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सूरत ने 221 शहीदों के फैमिली को दी 3.41 Cr की मदद, बदले में मिला वॉर टैंक

Dainik Bhaskar

Jan 26, 2018, 10:01 AM IST

रामकथा से इकट्ठे हुए 81 करोड़ बैंक में फिक्स डिपॉजिट किए गए।

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सूरत. सूरत के लोग देश के लिए बलिदान देने वाले वीर शहीदों के परिवार की मदद करने में हमेशा आगे रहे हैं। पिछले 19 वर्षों में गुजरात की आर्थिक नगरी ने 221 शहीदों के परिजनों का सम्मान करते हुए 3.41 करोड़ रुपए की सहायता की है। 1999 में कारगिल युद्ध में 12 जवान शहीद हुए थे। उन जवानों के परिवारों की सहायता और सम्मान करने के लिए सूरतियों ने जय जवान नागरिक समिति का गठन किया। यह समिति अपने गठन के समय से शहीद सैनिकों के परिवार वालों की मदद कर रही है। इस समिति के अलावा भी सूरतियों ने शहीद सैनिकों के परिजनों की मदद के लिए मारुति वीर जवान समिति का गठन किया है। इस समिति ने शहीदों के घर वालों के सहायतार्थ दिसंबर में मोरारी बापू की रामकथा का आयोजन किया। इस आयोजन से शहीदों के परिजनों की मदद के लिए 81 करोड़ की राशि इकट्ठा की गई।

सेना ने भेंट दी मिग और टैंक

जय जवान नागरिक समिति के प्रमुख कानजी भालाल ने बताया कि शहीद सैनिकों के परिवार वालों के सहायतार्थ सूरतियों द्वारा किए जा रहे कार्यों का संज्ञान लेते हुए भारतीय सेना ने शहर को पाकिस्तान के खिलाफ हुए युद्ध में उपयोग किए गए मिग 23 विमान और एक टैंक भेंट स्वरूप में दी है।

पिछले महीने हुई रामकथा में ही आ गए 81 करोड़ रुपए

मारुति वीर जवान समिति के प्रमुख नानू भाई सावलिया ने बताया कि रामकथा से इकट्ठे हुए 81 करोड़ रुपए को बैंक में फिक्स डिपॉजिट कर दिया गया है। इन पैसों पर मिलने वाले ब्याज से साल में दो बार शहीदों के परिवार वालों की सहायता की जाएगी। सूरत आगे भी शहीदों के परिजनों की मदद करता रहेगा।

आज मिलेगा आरपीएफ के कमिश्नर को पुलिस पदक
गणतंत्र दिवस के अवसर पर रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) के असिस्टेंट सिक्युरिटी कमिश्नर (एएससी) राकेश पांडे को भारतीय पुलिस पदक से सम्मानित किया जाएगा। हाल ही में उन्हें डीजी अवॉर्ड से भी सम्मानित किया गया था। पांडे रेलवे एक्ट के मामले समेत क्रिमिनल केस भी हैंडल कर चुके हैं। उनके ही प्रयासों से सूरत रेलवे स्टेशन पर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए और रेलवे की सीमा में किए गए अतिक्रमण हटाए गए।

सम्मान : शहर के दो पुलिसकर्मियों को मिलेगा राष्ट्रपति अवॉर्ड

शहर के दो पुलिसकर्मियों को राष्ट्रपति अवाॅर्ड के लिए चुना गया है। वहीं गुजरात पुलिस से 9 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राष्ट्रपति अवॉर्ड मिलेगा। इन सभी को गणतंत्र दिवस के अवसर पर सम्मानित किया जाएगा। सूरत के जिन दो पुलिसकर्मियों को इस पदक के लिए चुना गया है, उनमें से हेड कांस्टेबल मनोज साहेबराव राजपूत 2008 में शहर में हुए बम कांड की जांच कर रही कमेटी के सदस्य हैं। वह 1993 में पुलिस में भर्ती हुए थे और वर्तमान में क्राइम ब्रांच में कार्यरत हैं। दूसरे पुलिसकर्मी रमेश दुर्लभ भाई पटेल सिटी पुलिस की प्रिवेंस ऑफ क्राइम ब्रांच में हैं। रमेश पटेल ने कई वांछित आरोपियों को पकड़ा है।

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