सूरत

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हाईकोर्ट का अहम फैसला- पत्नी से संबंध बनाने का हक, लेकिन सहमति के बिना नहीं

पति के खिलाफ दुष्कर्म का मामला रद्द किया

Danik Bhaskar

Apr 03, 2018, 01:59 AM IST
पत्नी की शिकायत पर पति के खिलाफ दर्ज मामले में दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य की धाराएं रद्द करने के आदेश दिए हैं। (फाइल) पत्नी की शिकायत पर पति के खिलाफ दर्ज मामले में दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य की धाराएं रद्द करने के आदेश दिए हैं। (फाइल)

अहमदाबाद. गुजरात हाईकोर्ट ने पत्नी की शिकायत पर पति के खिलाफ दर्ज मामले में दुष्कर्म और अप्राकृतिक कृत्य की धाराएं रद्द करने के आदेश दिए हैं। जस्टिस जेबी पारडीवाला ने कहा कि पति के पत्नी पर दुष्कर्म-अप्राकृतिक संबंध के कृत्य को कानूनी प्रावधान के तहत अपराध नहीं माना जाता। हालांकि उन्होंने ऐसे कृत्य को अपराध मानने की सिफारिश की है। एक डॉक्टर दंपती के मामले में हाईकोर्ट ने यह व्यवस्था दी है। डॉक्टर पति के खिलाफ पत्नी ने दुष्कर्म-अप्राकृतिक कृत्य की शिकायत दर्ज करवाई थी जिन्हें रद्द कर दिया। हालांकि महिला शील भंग की धारा जोड़ने का पुलिस को आदेश दिया है।

- अदालत ने पुरुष वर्ग की इस मान्यता को चिंताजनक बताया कि विवाह के बाद पुरुष पत्नी के साथ कुछ भी कर सकता है। उन्होंने कहा कि पति को पत्नी के साथ संबंध बनाने का हक है लेकिन यह उसकी सहमति के बिना नहीं होना चाहिए, वह उसकी संपत्ति नहीं है।

- इस तरह के मामलों में इससे जुड़े कानूनी प्रावधानों की समीक्षा की जरूरत भी बताई है। आरोपित डॉक्टर के माता-पिता के खिलाफ दर्ज मामला रद्द करने का भी आदेश दिया।

गुजरात हाईकोर्ट का अहम फैसला । (फाइल) गुजरात हाईकोर्ट का अहम फैसला । (फाइल)
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