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जेब्रा क्रॉसिंग का नया रंग: जल्दी हट जाता था काला रंग, दावा-2 साल तक नहीं मिटेगा

जल्दी हट जाता था काला रंग, इसलिए सड़क पर अब सफेद और लाल पट्‌टी,

Dainik Bhaskar

Mar 20, 2018, 03:44 AM IST
New color of zebra crossing Ahmedabad

अहमदाबाद. पैदल चलने वाले राहगीर आसानी से रास्ता क्रॉस कर सकें इसलिए पायलेट प्रोजेक्ट के रूप में अहमदाबाद के सेप्ट चौराहे पर जेब्रा क्रॉसिंग सफेद और लाल रंग में बनाई गई है। इसके सफल होने के बाद पूरे शहर में ऐसे ही जेब्रा क्रॉसिंग बनेंगे। हालांकि पहले के पैटर्न से यह डिजाइन काफी महंगी है।

डिजाइन बदलने के तीन कारण
कारण-1 : शहर के हर सिग्नल पर बने जेब्रा क्रॉसिंग पर वाहनों के खड़े होने से राहगीरों को रास्ता पार करने में परेशानी होती है। अक्सर वाहन जेब्रा क्रॉसिंग पर आकर ही रुकते हैं। रंग बदलने से वाहनों का जेब्रा पर रुकना बंद होगा।
कारण-2: अभी शहर के हर सिग्नल पर सफेद और काले रंग के पैटर्न में जेब्रा बनाया गया है। इस पर वाहनों के खड़े होने से सफेद रंग भी काला हो जाता है और जेब्रा का निशान मिट जाता है।
कारण-3: रेड एंड व्हाइट कलर के पैटर्न में इम्पोर्टेड टेक्नाेलॉजी का उपयोग हुआ है। जिसमें कोल्ड प्रोसेस से जेब्रा बनाया गया है। ब्लैक एंड व्हाइट में हॉट प्रोसेस होता था। जो ज्यादा से ज्यादा एक साल तक टिकता था। कंपनी ने रेड एंड व्हाइट के दो साल तक टिकने का महानगरपालिका से दावा किया है। हालांकि कंपनी द्वारा एक साल की डिफेक्ट लायेबिलिटी देने की जानकारी मिली है।

जेब्रा क्रॉसिंग की उत्पत्ति कैसे हुई?
हम जीवन में रोजाना ऐसी अनेक वस्तुओं को देखते हैं पर कभी इस पर विचार नहीं करते कि यह किसलिए बनाई गई है।

- जेब्रा क्रॉसिंग राहगीरों काे सड़क पार करने का अधिकार देता है।
- काली और सफेद पट्‌टी क्यों होती है इसे जानना भी जरूरी है।
- छह दशक पहले 31 अक्टूबर, 1951 को ब्रिटेन में पहली बार जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग हुआ था।
- युद्ध के बाद ब्रिटेन में रास्तों पर ट्रैफिक बढ़ने लगा था। रास्ते में राहगीरों की मौत होने के कारण जेब्रा क्रॉसिंग की शुरुआत की गई थी।
- उस समय लोहे की कील से क्रॉसिंग को मार्क किया जाता था। कील के दूर से दिखाई न देने के कारण दुर्घटनाएं ज्यादा होती थी।
- 1940 के दशक में विभिन्न प्रकार से रोड पर मार्किंग किया गया था जिसमें सफेद और काला रंग सबसे ज्यादा असरदार साबित हुआ था। यह दूर से दिखाई देता था और चालकों को गाड़ी की स्पीड कम करने में पूरा समय मिलता था।
- 1940 में ब्रिटिश सांसद और फिर प्रधानमंत्री जिम केलेध ने जेब्रा क्रॉसिंग नाम दिया था।

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