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गांधीजी की ज़मीन से नमक उठाने वाली तस्वीर दांडी की नहीं, 87 साल बाद खुला राज

सच्चाई सामने आने के बाद तस्वीर से जुड़े सभी तथ्य इकट्ठा कर सरकार को भेजे हैं।

Danik Bhaskar | Jan 31, 2018, 05:13 AM IST
गांधी- दांडी की जमीन से नमक उठाते हुए। गांधी- दांडी की जमीन से नमक उठाते हुए।

सूरत. महात्मा गांधी की सर्वाधिक देखी जाने वाली तस्वीरों में शामिल 'गांधी- दांडी की जमीन से नमक उठाते हुए ' दरअसल दांडी की नहीं बल्कि सूरत के भीमराड़ गांव की होने का खुलासा हुआ है। यह तस्वीर सूरत मनपा के तहत आने वाले चोर्यासी तहसील के भीमराड़ गांव में 9 अप्रैल 1930 को खींची गई थी। भीमराड़ के पूर्व सरपंच और मनपा में पार्षद रहे बलवंत पटेल ने बताया कि उन्होंने तस्वीर से जुड़े सभी तथ्य इकट्ठा कर सरकार को भेजे हैं।

दांडी सत्याग्रह 6 अप्रैल को जबकि 9 को भीमराड़ आए थे बापू

दांडी सत्याग्रह 6 अप्रैल को हुआ था। गांधीजी और अन्य सत्याग्रही 9 अप्रैल को भीमराड़ आए थे जहां उन्होंने जन मेदनी को सं‍बोधित किया था। उसी दिन बापू ने जमीन से नमक उठाया था और यह तस्वीर तभी खींची गई थी। फिलहाल भीमराड़ में ठीक उसी जगह बापू का स्मारक भी बनाया है। गांधी निर्वाण दिन और गांधी जयंती पर यहां सभा भी आयोजित की जाती है।

भीमराड में गांधी जी की सभा में 10 हजार लोग मौजूद थे

9 अप्रैल 1930 को नमक सत्याग्रह के दौरान दांडी से लौटते वक्त गांधी ने भीमराड में सभा सं‍बोधित की थी जिस में 10000 लोग इकट्ठा हुए थे। गांव की महिलाओं ने भारी मात्रा में नमक इकट्ठा कर जमीन पर फैला दिया था। तस्वीर में गांधी उसी नमक को उठाते नजर आ रहे है। गांधी की सभा में मौजूद लोगों को प्रसाद के रूप में गुड़ और चने भी बांटे थे। गांधी की भीमराड सभा में मौजूद रही भीमराड़ की मोटाई बा को आज भी वो नजारा याद है।

अखबारों में छपी खबरों में ढूंढ़े सबूत

कुछ लोगों ने तस्वीर की जानकारी इकट्ठा करना शुरू किया। गांधी आश्रम, साहित्य तक खंगाल डाले। इंटरनेट पर भी जानकारियां जुटाने की कोशिश की आखिरकार एक आइडिया क्लिक हुआ। दांडी सत्याग्रह के साल और महीने के अखबार खंगाले जाए शायद कही कोई जानकारी मिल जाए जिस से गांधी भीमराड़ में सभा कर चुके होने का प्रमाण मिले।

गांधीजी एक विदेशी महिला के साथ डांस कर रहे हैं जबकि ये फोटो भी फोटोशॉप है। गांधीजी एक विदेशी महिला के साथ डांस कर रहे हैं जबकि ये फोटो भी फोटोशॉप है।
इस फोटो को देखकर लोग अक्सर धोखा खा जाते हैं
 
 
महात्मा गांधी की हरेक तस्वीर के पीछे एक अविस्मरणीय इतिहास था। फिर चाहे वह दांडी यात्रा हो, सविज्ञा आंदोलन हो या उनका चरखा चलाना। ये तस्वीरें देखकर ही हमें उसके पीछे की कहानी याद आ जाती है, लेकिन सोशल मीडिया पर ऐसी कई फोटोज वायरल हो चुकी हैं जो उनके व्यक्तित्व के बिल्कुल विपरीत हैं। 
यह फोटो इंटरनेट पर खासी वायरल हुई थी। इस फोटो के साथ यह दिखाने की कोशिश की गई थी कि गांधीजी एक विदेशी महिला के साथ डांस कर रहे हैं। जबकि, इस फोटो में दिखाई दे रहा शख्स एक ऑस्ट्रेलियन कलाकार है। यह फोटो सिडनी में आयोजित एक चैरिटी कार्यक्रम के दौरान ली गई थी।
अगर आप इस फोटो को गौर से देखें तो पाएंगे कि इसमें दिखाई दे रहा शख्स मस्क्युलर है। जबकि, गांधीजी बहुत दुबले-पतले थे। दरअसल, इस कलाकार ने पब्लिसिटी के लिए मेकअप ही जानबूझकर ऐसा किया था कि वह महात्मा गांधीजी की तरह दिखाई दे।
‘नाइन ऑर्स टू रामा’ (Nine Hours to Rama) का शॉट है ‘नाइन ऑर्स टू रामा’ (Nine Hours to Rama) का शॉट है

गांधीजी को गोली मारने वाली तस्वीर की सच्चाई

 

गांधीजी की यह फोटो भी काफी वायरल हुई है। दावा किया गया कि यह फोटो उस समय की है, जब गांधीजी को नाथूराम गोडसे ने गोली मारी थी। जबकि, वास्तविकता यह है कि यह 1963 में रिलीज हुई फिल्म ‘नाइन ऑर्स टू रामा’ (Nine Hours to Rama) का शॉट है। इस फोटो को लेकर भी लोग अक्सर धोखा खा जाते हैं।

ऑल इंडिया कांग्रेस की मीटिंग में गांधीजी और नेहरू की फोटो थी। ऑल इंडिया कांग्रेस की मीटिंग में गांधीजी और नेहरू की फोटो थी।

इससे पहले वायरल हाे चुकी हैं ये तस्वीर

 

ऊपर बाईं ओर की तस्वीर नकली है। दरअसल, यह 6 जुलाई, 1946 में मुंबई में आयोजित ऑल इंडिया कांग्रेस की मीटिंग में गांधीजी और नेहरू की फोटो थी, जिसे फोटोशॉप की मदद से नकली रूप दे दिया गया।