सूरत

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पहले ही दिन उधना-छपरा ट्रेन का किराया 6 हजार रुपए के पार, यात्री निराश

एसी का 5 हजार के ऊपर पहुंचा स्लीपर का 2500, रेग्युलर में बुकिंग बंद

Danik Bhaskar

Mar 13, 2018, 06:21 AM IST

सूरत. उत्तर भारतीय यात्रियों को राहत देने के लिए पश्चिम रेलवे ने भले ही उधना-छपरा विशेष ट्रेन चलाने का निर्णय लिया है, लेकिन जिस तरह इस ट्रेन का किराया आसमान छू रहा है उससे यात्रियों में इस ट्रेन को लेकर विशेष उत्साह नहीं दिख रहा है। ऐसे में रेलवे द्वारा शुरू की गई इस विशेष ट्रेन के औचित्य पर प्रश्न खड़े हाे रहे हैं।


दरअसल सूरत और आस पास के इलाकों में रहने वाले लाखों उत्तर भारतीय यात्रियों के लिए पश्चिम रेलवे ने उधना से छपरा के बीच 15 अप्रैल से विशेष ट्रेन चलाने का एलान किया है, जिसकी बुकिंग 12 मार्च से शुरू हो गई है, लेकिन पहले ही दिन किराया आसमान छूने लगा है। आलम यह है कि इस विशेष ट्रेन के स्लीपर का किराया 2 हजार रुपए तक पहुंच गया है, जबकि एसी का टिकट 5000 में मिल रहा है। विशेष किराए के साथ चलाई जाने वाली इस ट्रेन में आम यात्रियों को टिकट लेने में पसीने छूट रहे हैं।

यात्रियों का कहना है कि रेलवे उत्तर भारतीय यात्रियों पर एक तरफ अनुकंपा के नाम पर ट्रेन चलाकर वाहवाही लूटती है तो दूसरी तरफ उनकी जेब भी काट रही है। यात्रियों का कहना है कि रेलवे सच में अगर उनकी हितैषी है तो कम किराए पर ट्रेन चलानी चाहिए, ताकि आम यात्री इसका फायदा उठा सकें।

उदासीनता: एसी-2 व एसी-3 कोच के लिए नहीं मिल रहे हैं यात्री
आमतौर पर उत्तर भारत को जाने वाली ट्रेनों की सीटें एक झटके में ही फुल हो जाती हैं, फिर वह चाहे एसी-2 और एसटी-3 टायर की ही बुकिंग क्यों न हो। लेकिन उधना-छपरा विशेष ट्रेन की बुकिंग सोमवार को जब शुरू हुई तो एसी का किराया 4500 से 5900 तक पहुंच गया। इसकी वजह से कई यात्री बुकिंग काउंटर से वापस आ गए।

नंदुरबार से छिंवकी जाने के लिए बुकिंग काउंटर पर गए हरिदर्शन मिश्रा एसी-3 टीयर का टिकट लेना चाहते थे, लेकिन किराया 4 हजार से ज्यादा होने के कारण वापस लौट आए। उन्होंने कहा कि रेलवे यात्रियों को लूटने के लिए विशेष ट्रेन चला रही है न कि सुविधा देने के लिए। इस तरह सैकड़ों यात्री काउंटर से वापस आ गए। जबकि रेलवे की साइट पर इस ट्रेन में टिकट उपलब्ध है। वहीं स्लीपर का किराया ढाई हजार के आसपास पहुंच गया है।

सूरत से जाने वाली रेगुलर ट्रेनों में सीट ही नहीं

उत्तर भारत की ट्रेनों में भीड़ का अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि अप्रैल में सूरत से चार रेग्युलर ट्रेनों की बुकिंग बंद हो चुकी है। इन ट्रेनों से यात्रा करने वाले यात्रियों को टिकट विंडो से निराश लौटना पड़ रहा है। ताप्ती गंगा, उधना-दानापुर जैसी ट्रेनें रिग्रेट हो चुकी हैं और उधना-छपरा विशेष ट्रेन का किराया हवाई किराए के बराबर हो चुका है।

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