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ये है गुजरात का हाईटेक गांव: भारत की मेट्रो सिटीज सा आता है नजर

गुजरात सरकार द्वारा बाबेन गांव को ‘बेस्ट ग्राम पंचायत ऑफ द ईयर’ अवार्ड्स से भी सम्मानित किया जा चुका है।

Dainik Bhaskar

Dec 18, 2017, 06:27 PM IST
बाबेन गांव की फाइल फोटो। बाबेन गांव की फाइल फोटो।

सूरत. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘आदर्श गांव योजना’ अक्टूबर-2014 से शुरू की है। इस योजना के तहत हरेक सांसद को अपने क्षेत्र का कोई एक गांव गोद लेना है अर्थात उसे विकसित करना है। लेकिन सूरत जिले में एक गांव ऐसा है, जिस पर ये बात लागू नहीं होती, क्योंकि यहां के लोगों को किसी सांसद या नेता की जरूरत नहीं, बल्कि उन्होंने खुद ही अपने गांव को पूरे देश के लिए रोड मॉडल बना दिया है।

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हम बात कर रहे हैं सूरत जिले से लगभग 35 किमी दूर स्थित बाबेन गांव की। लगभग 13 हजार की आबादी वाले इस गांव की किस्मत 7 साल पहले यानी की 2007 से ही चमकना शुरू हो गई थी, जब सरपंच भावेशभाई के नेतृत्व में बाबेन गांव को आदर्श गांव बनाने के लिए पंचायत के सभी 19 सदस्यों ने संकल्प लिया था। वर्ष 2011 में गुजरात सरकार द्वारा बाबेन गांव की ग्राम पंचायत को ‘बेस्ट ग्राम पंचायत ऑफ द ईयर’ अवार्ड्स से भी सम्मानित किया जा चुका है।

एक नजर में गांव:
- 8500 मकानों में से 95 प्रतिशत पक्के
- गटर, पानी, स्ट्रीट लाइट सहित सभी प्राथमिक सुविधा
- आंगनबाड़ी, पंचायत घर
- कम्युनिटी हॉल, प्राथमिक स्कूल, हाई स्कूल
- बैंक डाक घर के लिए अलग भवन
- एंबुलेंस भी खुद की
- पंचायत के एक करोड़ रुपए बैंक में फिक्स डिपॉजिट रखे हुए हैं।
- गांव के अंदर ही 12 फीट चौड़ी पक्की सड़क
- सड़कों के दोनों और स्ट्रीट लाइट्स


नोटः सभी फोटो: www.babengrampanchayat.in से ली गई हैं।

12 फीट चौड़ी पक्की सड़क। सड़क के दोनों ओर स्ट्रीट लाइट्स। सबसे बड़ी बात कि सड़क का निर्माण शासकीय सहायता से नहीं, बल्कि पंचायत द्वारा ही करवाया गया है। 12 फीट चौड़ी पक्की सड़क। सड़क के दोनों ओर स्ट्रीट लाइट्स। सबसे बड़ी बात कि सड़क का निर्माण शासकीय सहायता से नहीं, बल्कि पंचायत द्वारा ही करवाया गया है।
प्राथमिक स्कूल व हाई स्कूल। प्राथमिक स्कूल व हाई स्कूल।
शुगर फैक्ट्री। शुगर फैक्ट्री।
विद्या भारती स्कूल एंड कॉलेज। विद्या भारती स्कूल एंड कॉलेज।
सड़के तड़के सुबह ही साफ कर दी जाती हैं। गांव में 22 सफाई कर्मचारियों की टीम है। वहीं, हर घर से सुबह-शाम कचरा उठाने के लिए पंचायत के वाहन आते हैं। सड़के तड़के सुबह ही साफ कर दी जाती हैं। गांव में 22 सफाई कर्मचारियों की टीम है। वहीं, हर घर से सुबह-शाम कचरा उठाने के लिए पंचायत के वाहन आते हैं।
गांव में स्वच्छ पानी की भी व्यवस्था है। पानी सप्लाई के लिए पूरे गांव में पाइप लाइनें हैं। पूरे गांव में ऐसा कोई घर नहीं, जिसे पानी की कमी का सामना करना पड़ता हो। इस पानी टंकी का निर्माण पंचायत ने ही करवाया है। गांव में स्वच्छ पानी की भी व्यवस्था है। पानी सप्लाई के लिए पूरे गांव में पाइप लाइनें हैं। पूरे गांव में ऐसा कोई घर नहीं, जिसे पानी की कमी का सामना करना पड़ता हो। इस पानी टंकी का निर्माण पंचायत ने ही करवाया है।
गांव के बीच बड़ा पक्का तालाब है, वह भी स्वच्छ। तालाब के चारों ओर का नजारा भी इतना खूबसूरत है कि इसे देखने दूर-दराज के लोग यहां आते हैं। गांव के बीच बड़ा पक्का तालाब है, वह भी स्वच्छ। तालाब के चारों ओर का नजारा भी इतना खूबसूरत है कि इसे देखने दूर-दराज के लोग यहां आते हैं।
पंचायत के सदस्य। पंचायत के सदस्य।

