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दुकान सील नहीं करने के लिए 40 हजार की रिश्वत ली, GST अधिकारी और CA अरेस्ट

1.10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी, बाद में मामला 40 हजार पर फाइनल हुआ था

Danik Bhaskar | Mar 18, 2018, 04:18 AM IST

सूरत. एंटी करप्शन ब्यूरो ने शनिवार को एक जीएसटी अधिकारी और मध्यस्थ चार्टर्ड एकाउंटेंट को 40 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया है। अधिकारी ने एक मिठाई विक्रेता की दुकान सील नहीं करने के लिए सीए के माध्यम से 1.10 लाख रुपए की रिश्वत मांगी थी। बाद में मामला 40 हजार पर फाइनल हुआ था।


एसीबी के अनुसार, मिठाई दुकानदार के यहां 10 मार्च को सीजीएसटी अधिकारी, मोबाइल स्क्वॉड (अन्वेषण विभाग) कंचनभाई पितांबरदास सागर ने सर्वे की कार्रवाई की थी। दुकानदार के पास जीएसटी से जुड़े कागजात नहीं थे। कड़ी कार्रवाई से बचाने के लिए जीएसटी अधिकारी ने टैक्स के 30 हजार और रिश्वत के 80 हजार रुपए की मांग की। उसने इसके लिए सीए अभिषेक नितिन कुमार वखारिया को मध्यस्थ बनाया। बाद में अधिकारी कंचनभाई 40 हजार पर मामला सेटल करने को तैयार हो गया। फिर दुकानदार ने इसकी शिकायत एसीबी से की।

- एसीबी के पीआई एनपी गोहिल ने सहयोगी अधिकारी आरएस पटेल के साथ मिलकर रिश्वतखोर जीएसटी अधिकारी को पकड़ने के लिए ट्रैप किया। शनिवार को शिकायतकर्ता एसीबी अधिकारी के साथ सीए अभिषेक के ऑफिस पहुंचा। अभिषेक ने रिश्वत की रकम ली और फिर पैसे पहुंच जाने की जानकारी देने के लिए दुकानदार की बात कंचनभाई से कराई। बाहर इंतजार कर रही एसीबी की टीम ने तुरंत छापा मारा और पहले सीए और फिर कंचन भाई को गिरफ्तार कर लिया। दोनाें से पूछताछ जारी है।

सूरत के लहंगा कारोबारी के ठिकाने पर पहली बार जीएसटी विभाग का सर्वे

- शहर के लहंगा कारोबारी के ठिकाने पर जीएसटी विभाग ने पहली बार सर्वे की कार्रवाई की है। कपड़े के एक अन्य बड़े कारोबारी के यहां भी कार्रवाई की गई। स्टिच, हाफ स्टिच और एक हजार से अधिक कीमत के लहंगे पर 12 के बजाए 5% जीएसटी लगाकर बेचा जाता था। व्यापारी इसके लिए लहंगे का एचएसए कोड बदल देते थे।

- दैनिक भास्कर ने 26 नवंबर 2017 को लहंगे पर टैक्स की दो अलग-अलग दरें लगाने से संबंधित खबर प्रकाशित कर व्यापारियों को आगाह किया था। शनिवार को छुट्टी के दिन सीजीएसटी अधिकारियों ने मिलेनियम मार्केट स्थित रचित फैशन प्राइवेट लिमिटेड में सर्वे की कार्रवाई की।

- वहीं, एसजीएसटी अधिकारियों ने सजनी लेडी कलेक्शन के यहां कार्रवाई कर 4 लाख की जीएसटी चोरी पकड़ी। दोनों ही मामलों में अभी जांच जारी है। सूत्रों के अनुसार रचित फैशन ने कम टर्न ओवर दिखाने की कोशिश की है। माल भेजने के बाद ई-वे बिल भी डिलीट किए जाने की शिकायत है।