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सिंचाई के लिए नर्मदा की जलापूर्ति बंद, पानी के बहाव में आई गिरावट

गर्मी में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराना नर्मदा जलापूर्ति योजना का हिस्सा नहीं है

Danik Bhaskar | Mar 17, 2018, 07:13 AM IST

वडोदरा/अहमदाबाद. गुजरात में गर्मी के दौरान पानी की किल्लत की आशंका के बीच राज्य में पानी के सबसे बड़े जलाशय सरदार सरोवर नर्मदा बांध से सिंचाई के लिए पानी की आपूर्ति शुक्रवार को सुबह से पूरी तरह बंद हो गई है।

- सरदार सरोवर नर्मदा निगम लिमिटेड के मुख्य अभियंता (नर्मदा बांध और वडोदरा क्षेत्र) पीसी व्यास ने बताया कि पहले से ही की गई घोषणा के अनुरूप रबी सत्र का अंतिम दिन माने जाने वाले 15 मार्च से ही सिंचाई के पानी को धीरे-धीरे बंद करने का काम शुरू किया गया था।

- शुक्रवार को सुबह सिंचाई की जलापूर्ति पूरी तरह बंद हो गई है। गर्मी में सिंचाई के लिए जल उपलब्ध कराना कभी भी नर्मदा जलापूर्ति योजना का हिस्सा नहीं था। अब मुख्य और शाखा नहरों के जरिए केवल पीने के पानी की आपूर्ति की जा रही है।

- फिलहाल जलाशय में पानी की कुल आवक 1500 से 2000 घन फुट प्रति सेकंड (क्यूसेक) है जबकि जावक यानी बहिस्राव की दर गुरुवार तक के 9000 क्यूसेक की तुलना में मात्र 4900 क्यूसेक है जिसमें से 4300 क्यूसेक नहर के लिए है और 600 क्यूसेक नदी में आगे की ओर यानी भरूच की तरफ बहाव है।
- इस बीच, सिंचाई की जलापूर्ति बंद होने के साथ ही इससे पानी के बहिस्राव यानी आउट फ्लो में भी 5000 क्यूसेक की गिरावट दर्ज होने से पीने के लिए पानी की आपूर्ति पर एक तरह से दबाव खासा कम हुआ है।

2019 में केनाल का काम पूरा हो जाएगा : नितिन पटेल

- विधानसभा में उपमुख्यमंत्री नितिन पटेल ने कहा कि नर्मदा योजना में केनाल के अधूरे कामों को 2019 तक पूरा कर लिया जाएगा। 13 हजार किमी का काम चल रहा है।

- नितिन पटेल ने कहा कि नर्मदा से गुजरात को कम पानी मिला है इसके बावजूद सरकार के आयोजन से पीने के पानी की कोई समस्या नहीं होगी। जुलाई तक इरीगेशन बायपास टनल से पानी मिलेगा। पानी बर्बाद करने के मुद्दे पर नितिन पटेल ने कहा कि एक भी बूंद पानी बर्बाद नहीं हुआ है। किसानों को दो सीजन में सिंचाई के लिए पानी दिया गया। गर्मी में सिंचाई के पानी की कोई योजना न होने से हर साल की तरह इस साल भी पानी नहीं दिया जा रहा है। उद्योगों को पानी देने की बातें की जाती है पर उद्योगों को निर्धारित मात्रा से भी कम पानी दिया गया है।

नर्मदा में पेयजल आपूर्ति के लिए पर्याप्त पानी है : व्यास
अभियंता पीसी व्यास ने बताया कि शुक्रवार दोपहर में सरदार सरोवर का जलस्तर 105.46 मीटर था। इसमें आगामी मानसून तक पेयजल आपूर्ति के लिए पर्याप्त पानी है। उन्होंने कहा कि एहतियात के तौर पर नर्मदा की मुख्य नहरों के पानी की चोरी और अन्य बेजा इस्तेमाल को रोकने के लिए पुलिस की भी तैनाती की गई है।

दस हजार गांव और डेढ़ सौ शहर नर्मदा पर हैं निर्भर
प्रदेश के 10,000 गांव और 150 शहर पेय जल के लिए सरदार सरोवर पर निर्भर हैं। इस साल नर्मदा के जलग्रहण क्षेत्रों में हुई कम वर्षा के कारण गुजरात को अपेक्षित पानी नहीं मिलने से बांध का जलस्तर गर्मी की विधिवत शुरूआत से पहले ही खासा नीचे चला गया है। गत 20 फरवरी को ही पानी का स्तर न्यूनतम से नीचे चले जाने के कारण तब से इससे जुड़ी दोनों पनबिजली उत्पादक इकाइयां बंद हैं।