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सोलर पावर से संचालित PHC वाला देश का पहला जिला बना सूरत, पंचायतों में भी लाग

15 फरवरी से प्रोजेक्ट शुरू, सोलर पावर के इस्तेमाल से स्वास्थ्य विभाग 30 प्रतिशत बिजली की बचत कर रहा है

Danik Bhaskar | Mar 27, 2018, 01:44 AM IST

सूरत. ग्लोबल वार्मिंग से निपटने और बिजली के क्षेत्र में आत्मनिर्भर होने के मामले में सूरत जिले के स्वास्थ्य अमले ने बड़ा कदम बढ़ाया है। जिले के सभी 52 प्राइमरी हेल्थ सेंटर (पीएचसी) में सोलर पैनल लगाए गए हैं। इससे यहां 30 फीसदी बिजली की बचत हो रही है।

सूरत जिला विकास अधिकारी के राजेश का दावा है कि सूरत देश का पहला जिला है, जिसके सभी पीएचसी खुद के सोलर पैनल से बिजली प्राप्त कर रहे हैं। हालांकि पीएचसी में सप्लाई होने वाली बिजली में 70 फीसदी सप्लाई पावर प्लांट से प्राप्त होती है, जबकि 30 फीसदी बिजली सोलर प्लांट से की जाती है।


इस तरह स्वास्थ्य विभाग 30% बिजली की बचत की जा रही है। के राजेश का कहना है कि उन्होंने पीएचसी को सोलर संचालित करने का काम 15 फरवरी से शुरू किया था। सभी पीएचसी अब संपूर्ण सोलर संचालित हैं प्रत्येक पीएचसी में महीने में 220 यूनिट तक की बचत की जा रही है। प्रत्येक पीएचसी पर सोलर पैनल पर 66,000 रुपए खर्च किए गए हैं।

ग्राम पंचायताें में भी सोलर एनर्जी को दिया जा रहा है बढ़ावा

सूरत जिले की 572 में से 150 ग्राम पंचायत सोलर पावर से संचालित कर दी गई हैं, जबकि बचे हुए 422 ग्राम पंचायतों में जल्द ही सोलर आधारित बिजली की सप्लाई शुरू कर दी जाएगी। इसके लिए पंचायत को 25 फीसदी राशि जिला पंचायत से दी जाती है, जबकि बाकी की राशि ग्राम पंचायत को खर्च करना पड़ता है। डीडीओ के राजेश ने बताया कि सरकारी ग्रांट के उपयोग से ग्राम पंचायतों और पीएससी को सोलर संचालित करने का काम किया जा रहा है। कुछ ही समय में जिले की सभी ग्राम पंचायत सोलर पावर से संचालित की जाएगी।