--Advertisement--

BJP को 2014 लोकसभा चुनाव में 60% वोट मिले थे, 18% वोट कांग्रेस में शिफ्ट हों तो ही हार

गुजरात में बीजेपी छठी बार सरकार में आएगी या 22 साल बाद कांग्रेस करेगी वापसी।

Danik Bhaskar | Dec 08, 2017, 06:23 AM IST

अहमदाबाद. गुजरात में पहले फेज की वोटिंग शनिवार को होगी। बीजेपी छठी बार राज्य में सरकार बनाएगी या 22 साल बाद कांग्रेस की वापसी होगी, इसका फैसला 18 दिसंबर को होगा। हालांकि, इस बार दोनों पार्टियों में कांटे की टक्कर है। पिछले 4 विधानसभा चुनावों में दोनों पार्टियों के वोट शेयर में महज 9-10 % का अंतर रहा है। राज्य में दो पार्टियां ही हैं, इसलिए तीसरी पार्टी को वोट शिफ्ट होने का डर भी नहीं होता है। 1995 के चुनाव में कांग्रेस को 32.9% और बीजेपी को 42.5% वोट मिले थे। वोटों का अंतर 10% था। 2012 में बीजेपी को 47.9% वोट और कांग्रेस को 38.9% वोट मिले। अंतर महज 9% रहा। 2014 लोकसभा चुनाव में बीजेपी राज्य की सभी 26 सीटें जीतने में सफल रही थी।

कांग्रेस कब जीत सकती है?

- बीजेपी एक ही स्थिति में हार सकती है, जब लोकसभा में मिले वोटों में से 18% वोट कांग्रेस में ट्रांसफर हो जाएं, पर राज्य में 1962 के बाद से आज तक किसी भी पार्टी का लोकसभा के बाद विधानसभा चुनाव में 18% वोट कम नहीं हुआ है। अधिकतम 10% वोट बैंक ही स्विंग हुए हैं।

# 3 प्वाइंट्स में समझें बीजेपी कितनी मजबूत?

1) चार चार चुनावों में 114 से अधिक सीटें जीती है

- बीजेपी 22 साल से राज्य में सत्ता में है। बीते चार चुनावों में 114 से अधिक सीटें जीती है। 45 सीटें ऐसी हैं, जिन पर वह लगातार 15 साल से जीतती आ रही है।

2) 26 सीटें जीती थीं पिछले लोकसभा में

- बीजेपी को 2014 के आम चुनाव 60% वोट मिले थे। सभी 26 सीटें जीती थीं। राज्य की 182 में से 161 सीटों पर बीजेपी आगे थी। इन 161 सीटों में से यदि 15 हजार वोट कांग्रेस में शिफ्ट हो जाएं, तब भी वो 70 सीट ही जीत पाएगी।


3) बीजेपी को सबसे कम वोट कब मिले?

- 1985 विधानसभा चुनाव में कांग्रेस को 55.5% वोट मिले थे, जबकि बीजेपी को 15% वोट मिले थे। 1990 में कांग्रेस को 30.7% वोट मिले और बीजेपी को 26.7% वोट मिले। यह दो चुनावों में सबसे बड़ी गिरावट है।

# कांग्रेस को कितना मौका?

1) मोदी के सामने राज्य में लगातार मजबूत हुई कांग्रेस:

- कांग्रेस ने राज्य मेंं पिछले तीन चुनावों में सीटों में इजाफा किया है। हालांकि, यह बहुत ज्यादा नहीं रहा है। यदि कांग्रेस इस बार 4 से 5% अपना वोट बैंक बढ़ाती है, तो बीजेपी की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मोदी के दिल्ली जाने के बाद बीजेपी कमजोर पड़ी है। पाटीदार, दलित, ओबीसी आंदोलन से आनंदीबेन को सीएम पद से हाथ तक धोना पड़ा।


2) पंचायत चुनावों में कांग्रेस को 52% वोट मिले

- राज्य में पंचायत चुनावों में बीजेपी को झटका लगा। कांग्रेस को 52% और बीजेपी को 44% वोट मिले। यानी बीजेपी को लोकसभा चुनाव में मिले वोटों में से 16% वोट कम मिले। कांग्रेस 31 में से 23 जिला तालुका और 193 में से 113 तहसील पंचायत जीत गई। यह बीते दो दशक में पंचायत चुनाव में कांग्रेस का सबसे शानदार प्रदर्शन रहा।

3) 23 सीटें लगातार दो चुनावों से जीत रही

- कांग्रेस राज्य की 23 सीटें लगातार दो चुनाव से जीत रही है। इनमें 10 सीटें 15 साल या उससे अधिक वक्त से जीत रही है। लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 17 विधानसभा सीटों पर पार्टी को बढ़त मिली थी।

पहले फेज की 89 सीटों पर चुनाव प्रचार खत्म, शनिवार को वोटिंग

- गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले फेज का चुनाव प्रचार गुरुवार शाम को थम गया। कच्छ-सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात की 89 सीटों पर शनिवार को वोटिंग होगी। कुल 977 प्रत्याशी मैदान में हैं। इनमें 920 पुरुष और 57 महिला प्रत्याशी हैं। 2.12 करोड़ वोटर मतदान करेंगे।

- बीजेपी सभी 89 सीटों पर चुनाव लड़ रही है, जबकि कांग्रेस 87 सीटों पर, दो सीट गठबंधन पार्टी को दी है। इस चरण में मुख्यमंत्री विजय रूपाणी, बीजेपी अध्यक्ष जीतू वाघाणी, कैबिनेट मंत्री पुरुषोत्तम सोलंकी, बाबू बोखीरिया, पूर्व मंत्री सौरभ पटेल और कांग्रेस नेता अर्जुन मोढवाडिया, शक्ति सिंह गोहिल, इंद्रनील राज्यगुरु और ललित वसोया भी मैदान में हैं।

10% सिद्दी युवा पहली बार करेंगे वोट

- सोमनाथ से 25 किमी दूर गिर क्षेत्र में जांबूर गांव है। यहां हब्शी या सिद्दी आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं, जो कि मूल रूप से अफ्रीकी सूफी मुस्लिम हैं। भारत में इस समुदाय के 19,514 लोग हैं। इनमें 8,661 गुजरात में हैं। करीब 7 हजार इसी इलाके में रहते हैं। इस समुदाय के करीब 10% युवा इस बार पहले फेज में मतदान करेंगे। वे पहली बार मतदान को लेकर उत्साहित हैं। वे राजनीतिक चर्चा भी कर रहे हैं।

सोमनाथ के जांबूर गांव में हब्शी या सिद्दी आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं। (फाइल) सोमनाथ के जांबूर गांव में हब्शी या सिद्दी आदिवासी समुदाय के लोग रहते हैं। (फाइल)