सूरत

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मरीजों को 17 किमी ‘बांबूलैंस’ से पहुंचाते हैं अस्पताल, हालात ऐसे कि सोच पाना मुश्किल

हालात खराब होने से गांव के 73 युवक-युवतियों की शादी भी नहीं हो रही है।

Dainik Bhaskar

Jan 24, 2018, 06:39 AM IST
सीमा पर बसा है तिसणमाल गांव। सीमा पर बसा है तिसणमाल गांव।

धडगांव. गुजरात की सीमा से सटे नंदुरबार के धडगांव तहसील में सतपुड़ा की पहाड़ियों में तिसणमाल गांव बसा है। तिसणमाल के उत्तर और पश्चिम दिशा में नर्मदा नदी, पूर्व में जंगल, दक्षिण में जंगली जानवरों के बीच से एकमात्र कच्चा रास्ता है जो शहर आता है। यहां बिजली, पानी, स्वास्थ्य, राेजगार जैसी सुविधाओं की कल्पना भी नहीं की जा सकती है।

गांव के 73 युवक-युवतियों की शादी भी नहीं हो रही

- गांव के आसपास 10-15 किलोमीटर दूर तक कोई दूसरा गांव भी नहीं है। भाैगाेलिक परिस्थिति खराब होने से गांव के 73 युवक-युवतियों की शादी भी नहीं हो रही है।

- ग्रामीण मरीज को ‘बांबूलैंस’ से अस्पताल ले जाते हैं। ‘बांबूलैंस’ उठाने के लिए 6 लोगों की जरूरत होती है। अस्पताल 17 किमी दूर होने के कारण छह लोग अदला-बदली करके मरीज को अस्पताल तक ले जाते हैं।

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सीमा पर बसा है तिसणमाल गांव।सीमा पर बसा है तिसणमाल गांव।
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