बाद भी आपने सहन किया। नोटबंदी और जीएसटी के समय में कांग्रेस पार्टी आपके साथ रही।

-आपने प्रधानमंत्री पर विश्वास किया है, इस आशा से कि देश का फायदा होगा। मैं आपके कमिटमेंअ को सलामी देता हूं, अफसोस, ऐसा नहीं हुआ।

-प्रधानमंत्री ने दावा किया है कि वे गुजरात और गरीबों को समझते हैं, पर उनके निर्णयों से उन गरीबों को कितनी परेशानी हुई, इसे वे क्यों नहीं समझ पाए?

-जीएसटी एक अच्छा विचार था, पर भाजपा सरकार की दिशाहीनता और खराब अमलीकरण के कारण हाल बुरे हो गए।

-सूरत का बिजनेस विश्वास और संबंधों पर चलता है। विश्वास के बिना सूरत टूट जाता है। पर आपने पीएम पर अच्छे दिनों के लिए जरूरत से ज्यादा विश्वास कर लिया।

-केवल सूरत में 89000 लूम्स कबाड़ में गया और 31 हजार कारीगर बेरोजगार हो गए। ऐसी दूसरी कई इंडस्ट्री भी हैं।

-नोटबंदी से मुझे आश्चर्य हुआ, पीएम को ऐसी सलाह किसने दी?

-कालेधन और करचोरी पर अंकुश लगाना जरूरी था, पर नोटबंदी उसका उपाय नहीं था। हमें भी ऐसी सलाह दी गई थी, पर हमने जवाबदार सरकार के रूप में उसे लागू नहीं किया।

उद्योगपतियों, व्यापारियों से संवाद

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी, आनंद शर्मा के बाद अब पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी अब जीएसटी के मामले में सूरत आए हैं। उद्योगपतियों के संगठन, टेक्सटाइल व्यापारियों, विवर्स, हीरा उद्योगपतियों तथा कांग्रेस के व्यापारी कार्यकर्ताओं के सा सिटीलाइट साइंस सेंटर में संवाद का आयोजन किया गया था। इसमें जीएसटी के संबंध में चर्चा की गई। उल्लेखनीय है कि जीएसटी के कारण 31 हजार कारीगरों ने अपना रोजगार खो दिया।

व्यापारियों को मनमोहन सिंह के आने की जानकारी नहीं मिली

जीएसटी को अमल में लाए 5 महीनों बीत चुके हैं, इसके बाद भी कपड़ा बाजार की गाड़ी अभी तक पटरी पर नहीं आ पाई है। जीएसटी के सरलीकरण के लिए दिल्ली तक पहुंचे टेक्सटाइल से जुड़े बड़े एसोसिएशन के अलावा टेक्सटाइल नेताओं और सूरत के व्यापारियों के साथ मीटिंग करने आए पूर्व प्रधानमंत्री डॉ.मनमोहन सिंह के कार्यक्रम के संबंध में कोई जानकारी नहीं होने की भी खबर है।

आगे की स्लाइड्स में देखें PHOTOS
जीएसटी आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले शहर सूरत के उद्योगपतियों-व्यापारियों ने अपनी तरफ करने के लिए लागातार उनके साथ संवाद कर रही है। जीएसटी आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले शहर सूरत के उद्योगपतियों-व्यापारियों ने अपनी तरफ करने के लिए लागातार उनके साथ संवाद कर रही है।
जीएसटी के संबंध में संवाद आयोजित किया गया। जीएसटी के संबंध में संवाद आयोजित किया गया।
कई उद्योगपतियों को इसकी जानकारी ही नहीं थी। कई उद्योगपतियों को इसकी जानकारी ही नहीं थी।
सिटीलाइट साइंस सेंटर में संवाद का आयोजन किया गया। सिटीलाइट साइंस सेंटर में संवाद का आयोजन किया गया।
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पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह का उद्योगपतियों, व्यापारियों से संवाद।पूर्व पीएम डॉ. मनमोहन सिंह का उद्योगपतियों, व्यापारियों से संवाद।
जीएसटी आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले शहर सूरत के उद्योगपतियों-व्यापारियों ने अपनी तरफ करने के लिए लागातार उनके साथ संवाद कर रही है।जीएसटी आंदोलन में प्रमुख भूमिका निभाने वाले शहर सूरत के उद्योगपतियों-व्यापारियों ने अपनी तरफ करने के लिए लागातार उनके साथ संवाद कर रही है।
जीएसटी के संबंध में संवाद आयोजित किया गया।जीएसटी के संबंध में संवाद आयोजित किया गया।
कई उद्योगपतियों को इसकी जानकारी ही नहीं थी।कई उद्योगपतियों को इसकी जानकारी ही नहीं थी।
सिटीलाइट साइंस सेंटर में संवाद का आयोजन किया गया।सिटीलाइट साइंस सेंटर में संवाद का आयोजन किया गया।
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