--Advertisement--

पानी पर पहरा: सरदार सरोवर डैम से किसानों को सिंचाई के लिए नर्मदा का पानी बंद

सरदार सरोवर नर्मदा बांध का डेड स्टॉक पानी का उपयोग प्रदेश की छह करोड़ जनता के पीने के लिए होगा।

Danik Bhaskar | Mar 16, 2018, 02:50 AM IST

राजपीपला(गुजरात). नर्मदा डैम की माइनाेर, सब माइनोर और डिस्ट्रीब्यूटरी केनाल में शुक्रवार से पानी बंद दिया जाएगा। राज्य सरकार के 15 मार्च के बाद किसानों को पानी न देने की घोषणा की है। बरसात तक डैम के पानी का उपयोग पीने के लिए होगा। उधर, डैम का जल स्तर घटने के कारण आईबीटी में छोड़े जाने वाले पानी की मात्रा को कम कर दिया गया है।

15 मार्च के बाद डैम से केवल पीने का पानी मिलेगा

- सरदार सरोवर नर्मदा बांध का जल स्तर रोज 24 सेमी घट रहा है। डैम के लगातार घट रहे जल स्तर को ध्यान में रखते हुए केनाल में पानी बंद करने का निर्णय लिया गया है। गुरुवार को शाम तक केनाल में पानी छोड़ने के बाद माइनोर, सब माइनोर और डिस्ट्रीब्यूटरी केनाल में शुक्रवार से बंद कर दिया जाएगा।

- नर्मदा का जल स्तर 105.71 मीटर है। ऊपरी क्षेत्रों से 2,574 क्यूसेक पानी की आवक हो रही है। आईबीटी टनल से 9,500 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। नर्मदा नदी के गोटबोले गेट से 500 क्यूसेक और नर्मदा केनाल में 9,000 क्यूसेक पानी छोड़ा जा रहा है। 15 मार्च के बाद डैम से केवल पीने का पानी मिलेगा।

पावर हाउस बंद होने से बिजली का संकट बढ़ेगा
नर्मदा डैम का आरबीपीएच और सीएचपीएच बंद है। फरवरी से ही गर्मी पड़नी शुरू हो गई है। एसी, पंखा आदि में बिजली का उपयोग बढ़ गया है। राज्य सरकार को बिजली आपूर्ति की योजना अभी से बनानी होगी। नर्मदा डैम में दोनों टर्बाइन चालू होते तो बिजली का संकट नहीं आता।

पावर हाउस बंद होने से बिजली का संकट बढ़ेगा
नर्मदा डैम का आरबीपीएच और सीएचपीएच बंद है। फरवरी से ही गर्मी पड़नी शुरू हो गई है। एसी, पंखा आदि में बिजली का उपयोग बढ़ गया है। राज्य सरकार को बिजली आपूर्ति की योजना अभी से बनानी होगी। नर्मदा डैम में दोनों टर्बाइन चालू होते तो बिजली का संकट नहीं आता।

रीवर फ्रंट की हालत भी खराब हो सकती है

अहमदाबाद जिले को नर्मदा से सिंचाई के लिए फतेवाडी केनाल से दिया जाने वाला 400 क्यूसेक पानी शुक्रवार से बंद हो जाएगा। इससे वासणा बैराज में पानी की आवक बंद होने से साबरमती नदी में पानी छोड़ना बंद हो जाएगा। नर्मदा का पानी बंद होने से साबरमती के सूखने की पूरी संभावना है। वहीं, रीवर फ्रंट की हालत भी खराब हो सकती है। नदी से इन्टेकवेल से कोतरपुर वॉटर वर्क्स में 200 क्यूसेक पानी लेने पर प्रतिबंध लगाने से इन्टेक-1 और 2 को बंद कर दिया गया है। महानगरपालिका पानी ना खींचे इसलिए सिंचाई विभाग के दो कर्मचारियों को कोतरपुर वॉटर वर्क्स पर तैनात किया गया है।

कुछ जोन में जल संकट की स्थिति

उधर, कडाणा डैम से शेढी केनाल के माध्यम से रास्का वाॅटर वर्क्स में छोड़े जाने वाले 200 क्यूसेक पानी को बंद कर दिया गया है। 400 क्यूसेक पानी की कमी होने से अहमदाबाद शहर के उत्तर, पूर्व, मध्य और दक्षिण जोन में जल संकट की स्थिति और विकट हो सकती है। अधिकारियों का दावा है कि शहर में नर्मदा के पाइप लाइन से सीधे पानी दिए जाने से कोई समस्या नहीं है।