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राजनाथ सिंह ने कहा- मैं भी गुजरात का बेटा क्याेंकि, मेरी मां का नाम गुजराती देवी

लिंबायत और मजूरा विधानसभा क्षेत्रों में शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने दो सभाएं की। इस दाैरान उन्होंने हिंद

Danik Bhaskar | Dec 03, 2017, 03:57 AM IST
लिंबायत और मजूरा विधानसभा क्षेत्रों में शनिवार को राजनाथ सिंह ने हिंदीभाषियों की डिमांड पर भोजपुरी में भी भाषण दिया। लिंबायत और मजूरा विधानसभा क्षेत्रों में शनिवार को राजनाथ सिंह ने हिंदीभाषियों की डिमांड पर भोजपुरी में भी भाषण दिया।

सूरत. केंद्रीय गृहमंत्री और भाजपा के सीनियर लीडर राजनाथ सिंह ने शनिवार को लिंबायत और मजूरा विधानसभा क्षेत्र के हिंदीभाषी बाहुल्य क्षेत्रों में लोगों को संबोधित किया। राजनाथ सिंह कांग्रेस पर जमकर बरसे। अपनी विशिष्ट शैली में राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी का नाम लिए बिना कहा कि कांग्रेस के युवा नेता को गुजरात का विकास नहीं दिख रहा है। उन्हें इंसोनिया की बीमारी है, जिसकी वजह से उन्हें मति और दृष्टि भ्रम हो रहा है।

90 के दशक में कांग्रेस ने खाम थियरी के मुताबिक लोगों को बांटने का काम किया। राजनीति सिर्फ सरकार बनाने के लिए नहीं होती देश बनाने के लिए होती है। गुजरात के जो तीन युवा कांग्रेस का हाथ पकड़ रहे हैं, उन्हें समझ लेना चाहिए कि जो कांग्रेस का हाथ पकड़ता है वह डूबता है। अखिलेश यादव इस बात का ताजा उदाहरण हैं।


गुजरात के बेटे ने देश का नाम किया रोशन

राजनाथ सिंह ने कहा कि भाजपा लोगों के स्वाभिमान का पूरा खयाल रखती है। कांग्रेस के समय में पाकिस्तान की गोलीबारी के सामने सफेद झंडा दिखाया जाता था। अब भारतीय फौज रोज 2-3 आतंकवादियों को टपका रही है। सिंह ने कहा कि आज गुजरात के बेटे ने देश का नाम दुनिया में ऊंचा किया। उन्होंने कहा कि मेरी मां का नाम गुजराती देवी है। मैं गुजराती का बेटा हूं। राजनाथ सिंह ने लोगों की डिमांड पर भोजपुरी में भी भाषण दिया।

भारत की अर्थव्यवस्था कर रही तेजी से ग्रोथ

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सूरत में एक प्रेस वार्ता में कहा कि देश की जीडीपी ग्रोथ कम हो रही है। इसके जवाब में बमरोली की सभा में गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत की अर्थव्यवस्था तेजी से आगे बढ़ रही है। विश्व प्रसिद्ध मूडी एजेंसी का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि भारत की इकोनॉमिक ग्रोथ दुनिया के टॉप 10 देशों में शामिल है। अगले 5 साल में देश की अर्थव्यवस्था ग्रोथ टॉप 3 में शामिल हो जाएगी। नोटबंदी के मुद्दे पर कांग्रेस ने बखेड़ा किया। लाइनों में घंटों लगे लोग भी मोदी सरकार के इस निर्णय से खुश थे।

हिंदीभाषियों के लिए छोटी जगहों पर रखीं सभाएं

गृहमंत्री राजनाथ सिंह की दोनों सभाएं ऐसे स्थानों पर आयोजित की गईं जहां जगह बहुत कम थी। राजनीतिक चर्चाओं की मानें तो चुनाव में जीत हासिल करने के लिए भाजपा सभी छोटे-बड़े नेताओं को मैदान में उतार रही है। छोटी जगहों पर गृहमंत्री की सभाएं आयोजित करने के पीछे हिंदीभाषियों के वोट बटोरने का है। इसी वजह से सभा के लिए ऐसे स्थल पसंद किए गए, जो बहुत ही छोटे थे। ऐसा लग रहा है जैसे मनपा चुनाव के लिए किसी पार्षद की सभा आयोजित की गई हो।

सभा स्थल की कम थी क्षमता

राजनाथ सिंह की सभा के लिए लिंबायत और बमरोली रोड पर जो स्थान तय किए गए थे, उनकी क्षमता बहुत कम थी। बमरोली रोड की सभा भी छोटी सी जगह पर आयोजित की गई। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी सूरत के हिंदी भाषी बाहुल्य क्षेत्रों में सभा करने के लिए भेजा गया था। पांडेसरा में योगी आदित्यनाथ की सभा भी बहुत छोटी जगह पर आयोजित की गई थी।

भाजपा ने कोई विकास नहीं किया: प्रफुल्ल

एनसीपी के राष्ट्रीय सचिव और गुजरात प्रभारी प्रफुल्ल पटेल का शनिवार को शहर के मोरा भागल, मोटा वराछा और जिले के जंखवाव में तीन सभाओं को संबोधित करने का कार्यक्रम था, लेकिन वह एक सभा में नहीं पहुंचे। शहर के मोरा भागल इलाके में सूरत पश्चिम विधानसभा क्षेत्र के एनसीपी प्रत्याशी का प्रचार करने आए के लिए प्रफुल्ल सभा करने वाले थे, लेकिन वह आए ही नहीं। एनसीपी नेता हरीश सूर्यवंशी ने कहा कि ट्रैफिक की वजह से प्रफुल्ल पटेल नहीं पहुंच पाए। शाम को मोटा वराछा में आयोजित सभा में उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार ने विकास का कोई काम नहीं किया है। ओलपाड में किसानों की स्थिति ठीक नहीं है। लोग बिजली-पानी की समस्याओं से जूझ रहे हैं।

जंखवाव में भाजपा पर बरसे पटेल : जिले की मांगरोल सीट के जंखवाव गांव में हुई पहली सभा में प्रफुल्ल पटेल ने कहा कि भाजपा सरकार विकास की झूठी बातें कर लोगों को अंधेरे मे रख रही है। किसानों को फसल का उचित दाम तक नहीं दिला पा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी राज्य की हालत ठीक नहीं है। गरीबों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो रहे हैं।

राजनाथ सिंह की दोनों सभाएं एेसी जगहों पर आयोजित की गई थीं, जहां हिंदीभाषी मतदाताओं की संख्या ज्यादा है। राजनाथ सिंह की दोनों सभाएं एेसी जगहों पर आयोजित की गई थीं, जहां हिंदीभाषी मतदाताओं की संख्या ज्यादा है।