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GST के बाद सूरत के व्यापारी परेशान, लेकिन मोदी के मंत्री बोले- ऐसा कुछ नहीं

सूरत आए मंत्री गिरिराज सिंह, पर व्यापारियों को नहीं दी कोई राहत; मंत्री गिरिराज सिंह ने साड़ी बनाने की प्रक्रिया देखी

Danik Bhaskar | Mar 17, 2018, 07:03 AM IST

सूरत. जीएसटी लागू होने के बाद सूरत का कपड़ा व्यापार 40 फीसदी घटकर 60 फीसदी पर आ गया है, लेकिन सरकार इस बात को मानती नहीं। कोई भी मंत्री या अधिकारी कपड़ा मार्केट का दौरा करता है तो यह बात मानता है कि यहां समस्याएं हैं, लेकिन यह नहीं कहता कि ये समस्याएं जीएसटी के बाद ज्यादा बढ़ गई हैं। एमएसएमई सेक्टर जीएसटी लागू होने के बाद इस हद तक प्रभावित हुआ है कि कई छोटे व्यापारियों ने कारोबार छोड़कर नौकरी करनी शुरू कर दी है।

- शुक्रवार को सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग राज्यमंत्री गिरिराज सिंह कपड़ा मार्केट का दौरा करने आए। उन्होंने भी यह मानने से इनकार कर दिया कि जीएसटी लागू होने के बाद सूरत का कपड़ा व्यापार 40 फीसदी घट गया है।

- उन्होंने कहा कि कारोबार पर असर तो हुआ है, लेकिन हमें बाहर से पता चला है कि व्यापार इतना डाउन नहीं हुआ है, जितना बताया जा रहा है।

- आईटीसी 4 की वजह से छोटे व्यापारियों को हो रही परेशानियों के बारे में मंत्री को कुछ नहीं पता। 1 अप्रैल से ई-वे बिल लागू होने से परेशानी और भी बढ़ सकती है, लेकिन सरकार की तरफ से अभी कोई राहत देने का संकेत मंत्री ने नहीं दिया है।

सीधी बात : गिरिराज सिंह, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग राज्यमंत्री

Q. जीएसटी लागू होने के बाद एमएसएमई सेक्टर काफी प्रभावित हुआ है। इसकी समस्याएं दूर करने के लिए सरकार क्या कर रही है?
A. एमएसएमई सेक्टर प्रभावित तो हुआ है, लेकिन आगामी अप्रैल महीने से कारोबार सरल हो जाएगा। सूरत हॉट लाइन है। इस पर प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और वित्तमंत्री सबकी नजरें हैं।

Q. जीएसटी के बाद सूरत का कपड़ा कारोबार 60 फीसदी ही रह गया है। इसे बढ़ावा देने के लिए कुछ करेंगे?
A. कपड़ा कारोबार इतना प्रभावित नहीं है, जितना कहा जा रहा है। हमने भी बाहर से जानकारी जुटाई है।

Q. महाराष्ट्र सरकार ने टेक्सटाइल इंडस्ट्री को बढ़ावा देने के लिए पैकेज घोषित किया है। सूरत के लिए भी कोई पैकेज घोषित होगा?
A. इस सवाल पर मंत्री जी कुछ नहीं बोले।

Q. एमएसएमई सेक्टर के लिए सरकार कोई नई योजना बना रही है?
A. सरकार ने बजट में एमएसएमई सेक्टर को 5 फीसदी की राहत दी है। इंस्पेक्टर राज से मुक्ति दिला दी। अब रोज-रोज परिवर्तन थोड़े ही होता है।