साहित्यकारों को बर्थडे पर उनका पोट्रेट बनाकर भेंट करते हैं शिल्पी, अब तक 350 से ज्यादा बना चुके / साहित्यकारों को बर्थडे पर उनका पोट्रेट बनाकर भेंट करते हैं शिल्पी, अब तक 350 से ज्यादा बना चुके

मेहुल पटेल

Feb 19, 2018, 07:34 AM IST

हाल ही में शहर के कवि किरण सिंह चौहान को उनके जन्मदिन पर उनका पोट्रेट गिफ्ट किया।

Success Story of artist Shilpi Prajapati

सूरत. हाल ही में शहर के कवि किरण सिंह चौहान को उनके जन्मदिन पर उनका पोट्रेट गिफ्ट किया। यह स्कैच शिल्पी प्रजापति ने बनाया था। वह अब तक 350 से ज्यादा साहित्यकारों को उनके जन्मदिन पर पेंसिल से बनाए पोट्रेट भेंट कर चुके हैं। यह उनका जुनून है। उनका लक्ष्य 1000 साहित्यकारों का पेंसिल पोट्रेट बनाने का है। प्रजापति पिछले 2 साल में शहर के कवि मुकुल चौकसी, रईस मणियार, डॉ. विवेक टेलर, निलेश पटेल, प्रशांत सोमानी जैसे 10 से अधिक साहित्यकारों का पेंसिल पोट्रेट बनाकर उन्हें उनके जन्मदिन पर भेंट कर चुके हैं।

प्रजापति उन साहित्यकारों का पोट्रेट भी बनाते हैं, जो अब इस दुनिया में नहीं हैं। बनासकांठा जिले के बुरेठा गांव के रहने वाले 34 वर्षीय शिल्पी प्रजापति को साहित्यकारों का पोट्रेट बनाने का विचार दो साल पहले आया। गुजराती साहित्य के इतिहास पर तो काफी किताबें उपलब्ध हैं, लेकिन अब तक गुजराती के सभी साहित्यकारों के पोट्रेट का कोई कलेक्शन नहीं है। तब से ही शिल्पी ने ठान लिया कि वह गुजराती भाषा के सभी छोटे-बड़े साहित्यकारों के पोट्रेट तैयार करेंगे। इतना ही नहीं साहित्यकारों के जन्मदिन पर उन्हें पोट्रेट गिफ्ट भी करेंगे। तब से आज तक शिल्पी रोज किसी ना किसी साहित्यकार का पोट्रेट बनाते हैं। पेशे से शिक्षक शिल्पी खुद एक अच्छे कवि और वार्ताकार हैं। वह दिवंगत साहित्यकारों का पोट्रेट बनाकर उनके परिचय के साथ सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हैं।

प्रेरणा: नए साहित्यकारों का बढ़ाते हैं हौसला

शिल्पी रोज करीब 7 घंटे साहित्यकारों के पोट्रेट बनाने में बिताते हैं। कच्छ के एक स्कूल में सहायक शिक्षक की नौकरी कर रहे शिल्पी जो समय बचता है उसमें पोट्रेट बनाते हैं। वह कभी-कभी 10 घंटे तक एक ही पोट्रेट पर काम करते रहते हैं। शिल्पी अब तक कवि कलापी से लेकर वार्ताकार राम मोरी तक के पोट्रेट बना चुके हैं। नए साहित्यकारों का हौसला बढ़ाने के लिए उन्हें पोट्रेट देते हैं।

मेहनत: बना रहे साहित्यकारों का एलबम

शिल्पी प्रजापति आनेवाली पीढ़ी को गुजराती साहित्यकारों का परिचय कराने के लिए एक एलबम तैयार कर रहे हैं। संभवत: यह गुजराती साहित्यकारों का पहला सबसे बड़ा पेंसिल स्कैच कलेक्शन होगा। शिल्पी का कहना है कि नए साहित्यकार अच्छा कर रहे हैं। एक ही एलबम में नए-पुराने शामिल होंगे।

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