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जवाब नहीं दे पाया स्टूडेंट तो टीचर ने दौड़ाकर पीटा, 3 घंटे बाद अस्पताल में आया होश

स्कूल टीचर की बेरहमी के चलते स्टूडेंट को कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था।

Bhaskar News | Last Modified - Mar 16, 2018, 02:34 AM IST

  • जवाब नहीं दे पाया स्टूडेंट तो टीचर ने दौड़ाकर पीटा, 3 घंटे बाद अस्पताल में आया होश
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    स्टूडेंट मयूर को 3 घंटे बाद अस्पताल में होश आया तो बताया पूरा वाकया।

    सूरत.सवाल का जवाब नहीं बता पाने पर टीचर ने बच्चे को दौड़ा-दौड़ा कर पीटा। बच्चा तीन घंटे बेहोश रहा। उसे स्मीमेर अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्कूल की प्रिंसिपल टीचर पर कार्रवाई करने की बजाय बच्चे की ही गलती बता रही हैं। बच्चे ने बताया कि टीचर ने उसे इतना पीटा कि वह ठीक से चल नहीं पा रहा था। उसके साथियों ने उसे घर तक पहुंचाया। घर पहुंचते ही वह बेहोश हो गया। आरोपी टीचर के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है।

    इतना पीटा कि मुझे कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था

    - यह घटना मनपा शिक्षण समिति के स्कूल क्रमांक 113 की है। मयूर वाघ यहां 8वीं में पढ़ता है। इस स्कूल के ट्रस्टी बिजनेसमैन गोविंदभाई ढोलकिया हैं। ढोलकिया का कहना है कि स्कूल में आरोपी उमेश गाबाणी की भर्ती एडिशनल टीचर के रूप में की गई है।

    - अस्पताल में होश आया तो मयूर ने बताया, मैं अपने दोस्त से बात कर रहा था। इस पर उमेश सर को गुस्सा आ गया। उन्होंने मुझे पीटा और क्लास से बाहर चले जाने को कहा। मैं बाहर चला गया तो उन्होंने फिर क्लास में बुलाया और सवाल पूछने लगे। जब मैं जवाब नहीं दे पाया तो मुझे फिर पीटने लगे। मेरी क्लास टीचर अंकिता मेम ने मुझे बचाया।

    - उन्होंने उमेश सर का हाथ पकड़कर धक्का दे दिया। जब मैं प्रिंसिपल से शिकायत करने जाने लगा तो उमेश सर ने मुझे पीछे से दौड़ाकर पकड़ लिया और फिर पीटने लगे। मुझे थोड़ी देर के लिए कुछ दिखाई नहीं पड़ा। दोस्तों ने घर तक पहुंचाया। उमेश सर बहुत गुस्सा करते हैं। हमेशा किसी न किसी बच्चे को पीटते रहते हैं।

    पिता: साथी छोड़ने आए थे, घर पहुंचते ही बेहोश हुआ
    - मयूर वाघ के पिता रमेश भाई वाघ सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। रमेश भाई ने बताया, मैं ड्यूटी पर था। दोपहर 1 बजे मयूर के कुछ साथी उसे घर तक छोड़ने आए। उसकी हालत इतनी खराब थी कि वह घर पहुंचते ही बेहोश हो गया। मयूर के साथियों ने उसकी मां को बताया कि उसे टीचर उमेश गाबाणी ने बहुत मारा है। मयूर की मां ने मुझे फोनकर उसकी हालत के बारे में बताया। मैंने एंबुलेंस 108 को फोन किया। उसके बाद उसे स्मीमेर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में मयूर को करीब 3 घंटे बाद होश आया।

    प्रिंसिपल: टीचर ने माफी मांगी

    स्कूल की प्रिंसिपल श्वेता पंचोली ने कहा कि टीचर की कोई गलती नहीं है। बच्चा जब तक स्कूल में था अच्छा था, इसलिए माता-पिता को जानकारी नहीं दी। टीचर ने माफी मांग ली है। बच्चे की गलती है। टीचर उमेश गाबाणी ने कहा, मैंने बच्चे को इतना नहीं मारा कि वह बेहोश हो जाए। उसे क्लास से बाहर जाने के लिए कहा तो उसने मुझे गाली दी।

    तो होगी टीचर पर कार्रवाई
    शिक्षण समिति के अध्यक्ष हसमुख पटेल ने कहा कि बच्चे को मारने वाला टीचर समिति का नहीं है। घटना की जांच की जाएगी। गलती मिली तो टीचर पर कार्रवाई की जाएगी। टीचर संघ के प्रमुख रमेश परमार ने कहा कि बाहर के टीचरों द्वारा गरीब बच्चों अत्याचार किया जा रहा है।

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    मयूर वाघ के पिता रमेश भाई वाघ सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं।
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