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सवाल का जवाब नहीं देने पर टीचर ने दौड़ा-दौड़ाकर पीटा, 3 घंटे तक बेहोश रहा बच्चा

सवाल का जवाब नहीं बता पाने पर शिक्षक ने बच्चे को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने का मामला सामने आया है।

Danik Bhaskar | Mar 16, 2018, 05:00 AM IST

सूरत. सवाल का जवाब नहीं बता पाने पर शिक्षक ने बच्चे को दौड़ा-दौड़ा कर पीटने का मामला सामने आया है। बच्चा को टीचर ने इतनी बुरी तरह से पीटा की वो तीन घंटे तक बेहोश रहा। जिसके बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया। स्कूल की प्रिंसिपल शिक्षक पर कार्रवाई करने की बजाय बच्चे की ही गलती बता रही हैं। वहीं आरोपी शिक्षक के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। कहां का है मामला...

- यह घटना मनपा शिक्षण समिति के स्कूल क्रमांक 113 की है। मयूर वाघ यहां 8वीं में पढ़ता है। इस स्कूल के ट्रस्टी बिजनेसमैन गोविंदभाई ढोलकिया हैं।

- ढोलकिया का कहना है कि स्कूल में आरोपी उमेश गाबाणी की नियुक्ति अतिरिक्त शिक्षक उमेश गाबाणी के रूप में की गई है।

- जब इस घटना की जानकारी शिक्षण समिति के चेयरमैन हसमुख भाई पटेल और स्कूल के ट्रस्टी गोविंदभाई ढोलकिया को हुई तो वे अस्पताल में बच्चे से मिलने गए।

इतना पीटा कि मुझे कुछ दिखाई नहीं पड़ रहा था

- मयूर को जब तीन घंटे बाद स्मीमेर अस्पताल में होश आया तो उसने बताया, मैं अपने दोस्त से बात कर रहा था। इस पर उमेश सर को गुस्सा आ गया। उन्होंने मुझे पीटा और क्लास से बाहर चले जाने को कहा। मैं बाहर चला गया तो उन्होंने फिर क्लास में बुलाया और सवाल पूछने लगे। जब मैं जवाब नहीं दे पाया तो मुझे फिर पीटने लगे।

- मेरी क्लास टीचर अंकिता मेम ने मुझे बचाया। उन्होंने उमेश सर का हाथ पकड़कर धक्का दे दिया। जब मैं प्रिंसिपल से शिकायत करने जाने लगा तो उमेश सर ने मुझे पीछे से दौड़ाकर पकड़ लिया और फिर पीटने लगे। मुझे थोड़ी देर के लिए कुछ दिखाई नहीं पड़ा। दोस्तों ने घर तक पहुंचाया। उमेश सर बहुत गुस्सा करते हैं। हमेशा किसी न किसी बच्चे को पीटते रहते हैं।

पिता: साथी छोड़ने आए थे, घर पहुंचते ही बेहोश हुआ
- वेड रोड के पास प्राणनाथ सोसाइटी में रहने वाले मयूर वाघ के पिता रमेश भाई वाघ सिक्युरिटी गार्ड की नौकरी करते हैं। रमेश भाई ने बताया, मैं ड्यूटी पर था।

- दोपहर 1 बजे मयूर के कुछ साथी उसे घर तक छोड़ने आए। उसकी हालत इतनी खराब थी कि वह घर पहुंचते ही बेहोश हो गया।

- मयूर के साथियों ने उसकी मां को बताया कि उसे शिक्षक उमेश गाबाणी ने बहुत मारा है। मयूर की मां ने मुझे फोनकर उसकी हालत के बारे में बताया।

- मैंने एंबुलेंस 108 को फोन किया। उसके बाद उसे स्मीमेर अस्पताल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में मयूर को करीब 3 घंटे बाद होश आया।

शिक्षक ने माफी मांगी

- स्कूल की प्रिंसिपल श्वेता पंचोली ने कहा कि शिक्षक की कोई गलती नहीं है। बच्चा जब तक स्कूल में था अच्छा था, इसलिए माता-पिता को जानकारी नहीं दी।

शिक्षक ने माफी मांग ली है। बच्चे की गलती है। शिक्षक उमेश गाबाणी ने कहा, मैंने बच्चे को इतना नहीं मारा कि वह बेहोश हो जाए। उसे क्लास से बाहर जाने के लिए कहा तो उसने मुझे गाली दी।

तो होगी शिक्षक पर कार्रवाई
- शिक्षण समिति के अध्यक्ष हसमुख पटेल ने कहा कि बच्चे को मारने वाला शिक्षक समिति का नहीं है। घटना की जांच की जाएगी। गलती मिली तो शिक्षक पर कार्रवाई की जाएगी। शिक्षक संघ के प्रमुख रमेश परमार ने कहा कि बाहर के शिक्षकों द्वारा गरीब बच्चों अत्याचार किया जा रहा है।