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मेले मेें लापता हुए 2 बच्चे, Google की मदद से घर पहुंचे

अहमदाबाद चाइल्ड लाइन ने 24 घंटे में पाई सफलता

Danik Bhaskar | Mar 26, 2018, 04:55 AM IST
अहमदाबाद चाइल्ड लाइन ने 24 घंटे में पाई सफलता। - सिम्बॉलिक अहमदाबाद चाइल्ड लाइन ने 24 घंटे में पाई सफलता। - सिम्बॉलिक

अहमदाबाद. हाल हीं में कालूपुर रेलवे स्टेशन पर 11 वर्ष एवं 12 वर्ष उम्र के दो बच्चे भूल से राजस्थान से अहमदाबाद पहुंच गए थे। दोनों बच्चे नजदीक के गांव में मेला देखने गए थे। जहां से वे भूल से ट्रेन में बैठ गए और अहमदाबाद आ गए थे। उनके पास किसी का भी संपर्क नंबर नहीं था। इसलिए उनके द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर गुगल से चाइल्ड लाइन ने उनका एड्रेस का पता लगाकर उनके माता-पिता तक पहुंचकर 24 घंटों में दोनों बच्चों को उनके घर सकुशल भेज दिया गया।


- रेलवे स्टेशन पर रहने वाले चाइल्ड लाइन काउंसिलर ने कुछ दिन पहले ही दो बच्चों को उनकी बातचीत और बॉडी लैंग्वेज से शंकास्पद हालत में पाया था। इनमें से एक बच्चे की उम्र 11 और दूसरे की 12 वर्ष थी। उनके साथ बातचीत करने के बाद पता चला कि वे राजस्थान के पाली तहसील के एक गांव के रहने वाले हैं। वे नजदीक के गांव में मेला देखने के लिए गए हुए थे। जहां से वे घर भूलवश ट्रेन में बैठ गए और अहमदाबाद आ पहुंचे।

- पूछताछ में पता चला कि दोनों के पास किसी का भी मोबाइल नंबर नहीं था। लेकिन उन्होंने अपना एड्रेस बताने के बाद चाइल्ड लाइन के इमरान भाई ने गुगल का उपयोग कर उनका पूरा एड्रेस तथा उनके गांव के एक दुकानदार व्यक्ति का मोबाइल नंबर जो गुगल पर उपलब्ध था का पता लगाया। जिसे फोन कर बच्चों के लापता होने की जानकारी दुकानदार को बताई। दुकानदार की सूचना पर माता-पिता चौबीस घंटे के भीतर बच्चों को लेने अहमदाबाद आ गए।

इससे पहले भी 15 बच्चों को इस तरह घर भेजा
- चाइल्ड लाइन को 24 घंटे तक बच्चों को रखने का अधिकार है। बच्चों को सुरक्षा गृह में भेजने की बजाय 24 घंटे में उनके माता-पिता तक पहुंचने का प्रयास किया गया। रेलवे चाइल्ड लाइन द्वारा इससे पहले भी गुगल की मदद से घर का पता अथवा शहर के किसी भी विस्तार में रहते हैं की जानकारी नहीं बताने वाले ऐसे 15 बच्चों को सुरक्षित उनके घर पहुंचाने का कार्य किया है।

इससे पहले भी 15 बच्चों को इस तरह घर भेजा। - सिम्बॉलिक इससे पहले भी 15 बच्चों को इस तरह घर भेजा। - सिम्बॉलिक