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हीरे लूटने से पहले सभी आरोपियों ने मौके पर बारी-बारी से किया था रिहर्सल

हीरा लूटकांड| मुख्य आरोपी को पकड़ने के लिए एक टीम फैजाबाद रवाना

Bhaskar News | Last Modified - Mar 19, 2018, 06:55 AM IST

हीरे लूटने से पहले सभी आरोपियों ने मौके पर बारी-बारी से किया था रिहर्सल

सूरत. कतारगाम में ग्लो स्टार डायमंड के कर्मचारियों को मारपीट कर 2200 कैरेट के 20 करोड़ रुपए के हीरे लूट मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों को कतारगाम पुलिस ने कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने उन्हें 5 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। पूछताछ में पता चला है कि सभी आरोपियों ने बारी-बारी से लूट का रिहर्सल भी किया था।


कतारगाम जीआईडीसी स्थित ग्लो स्टार मैन्युफैक्चरिंग नामक हीरा कंपनी के कर्मचारी विजय मोहन और प्रकाश मियानी गत बुधवार की शाम को कारखाने से 20 करोड़ के हीरे कतारगाम गोधानी सर्किल के पास कतारगाम सेफ डिपॉजिट में हीरे रखने के लिए निकले थे। रास्ते में लुटेरों ने दोनों को मारपीट कर उनसे हीरों से भरा थैला लूटकर भाग गए थे। सूरत के इतिहास में यह बड़ी लूट थी। ऐसे में पुलिस के लिए आरोपियों को जल्द से जल्द पकड़ना एक चैलेंज था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस कमिश्नर सतीश शर्मा खुद मैदान में उतरे। उन्होंने मौका-मुआयना किया और आरोपियों को पकड़ने के लिए क्राइम ब्रांच और एटीएस की मदद ली।

इधर सूरत पुलिस के 40 कर्मचारियों की 15 टीमों ने 50 घंटे लगातार काम करते इस लूट का पर्दाफाश किया। पुलिस ने अर्जुन उर्फ अरविंद संत नारायण पांडे(निवासी- गार्डन व्यू अपार्टमेंट, कासानगर, कतारगाम, मूल निवासी- फैजाबाद, उत्तर प्रदेश) और मानवेन्द्र उर्फ मनीष कृष्ण कुमार सिंह ठाकुर (निवासी- सांई सृष्टि एवेन्यू देवध गांव, मूल निवासी- आंबेडकर नगर, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया। रविवार की शाम को कतारगाम पुलिस ने कोर्ट में पेश किया था। कोर्ट ने दोनों की 5 दिन की पुलिस रिमांड मंजूर की।

एक दिन कारखाने की रेकी, दूसरे दिन सेफ डिपॉजिट की

सूत्रों के अनुसार लुटेरों ने लूट से पहले रिहर्सल किया था, जिससे आरोपी समझ सके कि कौन सी जगह और कैसे लूट को अंजाम दिया जाए। लूट करने के बाद कैसे भागा जाए। इसके लिए सभी आरोपियों ने बारी-बारी अलग-अलग जगह पर रेकी की थी, जो आरोपी एक दिन कारखाने के बाहर रेकी करता था वह दूसरे दिन सेफ डिपॉजिट वॉल्ट के पास रेकी करता था। इससे सारे आरोपियों को सारी चीजें पता थी। उन्हें रिहर्सल में ही पता चल गया था घटना के पास बाइक-कार रखना खतरे से खाली नहीं है, इसलिए उन्होंने डेढ़ किमी दूर वाहन रखे थे।

वराछा में दो स्थानों पर की थी लूट
आरोपियों ने 19 फरवरी को वराछा में अश्विनी कुमार सर्किल बीआरटीएस रोड पर मोपेड पर जा रहे आंगड़िया पेढ़ी के कर्मचारी को मारकर उससे 15.40 लाख रुपए के हीरे लूट लिए थे। वराछा पुलिस स्टेशन में मामला भी दर्ज हुआ था। इसके अलावा 6 महीने पहले वराछा में मानगढ़ चौक के पास एक हीरा के कारखाने में घुसकर कर्मचारी को पिस्तौल के दम पर बंधक बनकर लूटने की कोशिश की थी।

लूट का रीकंस्ट्रक्शन होगा

लूट में अभी केवल दो आरोपी पकड़े गए हैं। बाकी आरोपियों को पुलिस खोज रही है। सूत्रों का कहना है कि लूट में शामिल सभी आरोपियों को पकड़ने जाने के बाद पुलिस आरोपियों को साथ में रखकर लूट की घटना का रीकंस्ट्रक्शन करने वाली है। लूट का मुख्य आरोपी मोहित सिंह राणा है, लेकिन आरोपी सही बोल रहे हैं या नहीं यह तो आरोपियों के पकड़े जाने के बाद ही पता चल सकता है। आरोपी मूल रूप से फैजाबाद का होने के कारण पुलिस की एक टीम फैजाबाद गई।

रिमांड के लिए पुलिस के तर्क
- इनके साथ और कितने आरोपी हैं और वह कौन-कौन है?
- लूटकर भागते वक्त इस्तेमाल किया गया हथियार बरामद करना है।
- आरोपी हथियार कहां से लाए थे?
- लूट के लिए इस्तेमाल की गई बाइक-कार बरामद करनी है।

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