Hindi News »Gujarat »Surat» India S First Honey Enrichment Museum In Kutch Of Gujarat

देश का पहला शहद संवर्धन म्युजियम गुजरात के कच्छ में खुलेगा

चाडवा रखाल के पास बनेगा रिसर्च सेंटर, 10-11 मार्च को राज्य स्तरीय प्रशिक्षण शिविर का होगा आयोजन

Bhaskar News | Last Modified - Mar 02, 2018, 03:20 AM IST

  • देश का पहला शहद संवर्धन म्युजियम गुजरात के कच्छ में खुलेगा
    +1और स्लाइड देखें

    भुज (गुजरात). कच्छ के किसान एवं कारीगरों को योग्य मार्गदर्शन एवं प्रशिक्षण मिलता है तो शहद आर्थिक फायदे के साथ साथ पर्यावरण जतन का महत्वपूर्ण परिबल बन सकता है। शहद संवर्धन के लिए देश का प्रथम म्युजियम आगामी कुछ वर्षों में कच्छ में निर्माण होगा। एकमात्र रिसर्च सेंटर पुणे में कार्यरत है। अब कच्छ में भी ऐसा ही रिसर्च सेंटर कार्यरत करने के लिए आयोजन किया जा रहा है।


    कच्छ में निर्माण होने वाले म्युजियम में शहद की विभिन्न जाति एवं जीवित निदर्शन के साथ स्कूली बच्चों के लिए भी जानकारी उपलब्ध करने के लिए प्रयास शुरू किए जा रहे हैं। इस म्युजियम को बनाने के लिए आधुनिक टेक्नोलॉजी का उपयोग किया जाएगा। आगामी 10-11 मार्च को भुज के वाडासर के पास स्थित नेचर फार्म के पास राज्य स्तरीय मधुमक्खी प्रशिक्षण संवर्धन शिविर का आयोजन किया गया है।

    इस संबंध में जानकारी के लिए एक प्रेस कान्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस अवसर पर मनजी केराई एवं अनिल महेता ने जानकारी देते हुए कहा कि कच्छ में मात्र गुजरात ही नहीं बल्कि भारत का शहद एकत्रीकरण सेंटर बन सकता है। शहद संवर्धन के लिए आवश्यक जानकारी प्राप्त हो इसके लिए देश के 20 से अधिक वैज्ञानिक कच्छ में आकर शहद संवर्धन के प्रति जानकारी देंगे। इस शिविर का आयोजन जिला कृषि विभाग, केवीआईसी, भुज एपीएमसी, एनडीबी, विश्व मानव कल्याण फाउंडेशन एवं महाशक्ति खादी ग्रामोद्योग ट्रस्ट के संयुक्त उपक्रम पर किया गया है।

    5 राज्यों से आएंगे वैज्ञानिक

    चावडा रखाल के पास आयोजित इस प्रशिक्षण शिविर में हरियाणा, पंजाब, गुजरात, महाराष्ट्र एवं दिल्ली ऐसे 5 राज्यों से 20 वैज्ञानिक आएंगे। उनके साथ स्थानीय कृषि विभाग के अधिकारी भी उपस्थित रहेंगे। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य शहद निकालने की सही पद्धति का उपयोग कर इसे नैसर्गिक सुंदरता बरकरार रखना है।

    राज्य का 90 फीसदी शहद कच्छ में होता है

    राज्य का 90 फीसदी शहद अकेले कच्छ में होता है। प्रति वर्ष कच्छ में 100 टन से अधिक शहद उत्पादित होता है। प्रशिक्षण के माध्यम से इस वर्ष एक नहीं बल्कि तीन बार शहद ले सकते हैं और छत्ते का दूसरी बार उपयोग कर सकें ऐसी तकनीक विकसित की जाएगी।

  • देश का पहला शहद संवर्धन म्युजियम गुजरात के कच्छ में खुलेगा
    +1और स्लाइड देखें
आगे की स्लाइड्स देखने के लिए क्लिक करें
दैनिक भास्कर पर Hindi News पढ़िए और रखिये अपने आप को अप-टू-डेट | अब पाइए News in Hindi, Breaking News सबसे पहले दैनिक भास्कर पर |

More From Surat

    Trending

    Live Hindi News

    0

    कुछ ख़बरें रच देती हैं इतिहास। ऐसी खबरों को सबसे पहले जानने के लिए
    Allow पर क्लिक करें।

    ×