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यहां कलश में है 4 करोड़ 55 लाख का 7 टन पारा, मंदिर के कांच के दरवाजे से होते हैं दर्शन

15 से अधिक देशों में बसे गांव के एनआरआई हर साल यहां दर्शन के लिए आते हैं।

Dainik Bhaskar

Feb 13, 2018, 01:23 AM IST
300 साल पुराने इस शिव मंदिर का एक साल पहले गांव के एनआरआई ने 7 करोड़ की लागत से पुननिर्माण कराया था। 300 साल पुराने इस शिव मंदिर का एक साल पहले गांव के एनआरआई ने 7 करोड़ की लागत से पुननिर्माण कराया था।

सूरत. पलसाणा के एना गांव का ऋण मुक्तेश्वर महादेव मंदिर विज्ञान और धर्म का अद्भभुत संगम है। मंदिर में बने 18 फीट शिवलिंग के नीचे एक कलश में 4 करोड़ 55 लाख का 7 टन पारा रखा गया है। इस कलश से एक पाइप शिवलिंग के ऊपरी भाग तक लाई गई है। मंदिर में ओम का उच्चारण करने पर प्रतिध्वनि से पारे में कंपन होती, जिससे भक्तों में ऊर्जा का संचार होता है।

कांच के दरवाजे से होता है दर्शन
300 साल पुराने इस शिव मंदिर का एक साल पहले गांव के एनआरआई ने 7 करोड़ की लागत से पुननिर्माण कराया था। संपूर्ण शिवलिंग का दर्शन कांच के दरवाजे से कराया जाता है।

हर साल 15 देशों से आते हैं भक्त
- मंदिर के प्रमुख ईश्वर नाथुभााई पटेल ने बताया कि मुख्य शिवलिंग पर 1008 छोटे शिवलिंग लगे हैं। 15 से अधिक देशों में बसे गांव के एनआरआई हर साल यहां दर्शन के लिए आते हैं।

- 1008 छोटे शिवलिंग मुख्य शिवलिंग पर लगे हुए हैं।

- 300 साल पुराना है यह ऋण मुक्तेश्वर मंदिर

- 60 टन वजन है मंदिर में स्थापित शिवलिंग का

rin mukteshwar temple uniqueness
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300 साल पुराने इस शिव मंदिर का एक साल पहले गांव के एनआरआई ने 7 करोड़ की लागत से पुननिर्माण कराया था।300 साल पुराने इस शिव मंदिर का एक साल पहले गांव के एनआरआई ने 7 करोड़ की लागत से पुननिर्माण कराया था।
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