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ट्रेनों पर फेंकवाए जा रहे हैं पत्थर, जम्मू-कश्मीर की तरह पैसे देकर करवाया जा रहा से काम

15 से 17 साल के किशोरों को पैसे देकर ट्रेनों पर फेंकवाए जा रहे हैं पत्थर।

Bhaskar News | Last Modified - Jan 07, 2018, 07:51 AM IST

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    सूरत. पश्चिम रेलवे के सूरत और उसके आसपास के स्टेशनों के 28 किलोमीटर के क्षेत्र में चलती ट्रेन पर कश्मीर की तरह पैसे लेकर पत्थरबाजी करने का मामला सामने आया है। शरारती तत्व नाबालिग बच्चों को महज 100 रुपए देकर चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकवाते हैं। रेलवे ट्रैक पर अवरोध पैदा कराते हैं। हैरान करने वाली बात यह है कि पुलिस को घटना के पीछे की वजह की जानकारी ही नहीं है। बीते पांच जनवरी को ही सूरत स्टेशन से कुछ ही दूर पर स्थित माल्यावाड फूल बाजार के पास गुड्स ट्रेन पर पत्थरबाजी की गई। लोको पायलट ने इसकी सूचना कंट्रोल को दी, जिसके बाद जीआरपी और आरपीएफ हरकत में आई। बीते शुक्रवार को आरपीएफ ने चलती ट्रेन पर पत्थर फेंकने के आरोप में संदिग्ध दो नाबालिग किशोरों को गिरफ्तार किया। शनिवार को दोनों संदिग्धों को जीआरपी के हवाले किया गया।

    घटनाओं के पीछे कोई आतंकी साजिश तो नहीं!
    - जीआरपी ने कहा कि 5 जनवरी को कॉनकोर कंटेनर मालगाड़ी पर पत्थरबाजी की गई थी। मामले के आरोपी कतारगाम निवासी दोनों नाबालिगों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें बाल सुधार गृह भेज दिया गया है।

    - इधर, आरपीएफ सूत्रों ने बताया कि शुरुआती पूछताछ में पता चला है कि उन्हें ट्रेनों पर पत्थर फेंकने के लिए हर बार 100 रुपए दिए जाते थे। जीआरपी इस मामले की गहनता से जांच कर रही है कि कहीं पत्थर फेंकने की घटनाओं के पीछे कोई आतंकी साजिश तो नहीं है।

    2017 में ट्रेनों पर पत्थर फेंकने के 34 मामले दर्ज हुए

    28 दिसंबर : पटरी पर मिली थी बेंच

    पिछले वर्ष 28 दिसंबर को सूरत से सटे उत्राण स्टेशन के पास उत्कलनगर इलाके में ट्रैक पर लोहे की बेंच रख दी गई थी, जिससे अहिंसा एक्सप्रेस का इंजन का केटल टकरा गया था।

    28 अप्रैल : प्रेरणा एक्सप्रेस पर पथराव

    पिछले साल ही 28 अप्रैल को अहमदाबाद-नागपुर प्रेरणा एक्सप्रेस पर रात करीब 9.30 बजे सूरत व उधना स्टेशनों के बीच पत्थर फेंके गए थे। इससे ट्रेन का एसी कोच क्षतिग्रस्त हो गया था।

    20 अप्रैल : सायन के पास ट्रैक पर पेड़

    सूरत-अंकलेश्वर के बीच सायन स्टेशन के पास बीते वर्ष 20 अप्रैल को ट्रैक पर पेड़ की डाल मिली थी। डाउन लाइन पर जा रही ट्रेन के ड्राइवर ने अप लाइन पर डाल देख शिकायत की। घटना की जांच हो रही है।

    सजा का यह प्रावधान

    रेलवे अधिनियम के अनुसार यदि कोई व्यक्ति ट्रेन में यात्रा कर रहे यात्री को दुर्भावनापूर्ण तरीके से चोटिल करता है या चोटिल करने का प्रयास करता है या ट्रैक से छेड़छाड़ करता है, तो कानूनन उसे उम्र कैद या एक साल (10 वर्ष तक बढ़ सकता है) कैद हो सकती है।

    आरपीएफ की नजर उधना और लिंबायत इलाके पर

    पत्थर फेंकने की घटनाओं के मद्देनजर शनिवार को पश्चिम रेलवे के आरपीएफ आईजी और मंडल सुरक्षा आयुक्त सूरत के दौरे पर आए थे। इन अफसरों ने भेस्तान से किम स्टेशनों के बीच ट्रैक का निरीक्षण किया। बताया गया कि भेस्तान से उत्राण-कीम स्टेशन तक उधना, लिंबायत व उत्कल नगर जैसे इलाकों में पत्थर फेंकने या ट्रैक पर बाधा पैदा करने जैसी घटनाएं होती हैं। इसके बाद दोनों ने सूरत से कीम तक रेलवे ट्रैक के दोनों किनारों पर संदिग्ध गतिविधियों की निगरानी का निर्देश दिया। साथ ही सुरक्षा के लिए सूरत आरपीएफ को 32 अतिरिक्त जवान सौंपे गए हैं, जो रात 10 से सुबह छह बजे तक ड्यूटी पर रहेंगे। इनके अलावा चार गैंगमैन भी इसी अवधि में ट्रैक की निगरानी करेंगे।

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Web Title: Bhakar Breaking Stoning Against Runing Trains Betwwen Western Sural Railway Stations
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