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ये है सूरत की सबसे पहली रजिस्टर्ड गन्ने के जूस की दुकान, विरासत में मिली फोटोग्राफी से कैमरे में कैद की थी यहां की बर्बादी

झापा बाजार में गन्ने के रस की दुकान चलाने वाले जुजेर रसवाला के दादा ने भी खींची हैं 1959 में तापी में आई बाढ़ की तस्वीरें

अश्विनी सोनवणे | Last Modified - Apr 05, 2018, 08:16 AM IST

  • ये है सूरत की सबसे पहली रजिस्टर्ड गन्ने के जूस की दुकान, विरासत में मिली फोटोग्राफी से कैमरे में कैद की थी यहां की बर्बादी
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    इस दुकान में लगे हैं सूरत की बाढ़ के फोटोज।

    सूरत.शहर के झापा बाजार में सबसे पुरानी 107 साल से गन्ने के जूस की दुकान चलाने वाले एक परिवार की तीन पीढ़ियों को फोटोग्राफी विरासत में मिली है। इस परिवार की तीनों पीढ़ियों ने 1959 से अब तक तापी नदी में आई पांच बाढ़ की तस्वीरें खींची हैं। इन तस्वीरों को उन्होंने आज तक संभालकर रखा है। बाढ़ की तस्वीर एक ही दीवार पर फ्रेम कर लगाई गई है। झापा बाजार के सैफी मोहल्ला में रहने वाले जौहर भाई अपने घर के पास ही गन्ने के जूस की दुकान चलाते हैं। 1998, 2004 और 2006 के फोटो भी रखे हैं संभालकर...

    इस दुकान में उन्होंने खींची गई बाढ़ की तस्वीरों को फ्रेम करके रखा है। इस दुकान को कभी जौहर भाई के दादाजी चलाया करते थे। जोहर भाई के पिता दाउदी रसवाला फोटोग्राफी के शौकीन थे। 1959 में सूरत में बाढ़ आई तो उन्होंने घूम-घूमकर बाढ़ प्रभावित इलाकों की तस्वीरें खींची। जौहर भाई को भी फोटोग्राफी विरासत में मिली। उन्होंने 1968 में आई बाढ़ के फोटो खींचे। मजे की बात यह है कि जौहर भाई के पुत्र जूजेर रसवाला को भी अपने पिता से ये शौक विरासत में मिला। जब 1998, 2004 और 2006 में बाढ़ आई तो जुजेर भाई अपना कैमरा लेकर बाढ़ ग्रस्त इलाकों की तस्वीर लेने निकल पड़े। जुजेर भाई बताते हैं कि तस्वीर लेने के चक्कर में पुलिस के डंडे भी खाए। गन्ने की दुकान की दीवारों पर सभी बाढ़ की तस्वीरें डिटेल के साथ लगी हुई हैं।

    खास: सबसे पुरानी गन्ने के रस की दुकान

    जौहर भाई दावा करते हैं कि दिलखुश रस की दुकान सूरत की सबसे पहली रजिस्टर्ड गन्ने की दुकान है। उनके परिवार की तीन पीढ़ियां इस दुकान को चला चुकी हैं। अब चौथी पीढ़ी इस दुकान को संभाल रही है। गन्ने का जूस निकालने वाली मशीन की खासियत यह है कि इस पर 107 साल से जंग नहीं लगा है।

    मनाही: नहीं खींचने देते दुकान की फोटो

    जोहर भाई अपनी दुकान में लगी फोटो गैलरी की तस्वीरों के फोटो किसी को भी मोबाइल से खींचने नहीं देते। जौहर भाई के बेटे जुजेर भाई ने बताया कि यह कलेक्शन उनकी तीन पीढ़ियों के फोटोग्राफी के प्रति जुनून का नतीजा है। कोई इसकी तस्वीर मोबाइल से खींचे और उसे वायरल करे, यह उन्हें पसंद नहीं है।

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    सूरत की बाढ़ के फोटोज।
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