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दो साल पहले हुई थी लेडी डॉक्टर की शादी, अब इस हाल में पड़ी मिली डेडबॉडी

शुरूआती जांच में इंजेक्शन लगा कर सुसाइड करने की आशंका जताई गई है।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 25, 2018, 05:57 PM IST

    • डॉक्टर रूही की लाश कॉलेज के अस्पताल के परिसर में मिली।

      अहमदाबाद.शहर के बीजे मेडिकल कॉलेज की पीजी की स्टूडेंट और इससे जुड़े सिविल अस्पताल की महिला रेजिडेंट डाक्टर रूही यूनुसभाई हाथीधरा की लाश शनिवार को उनके हॉस्टल की छत से बरामद किया गया। शुरूआती जांच में इंजेक्शन लगा कर सुसाइड करने की आशंका जताई गई है। हॉस्टल की छत पर पड़ी थी लाश...

      - जानकारी के मुताबिक, अहमदाबाद की की रहने वाली डाक्टर रूही की लाश कॉलेज के अस्पताल के परिसर में मिली। लाश को पीजी हॉस्टल के छत से बरामद किया गया।

      - उनके हाथ पर इंजेक्शन का निशान है जिससे आशंका जताई जा रही है कि संभवत: उन्होंने आत्महत्या की है। मामले की जांच की जा रही है।
      - बताया जाता है कि बाल रोग विभाग से जुड़ीं डाक्टर रूही की दो साल पहले शादी हुई थी। अपुष्ट सूत्रों के अनुसार वह गर्भवती थीं। आगामी मई माह में उनकी परीक्षा होने वाली थी।

      - पुलिस शुक्रवार रात 11.30 और शनिवार सुबह 8.30 बजे के बीच आत्महत्या करने का अनुमान लगा रही है। सुबह हॉस्टल की छत पर मॉर्निंग वॉक करने गए अन्य डॉक्टरों ने लाश देखने के बाद पुलिस काे सूचित किया।

      - महिला डॉक्टर को पहले लेबर रूम और फिर ट्रोमा सेंटर में ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

      - एफएलएल की टीम ने लाश के पास पड़े इन्जेक्शन का सेंपल लिया है। रूही कुछ समय से डिप्रेशन में थी। 15 दिन पहले ही नींद की गोली खा ली थी।

      पिता पालडी में वेटरनिटी डॉक्टर हैं

      - रूही के पिता यूनुसभाई पालडी में वेटरनिटी डॉक्टर और पति वडोदरा में अर्थोपैडिक डॉक्टर है। रूही की बड़ी बहन सिविल में ही पढ़ाई पूरी करके अमेरिका में एमएस न्यूरोफिजिशियन कर रही है।

      शुक्रवार को 1 बजे तक ओपीडी में थी
      - सिविल के एक डॉक्टर ने बताया कि रूही दोपहर 1 बजे तक होस्पिटल में काम कर रही थी। केस पेपर और रजिस्टर मेन्टेन करते समय उनका व्यवहार सामान्य लग रहा था। ऐसा नहीं लग रहा था कि रूही आत्महत्या कर लेगी।

      सीधी बात...

      - सिविल अस्पताल के डॉक्टर के मुताबिक, प्रोपोफोल एनेस्थेटिक सर्जरी के दौरान मरीजों को बेहोश करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है। इस दवा के ओवरडोज से रेस्पिरेटरी पेरालिसिस होने के बाद मरीज की 15 मिनट में मौत हो जाती है। शरीर में पोटैशियम का लेवल बढ़ाने के लिए दी जाने वाली पोटैशियम क्लोराइड, प्रोपोफोल से ज्यादा खतरनाक है। जो नस से सीधे फेफड़े और हृदय पर असर करती है। दोनों दवाएं लेने के बाद मरीज का जल्द इलाज नहीं किया गया तो 10 से 15 मिनट में मौत हो जाती है।

      - शेफाली गुप्ता के मुताबिक, रात 11.30 बजे मैं हॉस्टल में आई तो रूही थोड़ी देर में आतीं हूं कहकर बाहर चली गई। इसके बाद मैं सो गई। इसलिए मैंने रूही की बात पर ध्यान नहीं दिया। परीक्षा की वजह से रूही कुछ टेंशन में थी।

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      दो साल पहले ही हुई थी शादी।
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      रूही कुछ समय से डिप्रेशन में थी।
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