सूरत

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हीरा लूट में BMW और एंडेवर कार का इस्तेमाल, पिस्तौल वडोदरा में मिली

लूट में सात नहीं 14 आरोपी थे शामिल, यूपी से 6 गिरफ्तार, 6 की तलाश जारी

Danik Bhaskar

Mar 27, 2018, 01:49 AM IST

सूरत. कतारगाम की ग्लो स्टार हीरा कंपनी के कर्मचारियों से की गई 20 करोड़ रुपए हीरा लूट मामले में सूरत पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मेरठ और मुजफ्फरपुर से 6 और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनको गिरफ्तार करने में उत्तर प्रदेश की स्पेशल टास्क फोर्स की मदद ली। पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि लूट में 7 नहीं बल्कि 14 लोग शामिल थे। अभी भी इस वारदात में शामिल 6 आरोपियों को गिरफ्तार करना बाकी है। पुलिस ने बताया कि लूट में सिर्फ ईको कार का ही इस्तेमाल नहीं बल्कि बीएमडब्ल्यू और इंडेवर जैसी महंगी कार का भी इस्तेमाल किया था, जिसको रिकवर करना अभी बाकी है।


14 मार्च की शाम 7.15 बजे ग्लो स्टार कंपनी के कर्मचारी कतारगाम में सेफ डिपॉजिट में 2200 कैरेट हीरे रखने जा रहे थे तभी कुछ लुटेरों ने उनपर हमला कर 20 करोड़ के हीरे लूट लिए थे। इस मामले में क्राइम ब्रांच ने शुरू में मुख्य आरोपी अर्जुन उर्फ अरविंद पांडे और मानवेन्द्र उर्फ मनीष ठाकोर को गिरफ्तार किया था। उनसे लूटे गए हीरे पुलिस पहले ही बरामद कर चुकी है। रिमांड के दौरान दोनों आरोपियों ने पुलिस को कोई ठोस जानकारी नहीं दी थी।

उस समय पुलिस ने बताया कि इस वारदात में कुल 7 लोग शामिल हैं। हालांकि क्राइम ब्रांच की जांच जारी रही। इसी बीच उन्हें जानकारी मिली कि लूट में शामिल कुछ लोग पश्चिमी यूपी के मेरठ और मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं। इसके लिए क्राइम ब्रांच ने यूपी स्पेशल टास्क फोर्स से मदद मांगी। टास्क फोर्स की मदद से क्राइम ब्रांच ने आरोपी सत्येन्द्र महक सिंह जाट (निवासी- बागपत), प्रदीप उर्फ मोनू धरम सिंह गुज्जर (निवासी- मेरठ), सुनीत उर्फ सुमित सुखपाल (निवासी- मेरठ), राजू उर्फ चोचू जितेन्द्र सिंह गुज्जर (निवासी- मेरठ), उपेंद्र राजेन्द्र जाट (निवासी- बागपत) और सोनू सुरेन्द्र सिंह गुज्जर (निवासी- मेरठ) को गिरफ्तार किया।

लूट में इस्तेमाल की गई बीएमडब्ल्यू भी आजाद की

लूट में इस्तेमाल की गई बीएमडब्ल्यू कार आरोपी आजाद खान की है। जबकि इंडेवर कार आरोपी अर्जुन की है। आजाद कई सालों से सूरत में रह रहा है, लेकिन किसी को उसके पते की जानकारी नहीं है।

लूट व मम्मू पर फायरिंग में एक ही पिस्तौल का इस्तेमाल

पकड़े गए आरोपियों ने पुलिस को बताया कि आजाद खान पठान के कहने पर मम्मू मियां पर फायरिंग की गई थी। उस फायरिंग में जिस पिस्तौल का इस्तेमाल हुआ था उसी पिस्तौल से 20 करोड़ की लूट में भी फायरिंग की गई थी।

अर्जुन के कहने पर मोहित व आजाद ने की थी रेकी
आरोपियों ने बताया कि मुख्य आरोपी अर्जुन के कहने पर मोहित और आजाद ने लूट से पहले जगह की रेकी की थी। उसके बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश से साथियों को बुलाया। घटना के दिन सीसीटीवी कैमरे में जो लुटेरे दिख रहे हैं वे उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार प्रदीप उर्फ मोनू, सुनीत कुमार उर्फ सुमीत और राजू उर्फ चोचू थे। घटना के बाद सारे आरोपियों ने हीरे अर्जुन को देकर अलग-अलग रास्ते से उत्तर प्रदेश भाग गए। आरोपी सतेन्द्र, प्रदीप उर्फ मोनू, सुनीत कुमार और राजू घटना के बाद हथियार के साथ सूरत बस स्टेशन गए थे। वहां से वे वडोदरा गए। वहां प्रदीप ने पिस्तौल रेलवे स्टेशन से आगे एमएस यूनिवर्सिटी में फेंक दिया था। वडोदरा पुलिस को वह पिस्तौल लावारिस मिलने पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज किया था।

मम्मू मिया हांसोटी पर भी इसी गैंग ने की थी फायरिंग

25 दिसंबर को चौक बाजार में मोहम्मद हुसैन उर्फ मम्मू मियां चांद मोहम्मद हांसोटी पर फायरिंग हुई थी। इसकी एफआईआर लालगेट थाने में दर्ज है। इसमें आरोपी अंकित ने अन्य के साथ मिलकर आजाद खान पठान के कहने पर फायरिंग की थी। आजाद ने इसकी सुपारी ली थी। आजाद के पकड़े जाने के बाद ही पता चलेगा कि सुपारी किसने दी थी।

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