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रामनवमी: दर्शन के लिए रखी जाएगी 222 तोले सोने की स्याही से लिखी रामायण

9 महीने और 9 घंटे में लिखी गई पूरी रामायण, 19 किलो की किताब के मुख्य पृष्ठ पर चांदी के गणेश

Dainik Bhaskar

Mar 24, 2018, 02:14 AM IST
जर्मनी के कागज पर रची गई है यह रामायण जर्मनी के कागज पर रची गई है यह रामायण

सूरत. चैत्र रामनवमी के अवसर पर रविवार, 25 मार्च को सुबह 9 बजे से शाम 7 बजे तक 222 तोले सोने की स्याही से लिखी रामायण भक्तों के दर्शन के लिए भेस्तान स्थित लुहार फलिया में रामभक्त रामअयन के निवास स्थान पर रखी जाएगी। इस रामायण को 1981 में रामअयन के परदादा रामभाई गोकर्णभाई भक्त ने लिखी थी। 19 किलो वजनी और 530 पन्ने की इस किताब में 222 तोला सोना, 10 किलो चांदी, चार हजार हीरा के साथ माणिक और पन्ना जैसे रत्नों का प्रयोग किया गया है। किताब की जिल्द पांच-पांच किलो चांदी की बनाई गई है।

- हीरे का प्रयोग अक्षरों को शाइनिंग देने के लिए किया गया है। भगवान श्रीराम का जीवन काल स्वर्ण काल के समान है। इसी को प्रदर्शित करने के लिए सोने की स्याही से यह रामायण लिखी गई।

- भेस्तान निवासी गुरुवंत भाई ने बताया कि विश्व की यह पहली रामायण है जिसमें पूर्ण रूप से हीरे, माणिक, पन्ना और नीलम का प्रयोग किया गया है। इस किताब की कीमत करोड़ो रुपए है। रामायण के मुख्य पृष्ठ पर एक तोले चांदी की शिव प्रतिमा, आधा तोले की हनुमान और आधे तोले की गणेश प्रतिमा जड़ी गई है।

जर्मनी के कागज पर रची गई है यह रामायण

गुरुवंत भाई ने बताया कि इस रामायण को जर्मनी से मंगाए गए कागज पर लिखा गया है। इस कागज को धोने के बाद इस पर दोबारा लिखा जा सकता है। जर्मनी का यह कागज इतना सफेद है कि धुले हाथ से छूने के बाद भी इस पर दाग लग जाता है।

आस्था: सिर्फ पुष्य नक्षत्र में लिखी गई 530 पन्ने की रामायण में 5 करोड़ बार प्रभु श्रीराम का नाम
- मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम जी के जन्मदिन के अवसर पर सोने से लिखी गई इस रामायण की पूजा की जाती है। भक्त इसके दर्शन साल में सिर्फ तीन बार गुरुपूर्णिमा, रामनवमी और दीपावली के दूसरे दिन यानी नववर्ष पर ही कर पाते हैं। इसे लिखने वाले रामभाई गोकर्णभाई भक्त के परपौत्र रामअयन की पत्नी इंदु बहन ने बताया कि इस रामायण का महत्व सबसे अलग है।

- 1981 में पुष्य नक्षत्र में यह रामायण लिखी गई थी। हर माह के पुष्य नक्षत्र में ही इसे लिखा जाता था। इस तरह कुल 9 महीने और 9 घंटे में यह पूरी रामायण तैयार की गई। इस रामायण को तैयार करने में 12 लोग शामिल थे।

- इस स्वर्ण रामायण के कुल 530 पन्ने प्रभु राम के जीवन चरित्र का वर्णन करते हैं। इन पन्नों पर पिघले सोने के अक्षरों को अंकित किया गया है। इस पूरी किताब में प्रभु श्री राम का नाम 5 करोड़ बार लिखा गया है।

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