--Advertisement--

36 दिनों में संस्कृत बोलने लगी जापानी लड़कियां, जापानी भाषा में किया ट्रांसलेशन

जापान की युवतियां महज 36 दिनों में ही संस्कृत भाषा बोलने लगी है।

Danik Bhaskar | Mar 12, 2018, 07:56 AM IST

पोरबंदर (गुजरात). जापान की युवतियां महज 36 दिनों में ही संस्कृत भाषा बोलने लगी है। पोरबंदर के पास कुछडी गांव के सीम इलाके में आर्ष संस्कृति तीर्थ आश्रम है। इस आश्रम में बीते 2 फरवरी के दिन जापान से 13 युवतियां एवं स्वामी चेतनानंद सरस्वती पधारे थे। ये विदेशी भारतीय संस्कृति की पढ़ाई करने के लिए आए थे। आर्ष संस्कृति तीर्थ अाश्रम में विदेशी युवतियां भारतीय संस्कृति से अवगत हुई और हमारी संस्कृति को नियमानुसार अभ्यास किया।

- जापान के स्वामी चेतनानंद सरस्वती ने जापानी युवतियों को गीता का 7 वां अध्याय से बखूबी अवगत कराया।

- इन विदेशी युवतियों ने भारतीय संस्कृति में रुचि लेकर गीता का अध्ययन किया।

-+ इसके लिए प्रति दिन सुबह और शाम पूजा अर्चना किस तरह से करें इसका प्रेक्टिकल ज्ञान भी प्राप्त किया।

- मंत्रोच्चार, वेद, वेद गान किस तरह से प्रस्तुत करना चाहिए इस बारे में इन्हें विस्तृत से मार्गदर्शन किया गया।

- इसके साथ इन विदेशी युवतियों ने भगवान श्रीकृष्ण की नगरी द्वारका की भी मुलाकात ली एवं शंकराचार्य के मठ में गीताजी का अध्ययन किया।

- जहां कृष्ण भगवान की पूजा करने के पश्चात उन्होंने मंदिर की विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

10 वर्ष से जापान में भारतीय संस्कृति का ज्ञान

- जापान के क्वोटा गांव में स्थित पराविद्या केंद्र आश्रम में पिछले 10 वर्षों से गीता का जापानीज भाषा में ट्रांसलेशन कर जापानी विद्यार्थी भारतीय संस्कृति का अध्ययन कर रही है।

- यहां गीता, उपनिषद, वेदों, संस्कृत, वेदपाठ, श्लोक का ज्ञान आदि पाठ्यक्रम चलाया जा रहा है। जिसमें कई जापानीज युवक-युवतियों ने हिस्सा लिया है।

भगवद् गीता का किया जापानी भाषा में भाषांतर

- जापान से स्वामी चेतनानंद सरस्वती जी के साथ आई 13 विदेशी युवतियां समग्र भगवद् गीता का जापानीज भाषा में भाषांतर कर रही है। मात्र 36 दिनों में ही ये युवतियां संस्कृत भाषा में शुद्ध उच्चारण कर रही है। मात्र श्लोक पठन ही नहीं लेकिन ये युवतियां शास्त्रोक्त रीति से पूजा-पाठ कर लघु रूद्र यज्ञ में भी सहभागी बनी।