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कोर्ट ने पति से कहा- हफ्ते में दो दिन पत्नी आपके पास आएगी बाकी दिन आप जाएं, तब पत्नी को साथ ले गया

गुजरात में ऐसे सुलझा टीचर पत्नी और व्यवसायी पति का वैवाहिक मामला

Danik Bhaskar | Feb 12, 2018, 06:56 AM IST

अहमदाबाद. गुजरात में चार साल पहले शादी करने वाले दंपती के बीच वैवाहिक जीवन के अधिकार को भोगने के लिए फैमिली कोर्ट में एक सुखद समाधान हुआ। मामला उत्तर गुजरात में बिजनेसमैन पति और वडोदरा में सरकारी स्कूल में शिक्षिका की नौकरी कर रही पत्नी का था। दोनों एक-दूसरे को समय नहीं दे पाते थे। दो साल पहले पति ने फैमिली कोर्ट में अर्जी दाखिल कर गुहार लगाई। कहा- ‘पत्नी की सरकारी नौकरी उसके दांपत्य जीवन में व्यावधान बन रही है। पत्नी दांपत्य जीवन की बजाय नौकरी को ज्यादा प्राथमिकता देती है, कृपया पत्नी को समझाइए। विवाह के बाद भी मायके में रह कर नौकरी कर रही है।’

- शनिवार को फेमिली कोर्ट के मीडिएटर ने दंपती से कहा, ‘वैवाहिक जीवन के हक भोगने हैं तो पत्नी की छुट्‌टी हो तब, शनिवार-रविवार-दो दिन पत्नी पति के पास घर जाए। शेष दिनों में पति को जब समय मिले तब पत्नी को मिलने जाए।’

- इस प्रस्ताव को दंपती ने स्वीकार कर लिया। शनिवार का दिन होने के चलते पति कोर्ट से ही पत्नी को साथ ले गया।

सरकारी नौकरी बड़ी मेहनत के बाद मिली, कैसे छोड़ दूं: पत्नी

- कोर्ट में मीडिएटर ने कहा, ‘पत्नी की जब छुट्‌टी होगी यानी शनिवार और रविवार वह दो दिन पति के घर जएगी। इसके अलावा पति को जब समय मिले तो वह पत्नी से मिलने वडोदरा जाए।’

- पत्नी ने वडोदरा में अलग से एक घर किराए पर भी लिया। हालांकि नौकरी के चलते वह ससुराल में ज्यादा समय नहीं रह पाती थी। इसलिए ससुराल पक्ष नौकरी छोड़ने के लिए कहता था।

- इस पर पत्नी का तर्क था कि ‘मेरी सरकारी नौकरी है। बड़ी मेहनत के बाद मिली है, कैसे छोड़ दूं। पति के साथ रहने के लिए ट्रांसफर भी मांगा है और इंतजार कर रही हूं।