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गुजरात के इसी स्थान पर राम ने खाए थे शबरी के जूठे बेर

शबरीधाम में 2006 में शबरीकुंभ के बाद यह स्थान देश-दुनिया के नक्शे पर छा गया।

Dainik Bhaskar

Mar 26, 2018, 12:26 PM IST
शबरीधाम। शबरीधाम।

सापुतारा। दंडकारण्य वनभूमि डांग में भगवान श्रीराम के चरण-कमल शबरी मां की झोपड़ी पर पड़े थे। इस स्थान को शबरीधाम के नाम से जाना जाता है। किंवदंती है कि त्रेतायुग में श्रीराम सीता माता को खोजते हुए डांग के दंडकारण्य से गुजरते हुए शबरी की झोपड़ी में रुके थे। जहां उन्होंने शबरी के जूठे बेर ग्रहण किए थे। 2006 में यहा शबरीकुंभ का आयोजन हुआ, तब से यह स्थान पूरे विश्व में प्रसिद्ध हो गया। सरकार द्वारा विकास कार्य…

राज्य सरकार ने भगवान राम से जुड़े दक्षिण गुजरात के मांडवी के पास रामेश्वर तथा उनाई, डांग के शबरीधाम और करीब 15 करोड़ की लागत से मंदिर और चबूतरे का निर्माण किया गया है। इसके अलावा पंपा सरोवर स्थित घाट और भक्तों के लिए पार्किंग और शौचालय की व्यवस्था की जा रही है। भील परिवार में जन्म लेने वाली शबरीमाता केा जीवन सरल और भक्ति से ओतप्रोत रहा। पूज्य गुरु मातंग ऋषि ने उन्हें ज्ञानदीक्षा अौर भक्तिदीक्षा देकर यह आशीर्वाद दिया कि भगवान स्वयं आपकी झोपड़ी में पधारेंगे। पूरी श्रद्धा और आस्था रखने के बाद आखिर में शबरी की झोपड़ी में भगवान श्रीराम को आना पड़ा।

यही बैठकर श्री राम ने शबरी के जूठे बेर ग्रहण किए थे। यही बैठकर श्री राम ने शबरी के जूठे बेर ग्रहण किए थे।
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शबरीधाम।शबरीधाम।
यही बैठकर श्री राम ने शबरी के जूठे बेर ग्रहण किए थे।यही बैठकर श्री राम ने शबरी के जूठे बेर ग्रहण किए थे।
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