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जैसे ही हुआ बढ़े टैक्स कम नहीं होंने का एलान, तोड़फोड़, हंगामा और 2 घंटे तक ड्रामा

टैक्स वृद्धि के मुद्दे पर मनपा में कांग्रेस का हंगामा शहर अध्यक्ष सहित 5 नेताओं को गांधीनगर किया तलब।

Dainik Bhaskar

Feb 07, 2018, 09:12 AM IST
rampage in municipale copration

सूरत. ड्राफ्ट बजट पर स्थायी समिति में चर्चा के दौरान मंगलवार को कांग्रेस के पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। 20 से ज्यादा पार्षद सभा कक्ष की ओर बढ़े और लोहे का पहला दरवाजा ईंट से तोड़ दिया। कांग्रेस के इस आक्रामक प्रदर्शन के बाद सकते में आए मुख्यमंत्री विजय रूपाणी ने मेयर अस्मिता सिरोया, डिप्टी मेयर शंकरलाल चेवली, स्थायी समिति अध्यक्ष राजेश देसाई, शहर भाजपा प्रमुख नितिन भजियावाला के साथ पार्टी के एक वरिष्ठ पदाधिकारी को तत्काल गांधीनगर तलब कर लिया। ये सभी हंगामे के बाद ही गांधीनगर रवाना हो गए।

इस दरवाजे पर अंदर की ओर ताला लगा हुआ था। दूसरे दरवाजे के बीच मार्शल तैनात थे, जिन्होेंने इन्हें रोका। हालांकि कुछ पार्षद अंदर पहुंच गए। मनपा के 50 मार्शलों से भी पार्षद काबू नहीं हो पाए तो चौक बाजार थाने से पुलिस और क्राइम ब्रांच को बुलाना पड़ा। पुलिस ने हंगामा कर रहे 10 पार्षदों को हिरासत में लिया, जिन्हें घंटेभर बाद छोड़ दिया गया। हंगामे के दौरान एक पार्षद दिनेश काछड़िया अचेत हो गए तो कुछ महिला पार्षदों को चोटें आईं, जिन्हें अस्पताल ले जाना पड़ा।


सभ्य हुए असभ्य
शहर में नए गार्डन, आवास और पिकनिक स्पॉट बनाने के नाम पर भाजपा शासित महानगर पालिका ने एक साथ ही 40 फीसदी टैक्स बढ़ाने की तैयारी कर ली। केवल एक साल में 534 करोड़ रुपए जनता की जेब से निकालने का खाका तैयार कर लिया। इस पर जब कांग्रेस ने विरोध किया तो स्थाई समिति अध्यक्ष राजेश देसाई ने साफ शब्दों में कह दिया कि बढ़ाए गए टैक्स कम नहीं होंगे। दलील दी कि बाकी शहरों से अब भी टैक्स कम है।

इस पर कांग्रेस के पार्षदों ने मंगलवार को विरोध प्रदर्शन शुरू किया तो प्रशासन ने मार्शल बुलाकर उनको बाहर करने की कोशिश की। इस पर गुस्साए कांग्रेसियोें ने आपा खो दिया और दो गेटों को खाेलकर स्थाई समिति के कमरे में घुस गए। एसएमसी में जमकर हंगामा हुआ। लोहे के दरवाजे को तोड़कर खोला गया, फिर अंदर के दरवाजे को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस दौरान कांग्रेस के पार्षद बेहोश भी हो गए। कई को चोटें भी आईं। बाद में पुलिस विरोध करने वालों को पकड़कर ले गई। हालांकि इतना बड़ा "ड्रामा' होने के बाद भी पालिका के किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि की तरफ से पुलिस में शिकायत तक नहीं दी गई।

संशोधन की चर्चा में कांग्रेस शामिल तक नहीं: बजट प्रस्तावों को भाजपा के बोर्ड और उसके अधिकारियों ने ही तैयार किया है। पहली सामान्य सभा में कांग्रेस के विरोध का दरकिनार कर दिया गया। उसके बाद इन प्रस्तावों पर संशोधन के लिए कई दिन से चर्चा चल रही है। चर्चा करने वाली इस स्थायी समिति में केवल भाजपा के पार्षद हैं, कांग्रेस का एक भी नहीं। समिति में संशोधनों के फाइनल हो जाने के बाद इन्हें सामान्य सभा में रखा जाएगा। यहां भी भाजपा की बहुमत है।


स्थाई समिति अध्यक्ष ने कहा- कमाई कम इसलिए बढ़े टैक्स: स्थाई समिति के अध्यक्ष राजेश देसाई ने पहले ही कह दिया था कि बढ़े टैक्स कम नहीं किए जाएंगे, क्योंकि पिछले कई वर्षों से कर नहीं बढ़े जिससे मनपा की आय कम हो रही है।

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