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पर्चा भरने ऐसे पहुंची थी ये बीजेपी कैंडिडेट, अंदाज चर्चा में लेकिन अब नोटिस जारी

संगीता पाटिल ‘झांसी की रानी’ की गेटअप में घोड़े पर सवार होना चर्चा में रहा था।

Danik Bhaskar | Dec 16, 2017, 04:38 AM IST

सूरत. गुजरात के लिंबायत से BJP कैंडिडेट संगीता पाटिल मंगलवार 21 नवंबर को ‘झांसी की रानी’ की गेटअप में घोड़े से नामांकन भरने पहुंचीं थीं। उनका ये अंदाज चर्चा में आया तो आचार संहिता उल्लंघन की बात सामने आने लगी, लेकिन कलेक्टर ने ये कहकर कार्रवाई से मना कर दिया था कि चुनावों में जानवरों का उपयोग होता है। इसलिए मामला नहीं बनता। हालांकि, अब इस तरह के सभी मामलों में चुनाव अधिकारी ने नोटिस जारी किए हैं। अभी तक किसी के खिलाफ कोई कड़े कदम नहीं उठाए गए हैं। जिले के चुनाव अधिकारी ने कहा कि नोटिस जारी कर दिए गए हैं। जवाब आने पर कार्रवाई की जा सकती है। रिटर्निंग अफसर को कार्रवाई करने के आदेश दिए गए हैं।

16 सीटों से ऐसी 58 शिकायतें मिली

- राज्य विधानसभा चुनाव में सूरत की 16 सीटों से आचार संहिता के उल्लंघन की 58 शिकायतें मिली हैं। 2012 के चुनाव में सूरत जिले से आचार संहिता उल्लंघन की 54 शिकायतें मिली थीं।

- इस बार ज्यादातर शिकायतें पोस्टर-बैनर से संबंधित हैं। इसके बाद वाहनों का इस्तेमाल, भाषण और मतदाताओं को लुभाने के मामले में आचार संहिता भंग की शिकायतें हैं।

इनके खिलाफ शिकायत दर्ज

1. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के सूरत दौरे के दौरान डूमस रोड पर पोस्टर लगाए जाने की शिकायत दर्ज

2. लिंबायत से बीजेपी के प्रत्याशी संगीता पाटिल झांसी की रानी की वेशभूषा में नामांकन फॉर्म भरने पर शिकायत दर्ज

3. उधना में मंदिर पर बीजेपी के बैनर लगाए जाने के मामले में कांग्रेस ने आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत की है।

4. पाटीदार इलाकों में आरक्षण आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले युवकों की तस्वीर वाले बैनर लगाने पर शिकायत।

5. अवॉर्ड मिलने पर मनपा ने आचार संहिता लागू होने के बाद विज्ञापन दिया था। जिसकी शिकायत कांग्रेस ने दर्ज कराई।

कार्रवाई करने की बजाय निपटारे की कोशिश

कांग्रेस के दक्षिण गुजरात के प्रवक्ता संजय पटवा ने बताया कि शहर व जिले में आचार संहिता उल्लंघन की शिकायत पर चुनाव आयोग ने नोटिस भेजा है। अगर किसी प्रत्याशी के खिलाफ गंभीर मामला दर्ज होता है तो उसकी उम्मीदवारी भी रद्द कर दी जाती है। चुनाव आयोग पार्टियों के खिलाफ कार्रवाई की बजाय निपटारे की कोशिश कर रहा है।

पिछले चुनाव में 27 केस दर्ज किए गए थे

2012 के विधानसभा चुनाव में भी पूरे राज्य में 553 जितने आचार संहिता उल्लंघन की शिकायतें दर्ज करवाई गई थीं। इनमें से 16 शिकायतें चुनाव आयोग के मुख्यालय दिल्ली को भेजी गई थीं। पूरे राज्य में आचार संहिता उल्लंघन के 27 मामलों में केस दर्ज किए गए थे। 553 शिकायतों में से 504 शिकायतों पर कार्रवाई की गई थी।