झंडा वंदन या अन्य राष्ट्रीय कार्यक्रमों के लिए पंचायत ने भवन, ग्राउंड का भी निर्माण करा रखा है। 

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बाबेन गांव की फाइल फोटो।बाबेन गांव की फाइल फोटो।
12 फीट चौड़ी पक्की सड़क। सड़क के दोनों ओर स्ट्रीट लाइट्स। सबसे बड़ी बात कि सड़क का निर्माण शासकीय सहायता से नहीं, बल्कि पंचायत द्वारा ही करवाया गया है।12 फीट चौड़ी पक्की सड़क। सड़क के दोनों ओर स्ट्रीट लाइट्स। सबसे बड़ी बात कि सड़क का निर्माण शासकीय सहायता से नहीं, बल्कि पंचायत द्वारा ही करवाया गया है।
प्राथमिक स्कूल व हाई स्कूल।प्राथमिक स्कूल व हाई स्कूल।
शुगर फैक्ट्री।शुगर फैक्ट्री।
विद्या भारती स्कूल एंड कॉलेज।विद्या भारती स्कूल एंड कॉलेज।
सड़के तड़के सुबह ही साफ कर दी जाती हैं। गांव में 22 सफाई कर्मचारियों की टीम है। वहीं, हर घर से सुबह-शाम कचरा उठाने के लिए पंचायत के वाहन आते हैं।सड़के तड़के सुबह ही साफ कर दी जाती हैं। गांव में 22 सफाई कर्मचारियों की टीम है। वहीं, हर घर से सुबह-शाम कचरा उठाने के लिए पंचायत के वाहन आते हैं।
गांव में स्वच्छ पानी की भी व्यवस्था है। पानी सप्लाई के लिए पूरे गांव में पाइप लाइनें हैं। पूरे गांव में ऐसा कोई घर नहीं, जिसे पानी की कमी का सामना करना पड़ता हो। इस पानी टंकी का निर्माण पंचायत ने ही करवाया है।गांव में स्वच्छ पानी की भी व्यवस्था है। पानी सप्लाई के लिए पूरे गांव में पाइप लाइनें हैं। पूरे गांव में ऐसा कोई घर नहीं, जिसे पानी की कमी का सामना करना पड़ता हो। इस पानी टंकी का निर्माण पंचायत ने ही करवाया है।
गांव के बीच बड़ा पक्का तालाब है, वह भी स्वच्छ। तालाब के चारों ओर का नजारा भी इतना खूबसूरत है कि इसे देखने दूर-दराज के लोग यहां आते हैं।गांव के बीच बड़ा पक्का तालाब है, वह भी स्वच्छ। तालाब के चारों ओर का नजारा भी इतना खूबसूरत है कि इसे देखने दूर-दराज के लोग यहां आते हैं।
पंचायत के सदस्य।पंचायत के सदस्य।
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