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अब यूपी, बिहार और आंध्र के ई-वे बिल में फंस गया सूरत का 70 करोड़ का कारोबार

असमंसज: नेशनल ई-वे बिल अस्थाई तौर पर स्थगित होने पर भी माल भेजने से डर रहे है व्यापारी

Danik Bhaskar | Feb 03, 2018, 07:32 AM IST

सूरत. केंद्र सरकार द्वारा एक फरवरी से देशभर में नेशनल ईवे बिल लागू करने के बाद से सूरत के कपड़ा व्यापारियों की परेशानियों में इजाफा देखने को मिल रहा है। पहले ही दिन गुरुवार को वेबसाइट क्रैश हो गई जिसकी वजह से दिनभर ईवे बिल जनरेट नहीं हो पाए, जबकि दूसरे दिन शहर के ट्रांसपोर्टर ने यूपी,बिहार आैर आंध्रप्रदेश के लिए बुकिंग रोककर माल नहीं लेने से 70 करोड़ रुपए का कारोबार ठप हो गया।

वेबसाइट क्रैश होने के बाद केंद्र सरकार द्वारा नेशनल ईवे बिल को अस्थायी तौर से स्थगित कर दिया है, जबकि इंट्रा स्टेट ईवे बिल 20 फरवरी तक स्थगित किया गया है। नेशनल ईवे बिल के अस्थाई तौर से स्थगित होने से व्यापारी असमंजस का शिकार हो रहे हैं। तो दूसरी ओर ट्रांसपोर्टर लंबे रूट का माल नहीं ले रहे हैं। विशेष तौर से यूपी, बिहार आैर आंध्रप्रदेश के जानेवाला माल ट्रांसपोर्टर नहीं ले रहे हैं।

यूपी, बिहार और आंध्रप्रदेश के साथ कारोबार करने वाले कपड़ा व्यापारी पिछले 4 माह से ईवे जनरेट कर माल भेज रहे थे। 50 हजार रुपए से कम का माल भी होने के बावजूद ईवे बिल की मांग कर इन व्यापारियों को परेशान किया जा रहा था। यही वजह है कि सूरत से यूपी,बिहार आैर आंध्रप्रदेश में माल भेजनेवाले ट्रांसपोर्टर इन तीनों राज्यों में से किसी के लिए भी बुकिंग नहीं कर रहे हैं।

मार्केट परिसर में रखना पड़ता है माल

यूपी में कपड़ा भेजने वाले सुरेंद्र शेठिया ने बताया कि गुरुवार को 20 पार्सल और शुक्रवार को 20 पार्सल मिलाकर 40 पार्सल हो गए। जिसे रखने के लिए दुकान में जगह नहीं है । गुरुवार रात को पार्किंग में माल रख कर एक कर्मचारी को रात को ठहराना पड़ा था। शुक्रवार रात को भी यही करना पड़ेगा। ट्रांसपोर्टर माल ही नहीं ले रहे हैं ।

भयभीत हैं शहर के ट्रांसपोर्टर
साउथ गुजरात टेक्सटाइल गुड्स ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष युवराज देसले ने बताया कि अधिकतर ट्रांसपोर्टर लंबे रूट का माल नहीं ले रहे हैं। यह स्पष्ट नहीं है कि कब तक ईवे बिल स्थगित रहेगा आज माल भेजेंगे आैर उसके तीसरे दिन अगर ईवे बिल लागू कर दिया गया तो क्या करेंगे। यूपी, बिहार और आंध्रप्रदेश का तो माल ही नहीं ले रहे हैं क्योंकि वहां सबसे ज्यादा परेशानी है।

फिर भी यूपी सरकार पर भरोसा नहीं
यूपी में माल भेजने वाले ट्रांसपोर्टर इतने परेशान है कि वह इन जगह काम ही नहीं करना चाहते। यूपी सरकार द्वारा ईवे बिल स्थगित करने के लिए नोटिफिकेशन जारी किया गया है। नोटिफिकेशन के बावजूद ट्रांसपोर्टर को यूपी सरकार पर भरोसा ही नहीं है। पिछले दिनों यूपी में 5 हजार के माल पर भी ईवे बिल मांग कर जुर्माना वसूले जाने के कई मामले बनें हैं।

सूरत का आधा कारोबार यूपी, बिहार आैर आंध्र से

सूरत से निर्यात होनेवाले कपड़े का सबसे बड़ा आधार यूपी,बिहार आैर आंध्रप्रदेश के साथ होता है। जीएसटी के बाद सूरत का कारोबार 125 करोड़ से 70 से 80 करोड़ तक रह गया है। जिसमे इन तीन मंडी से ही प्रतिदिन 35 करोड़ रुपए का कारोबार होता है। प्रतिदिन के 35 करोड़ रुपए के हिसाब से दो दिन में 70 करोड़ का कारोबार ठप रहा।

पार्सल की जगह नहीं

लंबे अंतराल में यूपी,बिहार आैर आंध्रप्रदेश के लिए ट्रांसपोर्टर द्वारा माल का बुकिंग नहीं किए जाने से व्यापारियों की दुकानों में माल रखने की भी जगह नहीं हैं। दूसरी ओर ट्रांसपोर्टर माल नहीं ले रहे इस लिए व्यापारी परेशान नजर आ रहे हैं।

दूसरे दिन भी मुश्किल से 50 ट्रक ही जा पाए

शहर में छोटे बड़े 300 ट्रांसपोर्ट है। उनमें से मुश्किल से 25-30 ट्रांसपोर्टर ही माल ले रहे है। वही बाकी के ट्रांसपोर्टर माल नहीं ले रहे हैं। केवल 50 ट्रक से ही माल जा पाया। रघुकुल मार्केट के कपड़ा व्यापारी बनवारीलाल कपूर ने बताया कि करीब शाम 4 बजे तक अधिकतर ट्रांसपोर्टर माल लेने से इनकार कर रहे थे।