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गुजरात : पहले फेज में पिछले असेंबली चुनावों के मुकाबले 2% कम वोटिंग, दुविधा बढ़ी

पहली बार EVM के साथ वीवीपैट का इस्तेमान गुजराती वाेटर्स के लिए ताज्जुब की बात रही।

Danik Bhaskar | Dec 10, 2017, 04:18 AM IST
पाटडी  के रण स्थित अगरिया बस्ती निवासी 103 वर्षीय वृद्धा पसीबेन ने लोकतंत्र के प्रति भारी उत्साह दिखाया। 101 डिग्री बुखार होने के बावजूद एक से डेढ़ किमी की दूरी खटिया पर और 47 किमी ऑटो रिक्शा से पोलिंग बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। -मनीश पारीख पाटडी के रण स्थित अगरिया बस्ती निवासी 103 वर्षीय वृद्धा पसीबेन ने लोकतंत्र के प्रति भारी उत्साह दिखाया। 101 डिग्री बुखार होने के बावजूद एक से डेढ़ किमी की दूरी खटिया पर और 47 किमी ऑटो रिक्शा से पोलिंग बूथ पर पहुंचकर मतदान किया। -मनीश पारीख

गांधीनगर. गुजरात विधानसभा के प्रथम चरण में 89 सीटों के लिए कच्छ, सौराष्ट्र और दक्षिण गुजरात के 19 जिलों में शांतिपूर्ण माहौल में मतदान हुआ। हालांकि, सुबह से शुरू हुए मतदान के प्रति लोगों में नीरसता देखी गई। लेकिन दोपहर बाद लोकतंत्र के महापर्व में शामिल होने वालों की संख्या बढ़ी। चुनाव आयोग के अनुसार शाम 5 बजे तक कुल 68 फीसदी मतदान हुआ। जबकि, 2012 में पहले चरण में 70 प्रतिशत मतदान हुआ था। गुजरात विधानसभा चुनाव में पहली बार ईवीएम के साथ वीवीपैट का प्रयोग किया गया, जो मतदाताओं के लिए ताज्जुब की बात रही।

10 जिलों में 70% से ज्यादा वोटिंग

इस बार पहले चरण में 10 जिलों में 70% से ज्यादा मतदान हुआ। सबसे ज्यादा 75% मतदान मोरबी और नवसारी में। 2012 -में पांच जिलों में 70 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ था।

9 जिलों में 60% से ज्यादा मतदान

अमरेली, जामनगर, जूनागढ़ और भुज में 65 प्रतिशत से ज्यादा मतदान हुआ है।

महत्वपूर्ण सीटों पर मतदान

- सीएम रूपाणी के राजकोट में 70%, परेश धानाणी के अमरेली में 67%, जीतू वाघाणी के भावनगर में 62%, मोढ़वाडिया के पोरबंदर में 60, जीएसटी और पाटीदार आंदोलन केंद्र में 70% मतदान।

- 2012 के विधानसभा चुनाव की तुलना में इस बार 2 प्रतिशत कम हुआ मतदान
- 13 शहरों में ईवीएम को लेकर की गई शिकायत, चुनाव आयोग ने दी क्लीन चिट
- नर्मदा जिले में औसत से 10 प्रतिशत कम वोटिंग, दो जिलों में मामूली बढ़ोतरी

ईवीएम की हैकिंग की खबरें गलत : अायोग

- मुख्य चुनाव आयुक्त एके ज्योति ने ईवीएम में खराबी पर कहा, कुछ मशीनें खराब पाई गईं जिन्हें बदल दिया गया। ब्लूटूथ के जरिए ईवीएम की हैकिंग की खबरों पर चुनाव आयोग ने कहा कि ब्लूटूथ और ईवीएम में कोई कनेक्शन नहीं है। ईवीएम मशीनों में ऐसा हो पाने के लिए ना तो रिसेप्टर्स होते हैं और न ही वायरिंग। इसलिए ऐसी खबरें गलत हैं।

- बता दें कि कांग्रेस के नेता अर्जुन मोढ़वाडिया ने कहा था कि पोरबंदर के मुस्लिम बहुल इलाके के 3 मतदान केंद्रों पर ईवीएम के ब्लूटूथ से कनेक्ट होने की बातें सामने आ रही है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा कि हार से पहले कांग्रेस ईवीएम का बहाना बना रही है।


शांति भंग : झगड़े के तीन मामले दर्ज
मुख्य चुनाव अधिकारी बीबी स्वैन ने बताया कि प्रथम चरण के मतदान के दौरान तीन जगहों पर मारपीट, झगड़े की तीन वारदाते निकट के पुलिस थानों में दर्ज हुई है। सुरेंद्रनगर जिला के सायला तहसील के चोरवीरा गांव में दो गुटों के बीच हुई मारपीट में कई लोग घायल हो गए। यद्यपि झगड़े का कारण चुनाव नहीं था।


सौराष्ट्र के 4 जिलों में पाटीदार फैक्टर
पाटीदार आंदोलन के समय दक्षिण सौराष्ट्र के चार जिलों में अमरेली, जूनागढ़, गिर सोमनाथ, पोरबंदर एपी सेंटर थे। अमरेली, धारी और लाठी की सीटों पर पाटीदारों का वर्चस्व है। वहीं, जूनागढ़, विसावदर, माणावदर, राजकोट की मोरबी व टंकारा सीट पर भी पाटीदार हैं। यहां के नतीजे परिणामों को प्रभावित करेंगे।

मतदान पर मोदी बोले- ‘धन्यवाद गुजरात’

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने गुजरात विधानसभा चुनाव के पहले चरण में भारी संख्या में मतदान में हिस्सा लेने के लिए राज्य के लोगों का आभार व्यक्त किया है। पहले चरण का मतदान समाप्त होते ही मोदी ने ट्वीट कर राज्य के लोगों का शुक्रिया अदा किया। उन्होंने लिखा, ‘धन्यवाद गुजरात, रिकाॅर्ड संख्या में मतदान करने के लिए गुजरात की मेरी बहनाें और भाइयों के प्रति आभार। मुझे दिख रहा है कि प्रत्येक गुजराती के प्रेम और समर्थन की ताकत से भाजपा ऐतिहासिक जीत की ओर बढ़ रही है।’

सुरेन्द्रनगर जिले मके पनशिना गांव में पोलिंग बूथ से वोट देकर बाहर निकलती महिला। सुरेन्द्रनगर जिले मके पनशिना गांव में पोलिंग बूथ से वोट देकर बाहर निकलती महिला।