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पोलियो से बचपन में बेकार हो गए थे दोनों पैर, आज इंटरनेशनल क्रिकेट के आलराउंडर

बचपन में पोलियो होने के कारण लक्ष्मण बिरहाडे के दोनों पैर बेकार हो चुके हैं।

Danik Bhaskar | Mar 12, 2018, 05:35 AM IST
.बचपन में पोलियो होने के कारण लक्ष्मण बिरहाडे के दोनों पैर बेकार हो चुके हैं। .बचपन में पोलियो होने के कारण लक्ष्मण बिरहाडे के दोनों पैर बेकार हो चुके हैं।

सूरत. बचपन में पोलियो होने के कारण लक्ष्मण बिरहाडे के दोनों पैर बेकार हो चुके हैं। इसके बाद भी उनके हौसले काफी कम नहीं हुए। डिंडोली के रहने वाले 28 साल के लक्ष्मण आज इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट के आलराउंडर खिलाड़ी हैं। 1 से 4 अप्रैल तक मुंबई और कोल्हापुर में बांग्लादेश के खिलाफ होने वाले मैच के लिए उनका सिलेक्शन किया गया है। यही नहीं 7 से 10 अप्रैल के बीच उत्तराखंड में भारत-बांग्लादेश-नेपाल के बीच होने वाली व्हीलचेयर टी-20 सीरीज में भी वह खेलेंगे।

- इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेट टूर्नामेंट में भारत की टीम से खेल रहे लक्ष्मण पर क्रिकेट का जुनून इस कदर सवार था कि वह सामान्य लोगों के साथ क्रिकेट खेलते थे।

- गुजरात के एकमात्र व्हीलचेयर क्रिकेटर होने के बावजूद सरकार ने उनकी किसी तरह की मदद नहीं की। उन्होंने बिना किसी कोच के ही यहां तक का सफर तय किया है।

- सूरत में आयोजित स्टैंडिंग क्रिकेट टूर्नामेंट में लक्ष्मण पर सीनियर दिव्यांग क्रिकेटर रमेश सतापे की नजर पड़ी।

- उन्होंने मौका दिलाया। लक्ष्मण सिटी के 25, राज्य स्तर के 10 और इंटरनेशनल स्तर के 3 मैच खेल चुके हैं।

सरकार ने नहीं की अभी तक मदद

गुजरात के एकमात्र इंटरनेशनल व्हीलचेयर क्रिकेटर लक्ष्मण को सरकार की तरफ से कोई मदद नहीं मिली। लक्ष्मण का कहना है कि एक तरफ राज्य सरकार दिव्यांगों के विकास के कल्याण का दावा करती है, लेकिन दिव्यांग खिलाड़ियों की उपेक्षा कर रही है।

कई मेडल और शील्ड मिल चुके हैं

- नेपाल, बांग्लादेश और भारत के बीच हुई टी-20 ट्राई सीरीज में भारत की टीम रनर-अप रही, लेकिन लक्ष्मण के खेल की काफी सराहना हुई।

- लक्ष्मण ने स्टेट और नेशनल लेवल 4 बार मैन ऑफ द मैच प्राप्त कर चुके हैं। उन्हें अब तक कई मेडल, शील्ड और सर्टिफिकेट मिल चुके हैं।

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