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दो महिला बुटलेगरों की जांच नहीं की तो 400 यात्रियों ने किया बवाल, 17 ट्रेनें लेट

सूरत स्टेशन पर 2 घंटे तक चला ड्रामा, आधे से डेढ़ घंटे तक हिल भी नहीं पाई ट्रेन

Danik Bhaskar | Mar 24, 2018, 02:14 AM IST

सूरत. सूरत रेलवे स्टेशन पर गुरुवार रात ट्रेन से शराब की बोतल ला रही महिला बुटलेगरों की जांच नहीं की गई तो 22 बेटिकट सहित 400 यात्रियों ने करीब 2 घंटे तक जमकर हंगामा किया। इस हंगामे की वजह से एक के पीछे एक 13 ट्रेन खड़ी हो गईं। ये ट्रेन एक घंटे 45 मिनट तक लेट हुईं। इसके अलावा 4 ट्रेन 30 मिनट लेट हुईं। बांद्रा-भुज कच्छ एक्सप्रेस जैसे सूरत स्टेशन पर पहुंची यात्री नीचे उतर गए और ट्रेन की चैन पुलिंग कर उसे रोक लिया। इससे दिल्ली-मुंबई डाउन लाइन 2 घंटे तक पूरी तरह से ठप हो गई।

इस घटना की जानकारी मिलने पर पश्चिम रेल के महाप्रबंधक अनिल कुमार गुप्ता ने दखल दिया। आरपीएफ के वरिष्ठ विभागीय सुरक्षा आयुक्त अनूप शुक्ला रात 11 बजे मुंबई से सूरत आए। शुक्ला ने ट्रेन में एस्कॉर्ट टीम की लापरवाही पर आरपीएफ के 4 जवानों पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया। 3 ट्रेन के टीसी और 3 जीआरपी कर्मी पर भी मामला दर्ज किया गया है। हैरान करने वाली बात यह है कि इस मामले की शिकायत करने के लिए कोई यात्री तैयार नहीं हुआ।


यात्रियों ने एक दूसरे पर फेंकी शराब
रात 10.30 बजे सूरत स्टेशन पर ट्रेन पहुंची तो एस 1,2 और 3 के लगभग 400 यात्रियों ने हंगामा करना शुरू कर दिया और ट्रेन को रोके रखा। सूचना मिलते ही आरपीएफ सहायक आयुक्त राकेश पांडेय, स्टेशन निदेशक सीआर गरुड़ और वडोदरा रेंज के जीआरपी अधीक्षक शरद सिंघल मौके पर पहुंचे। इस दौरान उग्र यात्रियों ने शराब की बोतल से एक दूसरे पर शराब फेंका। तनाव पूर्ण स्थिति को देखते हुए घोषणा की गई कि यात्री ट्रेन में सवार हो जाएं, लेकिन कोई यात्री ट्रेन में बैठने को तैयार नहीं था।


ट्रेन चली गई, पर 20 यात्री छूट गए
रेलवे ने आखिरकार कई बार यात्रियों को ट्रेन में बैठने को कहा, पर यात्री नहीं माने तो मुख्य लाइन की पंक्चुएलिटी बिगड़ते देख 1 घंटे 45 मिनट बाद ट्रेन को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया। इस दौरान 20 यात्री सूरत रह गए। उन्हें रात 12 बजे पुणे-इंदौर ट्रेन में बैठाया गया। कच्छ एक्सप्रेस को अंकलेश्वर में रोका गया, उसके बाद इन यात्रियों को इस ट्रेन में बैठाया गया।


ध्यान भटकाने के लिए किया हंगामा
सूरत जीआरपी ने बताया कि एस 1 ,2 और 3 के यात्री एक ग्रुप के थे जो टूर पर जा रहे थे इसमें से लगभग 20 से 25 यात्री अनारक्षित टिकट लेकर आरक्षित डिब्बे में बैठे थे। टीसी से फाइन लगाने को लेकर विवाद हुआ तो उन्होंने महिला बुटलेगरों के बहाने रेलकर्मियों का ध्यान भटकाने के लिए हंगामा किया। मामले की जांच जारी है। अगर स्टाफ दोषी पाया गया तो कार्रवाई होगी।

यह था मामला

मुंबई से आ रही बांद्रा-भुज कच्छ एक्सप्रेस गुरुवार की रात 8.15 बजे जब वापी पहुंची। ट्रेन के कोच एस 1,2 और 3 में लगभग 400 यात्रियों का ग्रुप सवार था। ये कहीं घूमने जा रहे थे। इनमें से 22 यात्रियों ने अनारक्षित टिकट लिए थे। फाइन मांगने पर इन यात्रियों ने टीसी से बहस की। रात 8.38 बजे वलसाड में ट्रेन में जीआरपी की महिला स्कॉर्ट टीम सवार हुई। दो महिला यात्री भी ट्रेन में चढ़ी। किसी यात्री ने कहा कि इन महिलाओं ने कमर में शराब की बोतल छिपाई है। यात्री आरपीएफ और जीआरपी से महिलाओं की जांच की मांग करने लगे। आरपीएफ एस्कॉर्ट टीम ने कहा कि सूरत आने पर महिला आरपीएफ इनकी जांच करेगी। जीआरपी की महिला कांस्टेबल आई तो आरपीएफ ने उसे जांच करने के लिए कहा, लेकिन उसने नहीं किया। इससे यात्रियों ने महिला बुटलेगरों की पिटाई की और उनके कपड़े फाड़ दिए।

कार्र‌वाई: दोनों बुटलेगर गिरफ्तार, जीआरपी महिला कर्मी पर केस दर्ज

आरपीएफ के वरिष्ठ विभागीय सुरक्षा आयुक्त अनूप शुक्ला ने बताया कि एस्कॉर्टिंग टीम की लापरवाही के चलते हमने तीन आरपीएफ कर्मी और ट्रेन के टीसी पर मामला दर्ज किया। महिला बुटलेगर अंजु बेन वसावा (22) और दर्शना बेन कुशवाह के खिलाफ 116 (2) के तहत मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है। जीआरपी महिला कांस्टेबल पर भी मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा ट्रेन में एस 1,2 और 3 के यात्रियों पर ट्रेन के चेन पुलिंग करने और पंक्चुएलिटी बिगाड़ने साथ ही महिला बुटलेगरों के साथ मारपीट और कपड़े फाड़ने पर 141,145 बी,146 ,174 ए के तहत मामला दर्ज किया गया।

घटनाक्रम: आरपीएफ ने कहा- हम जांच नहीं कर सकते तो किया हंगामा

- 400 यात्रियों का ग्रुप कहीं घूमने जा रहा था। इनमें से 22 यात्रियों के पास आरक्षित डिब्बे का टिकट नहीं था।
- वापी में टीसी ने बेटिकट यात्रियों से जुर्माना देने को कहा तो वे बहस करने लगे।

- वलसाड में दो महिला यात्री ट्रेन पर चढ़ीं तो बेटिकट यात्रियों ने कहा कि उन्होंने शराब ले रखी है, जांच की जाए।

- आरपीएफ ने कहा- हम महिलाओं की जांच नहीं कर सकते तो हंगामा शुरू कर दिया।

ये ट्रेनेंं हुईं प्रभावित

अवंतिका, जयपुर, नांदेड़, लोकशक्ति एक्सप्रेस, देहरादून-पुरी एक्सप्रेस और गुजरात मेल जैसी 17 ट्रेनें प्रभावित हुईं।