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यह गुज्जु गर्ल है सबसे कम उम्र की स्पोर्ट्स कार रेसर

नेशनल लेबल की क्रॉस कार रैली में भाग लेने वाली गुजरात की पहली महिला।

Danik Bhaskar | Mar 08, 2018, 02:02 PM IST
गुजरात की सबसे छोटी उम्र की महिला स्पोर्ट्स कार रेसर मीनाक्षी पुरोहित। गुजरात की सबसे छोटी उम्र की महिला स्पोर्ट्स कार रेसर मीनाक्षी पुरोहित।

नवसारी। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस आज पूरे विश्व में मनाया जा रहा है। महिलाओं की उपलब्धियों की गाथाएं गाई जा रही हैं। ऐसे में यह कहा जा सकता है कि आज की महिलाएं केवल चारदीवारी में कैद नहीं है, बल्कि अनेक क्षेत्रों में उसने अपने साहस का परचम लहराया है। ऐसी ही एक युवती है मीनाक्षी पुरोहित, जिसने नेशनल लेबल की क्रॉस कार रैली में भाग लेकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया है। सातवीं क्लास से ही कार चलाने का शौक…

अपने दृढ़ कदमों से आगे बढ़ने वाली 30 वर्षीय मीनाक्षी शहर के देवीना पार्क इलाके में रहती है। जब वह सातवीं में पढ़ रही थी, तभी उसे कार चलाने का शौक पाला। पर उसके जीवन में एक बड़ा मोड़ तब आया, जब वह 16 वर्ष की हुई। एक बीमारी के कारण उसे एक साल तक कोमा में रहना पड़ा। मनोचिकित्सक के इलाज से वह ठीक हुुई। फिर उसने अपने शौक को पंख दिए और गुजरात की सबसे छोटी उम्र की महिला स्पोर्ट्स कार ड्राइवर बन गई।

कार से अकेले ही पहुंच गई दिल्ली

सोशल मीडिया की मदद से 2010 में दिल्ली में आयोजित वुमंस मोटर स्पोर्ट्स की जानकारी मिली, तो अपनी कार लेकर वह अकेले ही दिल्ली पहुंच गई। वहां उसने स्पर्धा में भाग लिया और दूसरा स्थान प्राप्त किया। मोटर स्पोर्ट्स ड्राइविंग में देश की अधिकांश स्पर्धा में मीनाक्षी भाग ले चुकी है। उसे पहाड़ और जंगल में घूमने का बेहद शौक है। पदकों एवं मेडल की उसके पास भरमार है।

16 नेशनल कार रैली में भाग ले चुकी है

मीनाक्षी अब तक 16 नेशनल कार रैली में भाग ले चुकी है। 2017 में बारिश के दौरान बेंगलोर से पूणे तक की कार रैली में भी भाग ले चुकी है। केवल दसवी पास मीनाक्षी आज महिलाओं के लिए प्रेरणा हैं। बचपन से जो सपना संजाेया था, आज उसे साकार कर दिया है।

नेशनल लेबल पर क्रॉस कार रैली में भाग लेने वाली गुजरात की पहली महिला। नेशनल लेबल पर क्रॉस कार रैली में भाग लेने वाली गुजरात की पहली महिला।
नेशनल लेबल पर क्रॉस कार रैली में भाग लेने वाली गुजरात की पहली महिला। मीनाक्षी अनेक कार रैलियों में भाग ले चुकी है। नेशनल लेबल पर क्रॉस कार रैली में भाग लेने वाली गुजरात की पहली महिला। मीनाक्षी अनेक कार रैलियों में भाग ले चुकी है।
वह एक साल तक कोमा में भी रही, फिर भी हार नहीं मानी। वह एक साल तक कोमा में भी रही, फिर भी हार नहीं मानी।