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बच्चे चॉकलेट और मिठाई खा रहे हैं तो सावधान! बच्चों में मुंह के कैंसर के दिख रहे हैं लक्षण

सिविल के दंत विभाग में बच्चों मुंह कैंसर के लक्षण दिखाई दे रहे, हालांकि सभी खतरे से बाहर हैं

सूर्यकांत तिवारी | Last Modified - Apr 01, 2018, 04:34 AM IST

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    सूरत. यूं तो चॉकलेट और मिठाई हर बच्चे की पहली पसंद होती है, लेकिन आपका बच्चा अगर इन चीजाें को ज्यादा खा रहा है तो सावधान हो जाइए। सिविल अस्पताल में इन दिनों बच्चों में मुंह के कैंसर के मामले बहुत तेजी से बढ़ रहे हैं, जिनका कारण डॉक्टर इन्हीं चॉकलेट और मिठाई को मान रहे हैं।

    - डॉक्टर बताते हैं कि अक्सर बच्चे चॉकलेट और मिठाई खाने के तुरंत बाद सो जाते हैं। इससे उनके दांत सड़ जाते हैं। अगर लम्बे समय तक इसका इलाज नहीं किया जाए तो इससे क्रॉनिक इंफेक्शन के बाद मसूड़ों में कैंसर सेल जेनरेट होने लगते हैं। इसके कई मामले सिविल अस्पताल में देखे जा रहे हैं। हालांकि डॉक्टरों का मानना है कि प्रथम चरण का कैंसर होने के नाते बहुत खतरे की बात नहीं है। लेकिन, पिछले कुछ महीनों से डेंटल डिपार्टमेंट में यह ध्यान दिया जा रहा है कि एक से दो साल तक सड़े हुए दांत का इलाज नहीं हुआ है तो कैंसर के लक्षण पाए जा रहे हैं।

    - डॉक्टर बताते हैं कि इसे पूर्ण रूप से कैंसर तो नहीं कहा जा सकता, लेकिन कैंसर के लक्षण जरूर हैं। इसको लेकर कई डॉक्टरों और विशेषज्ञों में मतभेद हैं। सिविल में ऐसे केस आने से मामला गंभीर हो गया है।

    - डेंटल विभाग के हेड ऑफ डिपार्टमेंट डॉ. गोनवंत परमार ने कहा कि बच्चों में दांतों के सड़ने के मामले अधिक आते हैं। लगभग 100 केस में एक या दो मामले ऐसे आ रहे हैं, जिनमें कैंसर के मामले देखे जा रहे हैं। एक से दो साल तक इलाज नहीं हुआ तो क्रॉनिक इंफेक्शन हो जाता है और धीरे-धीरे पल्स बनने लगते हैं।

    कमजोर बच्चों पर संकट

    डॉ. परमार ने बताया कि अस्पताल में रोजाना कई ऐसे मामले आते हैं, जिसमें अधिकतर बच्चे बहुत कमजोर होते हैं। ज्यादातर कमजोर इम्युनिटी और लिक्यूमिया के पेशेंट हैं। फिलहाल अस्पताल में ऐसे कम ही केस आए हैं।

    टाटा में नहीं आ रहे केस

    मुंबई स्थित कैंसर अस्पताल टाटा मेमोरियल में ओरल कैंसर के मामले अभी तक नहीं आए हैं। बाल कैंसर विशेषज्ञ डॉ. बनावली ने बताया कि ऐसी संभावना हो सकती है, लेकिन अभी तक मैंने ऐसे केस नहीं देखे।

    जांच व इलाज है जरूरी
    डेंटल विभाग के डॉक्टरों का कहना है कि बच्चों में दांत सड़ने के मामले अगर हैं, तो जल्द ही जांच और इलाज कराएं। हो सके तो बच्चों को चॉकलेट और मिठाई खाने के बाद ब्रश कराएं। डॉ. परमार ने कहा बच्चों के दांत टूटना आम बात है। टूटे हुए दांत के मसूड़े बार-बार जख्मी होते रहते हैं, जिससे अल्सर बन जाता है।

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