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गुजरात में II फेज के 4 असेंबली के 6 बूथ पर रीवोटिंग आज, EVM से हटाया डाटा

काउंटिंग के दिन ईवीएम को हैकिंग से बचाने मोबाइल फोन सर्विस बंद करने के लिए जारी फर्जी लेटर हुआ वायरल।

Danik Bhaskar | Dec 17, 2017, 04:54 AM IST
इससे पहले I फेज में 9 दिसंबर को ह इससे पहले I फेज में 9 दिसंबर को ह

गांधीनगर. गुजरात विधानसभा चुनाव की 18 दिसंबर को होने वाले मतगणना से पहले रविवार को दूसरे चरण के कुल छह बूथ पर सुबह आठ बजे से शाम पांच बजे तक पुनर्मतदान होगा। चुनाव आयोग ने बनासकांठा जिले के वडगाम (अनुसूचित जाति सुरक्षित) सीट के दो बूथ (छनियाणा 1 और छनियाणा 2), अहमदाबाद जिले के विरमगाम सीट के एक बूथ (वीरमगाम 27), इसी जिले की दसक्रोई सीट के एक बूथ नवा नरोडा तथा वडोदरा जिले की सावली सीट के दसू बूथ न्हारा-1 और सांकरदा पर 14 दिसंबर को हुए मतदान को रद्द कर दिया है। इन पर रविवार को दोबारा मतदान होगा।

37 मतगणना स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के बीच काउंटिंग 18 दिसंबर को

इससे पहले प्रथम चरण में 9 दिसंबर को हुए मतदान में भी कुछ छह बूथ पर वोटिंग को रद्द कर इन पर दूसरे चरण के साथ मतदान कराया गया था। इन मतदान केंद्रों पर दूसरे चरण के तहत मतदान हुए थे। उधर, राज्य की सभी 182 सीटों की मतगणना 18 दिसंबर को कुल 37 मतगणना स्थलों पर कड़ी सुरक्षा के बीच होगी। सभी परिणाम दोपहर तक आ जाने की संभावना है।

आयोग ने ईवीएम से हटाया डाटा
- निर्वाचन आयोग ने तकनीकी कारणों का हवाला देते हुए शुक्रवार रात दोबारा चुनाव कराने के आदेश दिए और इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन(ईवीएम) में मौजूद डाटा हटा दिया। निर्वाचन आयोग ने वोटर-वैरिफाइड पेपर ऑडिट ट्रेल (वीवीपैट) के जरिए उक्त केंद्रों पर मतगणना के आदेश दिए।

- यहां पीठासीन अधिकारी इन ईवीएम मशीनों पर किए गए अभ्यास (मॉक ड्रील) के परिणाम हटाना भूल गए थे। गुजरात के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बी.बी. स्वेन ने दोबारा चुनाव कराने के आदेश दिए।

मतगणना के दिन ईवीएम को हैकिंग से बचाने के लिए मोबाइल फोन सेवा बंद करने के लिए जारी फर्जी पत्र हुआ वायरल
- गुजरात में विधानसभा चुनाव की 18 दिसंबर को होेने वाली मतगणना से पहले चुनाव आयोग के नाम पर जारी एक फर्जी पत्र जिसमें मतगणना के दिन सुबह आठ से शाम छह बजे तक इवीएम मशीनों की संभावित हैकिंग को रोकने के लिए सभी टेलीफोन कंपनियों की सेवाएं बंद कराने के आदेश दिए गए थे, शनिवार को सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।

- मजे की बात यह रही राजकोट के पडधरी के एक मामलतदार ने इसे सही समझते हुए इसे अपने दस्तखत के साथ जारी भी कर दिया। हालांकि, बाद में यह जानकारी होने पर कि यह फर्जी है उन्होंने अपनी भूल सुधार ली।

- चुनाव उपायुक्त केएल परमार के फर्जी नाम और दस्तखत से जारी इस पत्र में कहा गया है कि मोबाइल कंपनियों के टॉवर इवीएम को हैक करने में मदद करते हैं इसलिए इन्हे मतगणना के दिन बंद रखने के निर्देश सभी अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में दें।