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एम्ब्रॉयडरी मंडप क्लॉथ का उत्पादन 25 हजार मीटर से बढ़कर 1 लाख मीटर पहुंचा

टेक्सटाइल मार्केट |इस बार शादियों में एम्ब्रॉयडरी से लैस मंडप के ऑर्डर ज्यादा मिल रहे हैं

Danik Bhaskar | Dec 27, 2017, 05:56 AM IST

सूरत. सूरत में साड़ी, ड्रेस, लहंगा ही नहीं अब मंडप क्लॉथ भी बड़े पैमाने पर बनने लगा है। पिछले साल दिसंबर के आखिरी सप्ताह में एम्ब्रॉयडरी वाले मंडप क्लॉथ का उत्पादन 25 हजार मीटर प्रतिदिन था, जो इस साल चौगुना यानी करीब 1 लाख मीटर पर पहुंच गया है। इस साल फॉइल प्रिंट, टिकल की डिमांड काफी कम हो गई है। मंडप क्लॉथ पर एम्ब्रॉयडरी करना और उसे सजाने के लिए अलग-अलग तरीके से सिलाई करानी होती है। इसलिए करीब डेढ़ माह पूर्व से ही मंडप क्लॉथ का कपड़ा बिकना शुरू हो गया है।

व्यापारियों का कहना है कि देश भर में सूरत के मंडप क्लॉथ की डिमांड बढ़ी है। जनवरी में शादियों के सीजन शुरू हो रहे, जिसमें इस बार मंडप में एम्ब्रॉयडरी वर्क वाले क्लॉथ के ऑर्डर ज्यादा हैं। इससे पहले प्रिंट, टिकल, फॉइल प्रिंट सहित अन्य क्लॉथ की डिमांड रहती थी। लेकिन इस साल लोगों का झुकाव एम्ब्रॉयडरी मंडप क्लॉथ पर है। रजवाड़ी लुक जैसी डिजाइन वाले मंडप क्लॉथ के ऑर्डर मिल रहे हैं।

लाइक्रा क्लॉथ पर की जा रही है एम्ब्रॉयडरी
मंडप क्लॉथ के लिए लाइक्रा, कंगारू, फ्लोरिंग, माइक्रा, जॉरजेट, सेटीन, स्पार्कल, वाॅर्पनिट, वैल्वेट और रशियन कपड़े होते हैं। जिनमें लाइक्रा क्लॉथ पर एम्ब्रॉयडरी का ट्रेंड चल रहा है। लाइक्रा कपड़ा स्टेज, एंट्री गेट और स्टेज के पीछे लगने वाला क्लॉथ पर लगता है। जो आकर्षण के केंद्र होते हैं।

राजस्थान, दिल्ली, यूपी, बिहार में अधिक डिमांड
एम्ब्रॉयडरी वाले मंडप क्लॉथ की डिमांड यूपी, बिहार, दिल्ली, जयपुर, मध्यप्रदेश में अधिक है। लोकल मार्केट में भी करीब रोजाना 5 हजार मीटर कपड़ा बिकता है। जो अन्य राज्य की तुलना में कम है। साउथ में मंडप का उपयोग काफी कम है।

मंडप क्लॉथ पर भी खर्च नहीं कर रहे अधिक रुपए
इस साल एम्ब्रॉयडरी के मंडप क्लॉथ की डिमांड भले ही हो लेकिन साड़ी, ड्रेस के साथ-साथ जीएसटी के बाद मंडप क्लॉथ का कारोबार भी 60 फीसदी रह गया है। पुराना पेमेंट आ नहीं रहा है। पुराने पेमेंट को भी मंडप क्लॉथ का कारोबार करने वाले परेशान हैं।

15 साल की मेहनत का नतीजा

15 साल लगातार मेहनत करने के बाद सूरत ने मंडप क्लॉथ के उत्पादन में अपनी एक अलग पहचान बनाई है। आज स्थिति यह है कि देश में उत्पादन होने वाला मंडप क्लॉथ में से 80 फीसदी सूरत का हिस्सा है।

एम्ब्रॉयडरी का बिजनेस बढ़ा

मंडप क्लॉथ एसोसिएशन के अध्यक्ष देव संचेती का कहना है कि मंडप क्लॉथ में एम्ब्रॉयडरी की डिमांड बढ़ने से एम्ब्रॉयडरी का काम करने वाले व्यापारियों को कुछ उम्मीद जगी है।