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चार साल में रुपए आठ गुना करने का देता था झांसा, कुछ ही दिन में लौटाने थे 5 करोड़

पहली स्कीम: 1.28 लाख चार बार दो, 40 लाख पाओ, दूसरी स्कीम: 1.28 लाख एक बार दो, 10 लाख पाओ

Dainik Bhaskar

Mar 05, 2018, 05:12 AM IST
surat businessman vijay suicide case followup

सूरत. सरथाणा में पिछले बुधवार को अपने बच्चे को लेकर पत्नी के साथ इमारत की 12वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या करने वाला व्यापारी विजय वघासिया चार साल में आठ गुना रकम करने का झांसा देता था। वह पिछले तीन साल से दो स्कीम चला रहा था। उसने पहली स्कीम के तहत चार साल में चार बार 1.28 लाख रुपए जमा करने पर 40 लाख रुपए और दूसरी स्कीम के तहत एक बार 1.28 लाख रुपए देने पर चार साल बाद 10 लाख रुपए देने का प्रलोभन दे रहा था। दोनों स्कीम में 10-10 लोगों ने निवेश किया था। निवेश करने वालों में विजय के जान-पहचान वाले लोग ही ज्यादा था। कुछ महीने बाद ही इन स्कीम के तहत निवेशकर्ताओं को 5 करोड़ रुपए से ज्यादा देने थे। शायद इसी बात को लेकर विजय तनाव में था। हालांकि पुलिस ने इस बारे में अभी तक कुछ स्पष्ट नहीं कहा है।

धर्मेश ने पुलिस को बताया कि विजय ने कई लोगों से ब्याज पर कर्ज लिया था और कई लोगों को ब्याज पर कर्ज दिया भी था।

धोखाधड़ी: दो स्कीम में जमा कराए 60 लाख रुपए से ज्यादा
विजय वघासिया ने दो स्कीम के तहत 20 लोगों से लाखों रुपए जमा कराए। पहली स्कीम में 10 लोगों से 1.28 लाख एक बार के हिसाब से चार साल में चार बार में 5,120,000 रुपए जमा कराए। इसी तरह दूसरी स्कीम 10 लोगों से एक बार में 1.28 के हिसाब से 1,280,000 लाख रुपए जमा कराए। कुछ महीने बाद पहली स्कीम के तहत निवेशकों को 4 करोड़ रुपए थे। दूसरी स्कीम के तहत लगभग 1 करोड़ देने थे।

पूछताछ: उनके नाम नहीं बता रहा जिन्हें पैसे देने हैं
विजय का भाई धर्मेश वघासिया पुलिस को उन्हीं लोगों के नाम बता रहा है, जिनसे रुपए वापस लेने हैं। उन निवेशकों के नाम उसने अभी तक नहीं बताए हैं, जिनको पैसे वापस करने हैं। फिलहाल वे 20 निवेशक कौन हैं, इसके बारे में पुलिस तहकीकात कर रही है।

कई नंबरों से हुई लगातार बात
विजय वघासिया कॉल डिटेल से पुलिस को पता चला है कि कई नंबरों पर उसकी लगातार बात हुई है। अब पुलिस इन नंबरों को अलग-अलग कर उनके बारे में जांच करने जा रही है।

खरीदारी: स्कीम के एक साल बाद बुक किया फ्लैट
विजय ने जिस मेजिस्ट्रिका हाइट्स की 12वीं मंजिल से कूदकर आत्महत्या की उसमें दो साल पहले ही सवा करोड़ का फ्लैट बुक किया था। सवा करोड़ में उसने 70 लाख रुपए का लोन लिया था। एडवांस में करीब 55 लाख रुपए जमा किए थे। इसमें से करीब 47 लाख रुपए नकद थे। यह फ्लैट बुक करने के एक साल पहले ही पैसे आठ गुना करने की स्कीम शुरू की थी।

पूछताछ: उनके नाम नहीं बता रहा जिन्हें पैसे देने हैं
विजय का भाई धर्मेश वघासिया पुलिस को उन्हीं लोगों के नाम बता रहा है, जिनसे रुपए वापस लेने हैं। उन निवेशकों के नाम उसने अभी तक नहीं बताए हैं, जिनको पैसे वापस करने हैं। फिलहाल वे 20 निवेशक कौन हैं, इसके बारे में पुलिस तहकीकात कर रही है।

संदेह: आत्महत्या क्यों की अभी तक नहीं चल पाया पता
विजय ने अपने चार साल के बच्चे को साथ लेकर अपनी पत्नी के साथ आत्महत्या क्यों की इसका सही कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है। हालांकि उसकी पैंट की जेब से मिले सुसाइड नोट में लिखा था कि कर्ज और ब्याज से तंग आकर दे रहा हूं जान दे रहा हूं।

बरामद: क्रेडिट सोसाइटी के दफ्तर से मिली हिसाब-किताब की डायरी
पुलिस ने विजय की जायन क्रेडिट को-ऑपरेटिव सोसाइटी के दफ्तर पर पुलिस के जवानों का पहरा बिठा दिया था। शनिवार को पुलिस ने क्रेडिट सोसाइटी का ऑफिस खोला तो पता चला कि विजय वघासिया का अलग केबिन है, जहां वह बैठता था। केबिन से पुलिस को कई डायरी मिली हैं। इन डायरी में किसको कितने रुपए देने हैं, किससे लेने हैं यह सब हिसाब लिखा हुआ है।

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