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विरोध के लिए दूध की बर्बादी; चेतावनी- निपटारा नहीं तो पूरे नगर का करेंगे दुग्धाभिषेक

वढवाण में दूध का सही भाव न मिलने पर पशुपालकों ने रास्ते पर दूध बहाकर किया विरोध

Danik Bhaskar | Mar 31, 2018, 05:39 AM IST

सुरेन्द्रनगर/सुरत. शुक्रवार को सुरेन्द्रनगर के वढवाण में पशुपालकों ने इस तरह अपना विरोध दर्ज करवाया। ऐसा कर दूध का उचित भाव मिलने की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि- दो दिन में इस मुद्दे का समाधान न होने की स्थिति में पूरे सुरेन्द्रनगर का दूग्धाभिषेक करेंगे। दूध का कम भाव मिलने पर मालधारी विकास संगठन गुजरात और सुरेन्द्रनगर मालधारी युवा संगठन ने कड़ा विरोध किया। सूरसागर डेयरी द्वारा पशुपालकों को दूध का सबसे कम भाव दिया जाता है। प्रचंड गर्मी में घास-चारा महंगा होने के कारण पशुपालक डेयरी का विरोध कर रहे हैं।

शुक्रवार को वढवाण मार्केटिंग यार्ड के चौराहे पर पशुपालक रमेशभाई देसाई, करनभाई देसाई, हरीभाई भरवाड़, सतीषभाई गमारा आदि ने दूध के चार कैन करीबन 200 लीटर दूध फेंक कर विरोध किया। पशुपालकों का कहना है कि गुजरात की अन्य डेयरी की तुलना में उन्हें दूध का कम भाव मिल रहा है। दो दिन में समस्या हल न होने पर पूरे सुरेन्द्रनगर में दुग्धाभिषेक करने की चेतावनी दी है। विरोध प्रदर्शन में गुजरात मालधारी विकास संगठन और सुरेन्द्रनगर मालधारी युवा संगठन के पदाधिकारी और पशुपालक शामिल हुए।

यह गलत बात है

अपने हक के लिए लड़ना आपका हक है। विरोध का रास्ता अख्तियार करने का आपका अधिकार है, पर रास्ते पर इस प्रकार से दूध फेंकने को उचित नहीं कहा जा सकता है। विरोध के नाम पर हम इस तरह दूध का अपमान कैसे कर सकते हैं! एक ओर गुजरात में जहां हजारों बच्चे कुपोषण से मर रहे हैं वहीं दूसरी ओर हम विरोध के नाम पर रास्ते पर दूध फेंक कर बर्बाद कर रहे हैं आखिर क्यों? विरोध करने के और भी कई तरीके हैं। यह दूध गरीब या असहाय बच्चों में बांटा भी जा सकता था। अनाथ आश्रम या वृद्धाश्रम में जाकर बांटा जा सकता था। इससे किसी गरीब का पेट भी भरता और उसके आशीर्वाद से अापका विरोध भी सार्थक हो जाता।

सुरेन्द्रनगर में सबसे ज्यादा भाव सूरसागर डेयरी देती है
दूध की कैपीसिटी बढ़ने के कारण अमूल फेडरेशन डेयरी को गांधीनगर में दूध लेने में परेशानी हो रही है। सौराष्ट्र के कई दुग्ध संघ एक दिन का ऑफ देते हैं। जबकि सूरसागर डेयरी में दूध का संपादन लगातार चालू रहता है। सुरेन्द्रनगर जिला दूध संघ प्रति किलो फेट पर 570 रुपए चुकाती है। डेयरी 7.25 लाख किलो दूध का उत्पादन कर 1.32 लाख पशुपालकों की लगातार चिंता करती है।
- बाबा भरवाड़, चेयरमैन, सूरसागर डेयरी