--Advertisement--

सूरत मेडिकल कॉलेज में 38 सीटें बढ़ीं, रोज लौट रहे 800 मरीजों को होगा फायदा

गुड न्यूज: एमडी, एमएस, पीडियाट्रिक और सर्जरी िवभाग में होंगे ज्यादा डॉक्टर

Danik Bhaskar | Mar 10, 2018, 02:02 AM IST

सूरत. सूरत गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एमडी, एमएस की 38 सीटें बढ़ी हैं। इनमें एमडी एनेस्थेसियोलॉजी में 7, एमडी पीडियाट्रिक में 2, जरनल मेडिसिन में 12, पल्मोनरी मेडिसिन में 4, एमएस आर्थोपेडिक्स में 6 और एमएस सर्जरी में 7 सीटें शामिल हैं। जल्द ही मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के निर्देशानुसार इसे मंजूरी मिल जाएगी। देशभर में डॉक्टरों की कमी को देखते हुए केंद्र सरकार ने मेडिकल कॉलेजों में सीटें बढ़ाने का फैसला किया है। सीटें बढ़ने से सिविल अस्पताल में रेजिडेंट डॉक्टरों की संख्या में वृद्धि होगी और मरीजों को राहत मिलेगी।

राज्य के सूरत मेडिकल कॉलेज, सूरत म्युनिसिपल इंस्टिट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (स्मीमेर), एमपी शाह गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज, जामनगर और मेडिकल कॉलेज बड़ौदा में 66 सीटें बढ़ी हैं। इससे पहले सूरत मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस की 100 सीटें बढ़ी हैं।

रेजिडेंट डॉक्टरों की संख्या बढ़ेगी

सिविल में रोजाना 3200 की ओपीडी है। यह संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है। डॉक्टरों की कमी और ओपीडी का समय निर्धारित होने के कारण मेडिसिन, स्किन रोग, ऑर्थो, पीडियाट्रिक, गायनिक, ईएनटी, सर्जरी और टीबी चेस्ट के लगभग 800 मरीज बिना इलाज के लौट जाते हैं। 38 सीटें बढ़ने से रेजिडेंट डॉक्टरों की संख्या बढ़ जाएगी। जिससे लौट रहे मरीजों का इलाज हो पाएगा।

मेडिसिन में 9 से बढ़कर 21 सीटें
एनेस्थेसियोलॉजी और सर्जरी में 7-7 सीटें बढ़ी हैं। इससे दो साल पहले बने 6 ऑपरेशन थियेटर शुरू हो जाएंगे। स्टाफ की कमी से अभी तक ये बंद पड़े हैं। सिविल में रोज 150 से 200 छोटे बढ़े ऑपरेशन होते हैं, जबकि 50 से अधिक ऑपरेशन पेंडिंग रह जाते हैं।