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भावनगर: रेस की होड़ में 70 बारातियों से भरा ट्रक पुल से गिरा, 31 की मौत

दूल्हे के माता-पिता और बहन की भी मौत, ढाई घंटे बाद दूल्हे ने रोते हुए लिए फेरे

Danik Bhaskar | Mar 07, 2018, 05:54 AM IST

भावनगर. गुजरात के भावनगर-राजकोट हाईवे पर रंघोला गांव के पास मंगलवार सुबह 7.30 बजे हुए सड़क हादसे में 31 बारातियों की मौत हो गई। 30 घायल हैं। 26 लोगों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। मृतकों में 12 महिलाएं हैं। हादसे की वजह दो ट्रकों में रेस की होड़ बताई जा रही है, जिसके कारण 70 बारातियों से भरा एक ट्रक बेकाबू होकर पुल से 22 फीट नीचे गिर गया। हताहतों में आठ गांवों के लोग शामिल हैं। अधिकांश पीड़ितों की मौत ब्रेन हैमरेज से हुई। दूल्हे के माता-पिता-बहन सहित दादा, चचेरे भाई-बहन, बहन-बहनोई और भांजे के साथ ही नौ निकट परिजनों की भी मौत हो गई। सभी लोग अनिडा गांव निवासी विजय वाघेला की बारात में टाटम गांव जा रहे थे। दूल्हा भी ट्रक में ही बारात के साथ जाने वाला था, लेकिन अंतिम क्षणों में कार की व्यवस्था हो जाने से वह बच गया। ढाई घंटे बाद दूल्हे ने रोते हुए फेरे लिए।

4-4 लाख की मदद का ऐलान

विधानसभा के बजट सत्र के दौरान मंगलवार को सदन में हादसे की जानकारी दी गई। मृतकों के निकट परिजनों को चार-चार लाख रुपए की सहायता और घायलों के इलाज का खर्च उठाने का सरकार ने ऐलान किया है। संत मोरारी बापू ने भी पीड़ितों की मदद के लिए पहल की है। श्रद्दांजलि अर्पित करते हुए पांच-पांच हजार रुपए देने का ऐलान किया। रंगोला ट्रक हादसे में हताहत लोग आठ गांवों के हैं। ये अनिडा निवासी परिवार के बेटे की शादी के लिए इकठ्‌ठे हुए थे। अनिडा के अलावा वरल, सिहोर, सीदसर, खरकडी, तलाजा, सांढीडा, भीकडा।


संकरा पुल आते ही बेकाबू ट्रक 22 फीट नीचे जा गिरा

- इस हादसे के चश्मदीद दशरथ सिंह गोहिल ने बताया, ''भावनगर की तरफ से दो ट्रक राजकोट की ओर जा रहे थे। फोर-लेन रोड पर दोनों ट्रक के बीच एक-दूसरे से आगे निकलने की रेस लगी हुई थी। एक-दूसरे को ओवरटेक करने की होड़ में संकरे पुल में घुस गए। इस संकरे पुल से एक ही ट्रक गुजर सकता था। बारातियों को लेकर जा रहा ट्रक अनियंत्रित होकर रेलिंग तोड़ता हुआ सड़क से 22 फुट नीचे जा गिरा। समय सुबह लगभग 07:25 बजे का था। मैं होटल के बाहर कुर्सी पर बैठा था। दूर से ट्रक परस्पर रेस करते हुए मेरी आंखों के सामने संकरे पुल में घुसे। बारातियों वाले ट्रक का चालक नियंत्रण खो बैठा। इसी समय ट्रक में सवार बाराती एक ओर झुक गए जिससे पूरे ट्रक का संतुलन बिगड़ा और ट्रक पुल से नीचे जा गिरा। इस पुल को चौड़ा करने का काम चल रहा है जिससे पुल के नीचे का स्ट्रक्चर आरसीसी है-बाराती इसी पर गिरे। मैं तुरंत ही सहयोगी कुलदीप सिंह, सामने गैरेज वालों के साथ दौड़ कर पुल के नीचे पहुंचे। जहां चीख-पुकार ही सुनाई दे रही थी। तुरंत तो कुछ सूझा ही नहीं कि कैसे मदद करें-कैसे बाहर निकालें। ट्रक गिरने की आवाज सुन कर समीप के गांव वाले भी दौड़ कर घटनास्थल पर आ गए। दुर्घटनाग्रस्त हुआ ये ट्रक दो पिलर के बीच फंसा था, इसलिए क्रेन भी काम नहीं आई। ग्रामीणों की मदद से हम-सबने जैक लगा कर-ट्रक को उठाया। हताहतों को बाहर निकाला। जीकाभाई के वाहनों में इन्हें रख कर सिहोर-टींबी एवं भावनगर भेजा। 108 भी इसी बीच पहुंच गई। ट्रक से हमने 7 महीने के बच्चे को घायल अवस्था में बाहर निकाला। हालांकि इस नवजात ने इलाज मिलने से पहले ही हमारी गोद में दम तोड़ दिया।''