--Advertisement--

राज्य सरकार ही तय करेगी फीस, स्कूल संचालकों पिटिशन पर सुप्रीम कोर्ट का अादेश

सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक बार फीस तय होने के बाद सभी स्कूलों को उनका फीस प्रपोजल पेश करना जरूरी है।

Dainik Bhaskar

Feb 20, 2018, 04:21 AM IST
सिम्बॉलिक इमेज। सिम्बॉलिक इमेज।

अहमदाबाद. प्रदेश में फीस विवाद के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को अहम फैसला सुनाया है। दरअसल स्कूल संचालकों ने फीस नियमन कानून को लेेकर सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई थी। इसमें मांग की गई थी कि राज्य सरकार 2018-19 की फीस निर्धारित करे और 2017-18 की फीस तय न करे, लेकिन सुप्रीम कोर्ट ने इस याचिका को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने चार सप्ताह में सभी स्कूलों को उनका प्रपोजल कमेटी में पेश करने का आदेश दिया है।

रिवीजन कमेटी में होंगे हाईकोर्ट के दो रिटायर्ड जज
फीस नियमन कानून को चुनौती देने वाली स्कूल संचालकों की याचिका पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि एक बार फीस निर्धारित होने के बाद सभी स्कूलों को उनका फीस प्रपोजल पेश करना जरूरी है। चार हफ्ते में इन स्कूलों को फीस निर्धारित करनी होगी। नई फीस कमेटी गठित करने और उसमें हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज को नियुक्त करने के आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने सुधार किया है। अब कमेटी में डिस्ट्रिक्ट कोर्ट के रिटायर्ड जज को भी नियुक्त किया जा सकता है। फीस रिवीजन कमेटी में हाईकोर्ट के दो रिटायर्ड जज होंगे। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस केस से संबंधित मामला अन्य किसी अदालत में नहीं चलेगा।


हाईकोर्ट ने भी राज्य सरकार के फीस नियमन कानून को सही ठहराया था

गौरतलब है कि गुजरात हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के फीस निर्धारण कानून को उचित ठहराते हुए कहा था कि सरकार को कानून बनाने का पूरा अधिकार है। हाईकोर्ट के इस निर्णय को स्कूल संचालकों ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाैती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए फीस कमेटी में हाईकोर्ट के दो रिटायर्ड जज को नियुक्त करने का आदेश दिया था। इस संदर्भ में सुप्रीम कोर्ट में और एक याचिका दायर की गई थी। जिसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने आदेश दिया था कि सरकार को कानूनी नियमानुसार प्रोविजनल फीस निर्धारित करनी होगी। सोमवार को इस केस की सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कई मामलों को स्पष्ट किया।

X
सिम्बॉलिक इमेज।सिम्बॉलिक इमेज।
Bhaskar Whatsapp

Recommended

Click to listen..