--Advertisement--

21 महीने का एकांत अनुष्ठान कर बाहर आए संत लाल बापू

धर्मसभा में दर्शन के लिए पहुंचे मुख्यमंत्री रूपाणी

Danik Bhaskar | Mar 05, 2018, 05:25 AM IST

राजकोट. सौराष्ट्र के गायत्री आश्रम-गधेथड के संत लाल बापू और राजू भगत 21 महीने के एकांत अनुष्ठान पूर्ण कर रविवार को बहार आए। इस अवसर पर आयोजित धर्मसभा में श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। वे गधेथड में सात दिनी 551 कुंडी महायज्ञ में आहुति के दौरान मृत्यु को प्राप्त हुए जीव-जंतुओं के मोक्षार्थ संत लाल बापू 21महीने के एकांतवास में गए थे। मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी दर्शन के लिए पहुंचे-आशीर्वाद लिया।

धर्मसभा को संबोधित करते हुए लाल बापू ने कहा कि- जीव हिंसा की रोकथाम का काम लोगों द्वारा हो तो क्रांति आ जाएगी। लाल बापू ने कहा कि- कई लोग ऐसी बातें करते थे कि 551 कुंडीय महायज्ञ करके बापू अनुष्ठान में बैठ गए हैं। तो क्या बापू लोगों-मरीजों से तंग आ गएω ऐसे में कहने का मन होता है कि- सात दिवसीय महायज्ञ के दौरान हुई आहुति में कई जीव-जंतुओं का जीव गया होगा। वाहन-महाराज के पैरों से कुचल कर जीव-जंतु मृत्यु को प्राप्त हुए होंगे । हम तो साधू हैं-जिन दानदाताओं ने दान दिया वह भी हम पर ऋण हुआ।

इस ऋण से मुक्त होने -आहुति में मृत्यु को प्राप्त हुए जीव जंतुओं के कल्याणार्थ एक दिन के तीन महीने के हिसाब से 21 महीने का एकांत अनुष्ठान किया है। मौजूदा समय में जीव हिंसा बड़े पैमाने पर होती है-इसकी रोकथाम लोगों द्वारा की जाए तो बड़ी क्रांति होगी और लोगों के गुणदोष भी कम होंगे।