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सूरत जमीन का मामला: उद्योगपति गजेरा 6 दिनों की रिमांड पर

पुलिस ने 10 दिनों की रिमांड की मांग की थी, जिसे अदालत ने ठुकरा दिया।

Danik Bhaskar | Mar 22, 2018, 05:12 PM IST
अदालत ने 6 दिनों की रिमांड मंजूर की। अदालत ने 6 दिनों की रिमांड मंजूर की।

सूरत। वेसु की 18500 वर्गमीटर जमीन के संबंध में किसान वजुभाई मालाणी का वसंत गजेरा से विवाद चल रहा था। इस मामले में इसके पहले 29 सितम्बर 2017 को एसीपी द्वारा जांच कर अपराध दर्ज किया गया था, परंतु उमरा पुलिस ने मामला दर्ज नहीं किया। आखिर में वजुभाई हाईकोर्ट की शरण में गए। जहां अदालत ने गजेरा को गिरफ्तार करने का आदेश दिया। गुरुवार को कोर्ट में पेश किया गया…

हाईकोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने गजेरा को उनके घर से गिरफ्तार किया। गुरुवार को उन्हें अदालत में पेश किया गया, जहां अदालत ने गजेरा को 6 दिनों की रिमांड दी। पुलिस ने 10 दिनों की रिमांड की मांग की थी, जिसे अदालत ने ठुकरा दिया।

किस तरह से मामला बाहर आया

हाईकोर्ट में बिल्डर वसंत गजेरा ने जमीन पर अपना कब्जा बताने के लिए फेंसिंग, कम्पाउंड वॉल होना बताया। इसके अलावा उसकी बोगस मटेरियल खरीदी और मजदूरी चुकाने के वाउचर बनाकर हिसाबी बेलेंस सीट समेत कई सबूत वकील के माध्यम से दिए। हाईकोर्ट ने जब इन दस्तावेज की जांच की, तब उसमें कई खामियां दिखाई दी। इससे कोर्ट को यकीन हो गया कि सबूत झूठे हैं।

मूल मालिक ने जमीन दो बार बेची

करीब 100 करोड़ की वेसु की जमीन सर्वे नम्बर 482 जिसका नया सर्वे नम्बर 280 है। की 18500 वर्गमीटर जमीन वजुभाई मालाणी ने मूल मालिक सुभाषभाई लालजी भाई मुंशी से खरीदकर 27 नवम्बर 1990 में दस्तावेज अपने नाम करवा लिया। एक बार जमीन बेच दिए जाने के बाद भी मूल मालिक सुभाष मुंशी ने दूसरी बार इस जमीन को कांति मूलजी पटेल को 1 मई 2002 को फिर बेच दिया। कांति मूलजी ने इस जमीन को वसंत गजेरा को बेचने की पैरवी करने पर वजुभाई मालाणी ने समाज के वरिष्ठ सदस्यों के साथ गजेरा से भेंट की थी। इसके बाद भी गजेरा ने इस जमीन को 13 मार्च 2002 को कांति मूलजी से खरीद ली और दस्तावेज लेकर विवाद खड़ा कर दिया। आखिर में मामला जब कोर्ट में गया, तब सुभाष मुंशी ने कांति पटेल को दूसरी बार दिए गए दस्तावेज और कांति ने वसंत गजेरा को बेचने के दस्तावेज को 13 मार्च 2003 को रद्द कर दिया था। फिर ये मामला कोर्ट में गया था।

हाईकोर्ट ने गजेरा द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच कराई। हाईकोर्ट ने गजेरा द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों की जांच कराई।
मूल मालिक ने जमीन दो बार बेची, इसके बाद भी गजेरा ने जमीन के दस्तावेज अपने नाम कराए। मूल मालिक ने जमीन दो बार बेची, इसके बाद भी गजेरा ने जमीन के दस्तावेज अपने नाम कराए।